{"_id":"667c3a258ee87e0c450adbeb","slug":"administration-will-write-a-letter-to-fcr-to-declare-fire-incidents-in-industries-as-disasters-sonipat-news-c-197-1-snp1003-120253-2024-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: उद्योगों में आग की घटनाओं को आपदा घोषित करने के लिए एफसीआर को पत्र लिखेगा प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: उद्योगों में आग की घटनाओं को आपदा घोषित करने के लिए एफसीआर को पत्र लिखेगा प्रशासन
Wed, 26 Jun 2024 10:00 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 26 Jun 2024 10:00 PM IST
विज्ञापन
सोनीपत के लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक लेते उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार। स्रोत: सूचना विभाग
सोनीपत। विभिन्न उद्योगों में आग लगने की घटनाएं काफी दुखद हैं और जिला प्रशासन इन्हें आपदा घोषित करने के लिए राजस्व विभाग के वित्त आयुक्त (एफसीआर) को पत्र लिखेगा। सभी उद्योगों का सुरक्षा ऑडिट भी करवाया जा रहा है। अगर कहीं भी लापरवाही मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह बात उपायुक्त डाॅ. मनोज कुमार ने लघु सचिवालय में बुधवार को उद्योगों से जुड़े विभागों के साथ समीक्षा बैठक में निर्देश देते हुए कही।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों की मृत्यु हुई है और वह श्रमिक फैक्टरी एक्ट के तहत पंजीकृत हैं तो उन्हें मुआवजा दिया या नहीं यह सुनिश्चित किया जाए। जो पंजीकृत नहीं थे और मदद के दौरान मृत्यु हुई है तो उनकी मदद किस विभाग से और किस तरह से की जाए इसके लिए भी रास्ता निकाला जाए। कुछ घायलों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों में ले जाया गया था। इन सभी घायलों का बिल आयुष्मान भारत योजना के तहत तय दरों पर लिया जाए। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर को उन्होंने इसके लिए सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने रेडक्राॅस सोसाइटी के सचिव गौरव रामकरण को निर्देश दिए कि वह सभी घायलों के बिलों का भुगतान करवाए। अगर जिला रेडक्राॅस सोसाइटी से दिक्कत आती है तो इसके लिए राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी को उनकी तरफ से पत्र लिखा जाए। जरूरत पड़ी तो सीएसआर से मदद लेकर भी घायलों की मदद करेंगे। हादसे में अगर किसी का कोई अंग-भंग हुआ है तो इसके लिए सीएमओ एक कमेटी बनाकर रिपोर्ट देंगे ताकि उन्हें मदद दिलवाई जा सके। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र लिखकर मदद करने के लिए निर्देश दिए।
बायलर ऑपरेटरों की काफी कमी
उपायुक्त ने कहा कि आग लगने से संबंधित काफी ज्यादा शिकायतें आ रही हैं। श्रमिक काफी ज्यादा खतरनाक स्थिति में काम कर रहे हैं। ऐसे में सभी उद्योगों का सुरक्षा ऑडिट संबंधित विभागों की ओर से किया जाए और सुरक्षा से संबंधित सभी मानकों को सुनिश्चित किया जाए। बैठक में सामने आया कि कुछ बायलर ऑपरेटरों की काफी कमी है, इसलिए एक ऑपरेटर कई कंपनियों में काम करता है और अप्रशिक्षित ऑपरेटरों से काम लिया जाता है। इस पर निर्देश दिए हैं कि सभी ऑपरेटरों की सूची ऑनलाइन की जाए। इसके लिए डीजी इंडस्ट्री को पत्र लिखा जाएगा कि सभी ऑपरेटरों का डाटा रखा जाए।
विज्ञापन
दमकल विभाग की सूचना मिलते ही एंबुलेंस को सूचना देनी जरूरी
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि दमकल विभाग को कोई आग लगने की सूचना मिलती है तो वह तुरंत 112 नंबर डायल कर एंबुलेंस मौके पर जाने के लिए सूचित करेंगे। दमकल अधिकारी को निर्देश दिए कि आग लगने के बाद बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हो जाते हैं ऐसे में उनके पास रस्से व जरूरी उपकरण हों ताकि लोगों को दूर रखा जा सके। इस दौरान डीआईसी की महाप्रबंधक संजीत कौर, जिला राजस्व अधिकारी हरिओम अत्री, उप सिविल सर्जन डॉ. गीता दहिया, आपदा प्रबंधन से परियोजना अधिकारी विनीत कादियान भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जिन लोगों की मृत्यु हुई है और वह श्रमिक फैक्टरी एक्ट के तहत पंजीकृत हैं तो उन्हें मुआवजा दिया या नहीं यह सुनिश्चित किया जाए। जो पंजीकृत नहीं थे और मदद के दौरान मृत्यु हुई है तो उनकी मदद किस विभाग से और किस तरह से की जाए इसके लिए भी रास्ता निकाला जाए। कुछ घायलों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों में ले जाया गया था। इन सभी घायलों का बिल आयुष्मान भारत योजना के तहत तय दरों पर लिया जाए। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर को उन्होंने इसके लिए सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने रेडक्राॅस सोसाइटी के सचिव गौरव रामकरण को निर्देश दिए कि वह सभी घायलों के बिलों का भुगतान करवाए। अगर जिला रेडक्राॅस सोसाइटी से दिक्कत आती है तो इसके लिए राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी को उनकी तरफ से पत्र लिखा जाए। जरूरत पड़ी तो सीएसआर से मदद लेकर भी घायलों की मदद करेंगे। हादसे में अगर किसी का कोई अंग-भंग हुआ है तो इसके लिए सीएमओ एक कमेटी बनाकर रिपोर्ट देंगे ताकि उन्हें मदद दिलवाई जा सके। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र लिखकर मदद करने के लिए निर्देश दिए।
विज्ञापन
बायलर ऑपरेटरों की काफी कमी
उपायुक्त ने कहा कि आग लगने से संबंधित काफी ज्यादा शिकायतें आ रही हैं। श्रमिक काफी ज्यादा खतरनाक स्थिति में काम कर रहे हैं। ऐसे में सभी उद्योगों का सुरक्षा ऑडिट संबंधित विभागों की ओर से किया जाए और सुरक्षा से संबंधित सभी मानकों को सुनिश्चित किया जाए। बैठक में सामने आया कि कुछ बायलर ऑपरेटरों की काफी कमी है, इसलिए एक ऑपरेटर कई कंपनियों में काम करता है और अप्रशिक्षित ऑपरेटरों से काम लिया जाता है। इस पर निर्देश दिए हैं कि सभी ऑपरेटरों की सूची ऑनलाइन की जाए। इसके लिए डीजी इंडस्ट्री को पत्र लिखा जाएगा कि सभी ऑपरेटरों का डाटा रखा जाए।
विज्ञापन
दमकल विभाग की सूचना मिलते ही एंबुलेंस को सूचना देनी जरूरी
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि दमकल विभाग को कोई आग लगने की सूचना मिलती है तो वह तुरंत 112 नंबर डायल कर एंबुलेंस मौके पर जाने के लिए सूचित करेंगे। दमकल अधिकारी को निर्देश दिए कि आग लगने के बाद बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हो जाते हैं ऐसे में उनके पास रस्से व जरूरी उपकरण हों ताकि लोगों को दूर रखा जा सके। इस दौरान डीआईसी की महाप्रबंधक संजीत कौर, जिला राजस्व अधिकारी हरिओम अत्री, उप सिविल सर्जन डॉ. गीता दहिया, आपदा प्रबंधन से परियोजना अधिकारी विनीत कादियान भी मौजूद रहे।

सोनीपत के लघु सचिवालय में अधिकारियों की बैठक लेते उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार। स्रोत: सूचना विभाग