{"_id":"69f88805d1e5b52c7f0c01bd","slug":"accused-gets-bail-in-rs-20-lakh-fraud-case-sonipat-news-c-197-1-snp1007-153421-2026-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: 20 लाख की ठगी के मामले में आरोपी को मिली जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: 20 लाख की ठगी के मामले में आरोपी को मिली जमानत
Mon, 04 May 2026 05:20 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 04 May 2026 05:20 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने के मामले में एएसजे नरेंद्र सिंह की कोर्ट ने आरोपी राजेश कौशिक को जमानत पर रिहा करने का फैसला सुनाया है। साथ ही 50 हजार के निजी मुचलके व इतनी ही राशि का एक जमानती कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
शिकायतकर्ता गांव पुगथला निवासी योगेंद्र ने आरोप लगाया था कि पानीपत निवासी राजेश कौशिक और उसके सहयोगी नारायण ने साल 2024 में रेलवे में नौकरी दिलवाने के नाम पर उनसे 20 लाख रुपये लिए थे। उसका दिल्ली में फर्जी मेडिकल करवाया गया।
योगेंद्र ने आगे बताया था कि उन्हें डाक के माध्यम से रेलवे सुपरवाइजर का फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र भेजा गया था। उन्हें सराय रोहिल्ला, नांगलोई और नई दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर हाजिरी लगाने के लिए भी कहा गया था।
विज्ञापन
उसने बताया था कि जब वह करनाल रेलवे स्टेशन पर नियुक्ति लेने के लिए पहुंचा तो पता चला कि उनके सभी दस्तावेज फर्जी थे। उसने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने 30 दिसंबर 2024 को गन्नौर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि मुकदमा अभी शुरुआती चरण में है। इसे पूरा होने में काफी समय लगेगा। इसके मद्देनजर आरोपी की जमानत मंजूर कर ली है।
विज्ञापन
सोनीपत। रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने के मामले में एएसजे नरेंद्र सिंह की कोर्ट ने आरोपी राजेश कौशिक को जमानत पर रिहा करने का फैसला सुनाया है। साथ ही 50 हजार के निजी मुचलके व इतनी ही राशि का एक जमानती कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
शिकायतकर्ता गांव पुगथला निवासी योगेंद्र ने आरोप लगाया था कि पानीपत निवासी राजेश कौशिक और उसके सहयोगी नारायण ने साल 2024 में रेलवे में नौकरी दिलवाने के नाम पर उनसे 20 लाख रुपये लिए थे। उसका दिल्ली में फर्जी मेडिकल करवाया गया।
विज्ञापन
योगेंद्र ने आगे बताया था कि उन्हें डाक के माध्यम से रेलवे सुपरवाइजर का फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र भेजा गया था। उन्हें सराय रोहिल्ला, नांगलोई और नई दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर हाजिरी लगाने के लिए भी कहा गया था।
विज्ञापन
उसने बताया था कि जब वह करनाल रेलवे स्टेशन पर नियुक्ति लेने के लिए पहुंचा तो पता चला कि उनके सभी दस्तावेज फर्जी थे। उसने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने 30 दिसंबर 2024 को गन्नौर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि मुकदमा अभी शुरुआती चरण में है। इसे पूरा होने में काफी समय लगेगा। इसके मद्देनजर आरोपी की जमानत मंजूर कर ली है।