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Sonipat News: टेहा में दूषित पानी की निकासी के लिए बनेगा माइक्रो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
Tue, 16 Jun 2026 05:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 16 Jun 2026 05:32 AM IST
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फोटो : सोनीपत के गांव टेहा के पास जीटी रोड पर भरा दूषित पानी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
गन्नौर। गांव टेहा में दूषित पानी की निकासी की समस्या का समाधान किया जाएगा। इसके लिए 400 केएलडी क्षमता का माइक्रो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस पर करीब 3 करोड़ 79 लाख रुपये की खर्च होने का अनुमान है।
दूषित पानी की निकासी के लिए बनाए गए गांव के जोहड़ का भी अधिग्रहण अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी के लिए होने से पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। इसके चलते लंबे समय से ग्राम पंचायत व ग्रामीण सरकार व प्रशासन से दूषित पानी की निकासी का स्थायी समाधान करने की मांग कर रहे थे।
इसके समाधान के लिए सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी परिसर में माइक्रो एसटीपी स्थापित करने के लिए 250 वर्ग गज भूमि उपलब्ध करा दी है। वहीं, बीडीपीओ ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को इस परियोजना का एस्टिमेट तैयार करने के लिए पत्र भेजा था।
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इस पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजा दिया है। प्रस्ताव के अनुसार टेहा गांव से निकलने वाले दूषित पानी का माइक्रो एसटीपी में उपचार कर आगे भेजा जाएगा। परियोजना पर होने वाला खर्च पंचायत विभाग की तरफ से वहन किया जाएगा। एसटीपी के निर्माण को मंजूरी मिलने के बाद दूषित पानी की निकासी से जुड़ी समस्या का स्थायी समाधान होगा।
वर्जन
टेहा गांव में गंदे पानी की निकासी लंबे समय से एक बड़ी समस्या बनी हुई थी। ग्राम पंचायत लगातार इस मुद्दे को विभिन्न विभागों के समक्ष उठा रही थी। माइक्रो एसटीपी लगाने का प्रस्ताव तैयार होना गांव के लिए राहत भरी खबर है। परियोजना के सिरे चढ़ने से दूषित पानी की समस्या से निजात मिलेगी और ग्रामीणों को बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। -आशीष त्यागी, सरपंच, टेहा
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गन्नौर। गांव टेहा में दूषित पानी की निकासी की समस्या का समाधान किया जाएगा। इसके लिए 400 केएलडी क्षमता का माइक्रो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस पर करीब 3 करोड़ 79 लाख रुपये की खर्च होने का अनुमान है।
दूषित पानी की निकासी के लिए बनाए गए गांव के जोहड़ का भी अधिग्रहण अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी के लिए होने से पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। इसके चलते लंबे समय से ग्राम पंचायत व ग्रामीण सरकार व प्रशासन से दूषित पानी की निकासी का स्थायी समाधान करने की मांग कर रहे थे।
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इसके समाधान के लिए सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी परिसर में माइक्रो एसटीपी स्थापित करने के लिए 250 वर्ग गज भूमि उपलब्ध करा दी है। वहीं, बीडीपीओ ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को इस परियोजना का एस्टिमेट तैयार करने के लिए पत्र भेजा था।
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इस पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजा दिया है। प्रस्ताव के अनुसार टेहा गांव से निकलने वाले दूषित पानी का माइक्रो एसटीपी में उपचार कर आगे भेजा जाएगा। परियोजना पर होने वाला खर्च पंचायत विभाग की तरफ से वहन किया जाएगा। एसटीपी के निर्माण को मंजूरी मिलने के बाद दूषित पानी की निकासी से जुड़ी समस्या का स्थायी समाधान होगा।
वर्जन
टेहा गांव में गंदे पानी की निकासी लंबे समय से एक बड़ी समस्या बनी हुई थी। ग्राम पंचायत लगातार इस मुद्दे को विभिन्न विभागों के समक्ष उठा रही थी। माइक्रो एसटीपी लगाने का प्रस्ताव तैयार होना गांव के लिए राहत भरी खबर है। परियोजना के सिरे चढ़ने से दूषित पानी की समस्या से निजात मिलेगी और ग्रामीणों को बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। -आशीष त्यागी, सरपंच, टेहा

फोटो : सोनीपत के गांव टेहा के पास जीटी रोड पर भरा दूषित पानी। संवाद