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कुंडली में
Updated Wed, 02 Aug 2017 12:51 AM IST
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सोनीपत/कुंडली। जिले में सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश ने कुंडली औद्योगिक क्षेत्र के फेज दो की फैक्ट्रियों को पूरी तरह से ठप कर दिया है। वहां से पानी की निकासी नहीं होने के कारण कई फुट तक पानी भर गया और वह फैक्ट्रियों में भर गया। जिससे वहां की लगभग 80 फैक्ट्रियों में उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया है और एक अनुमान के अनुसार 10 करोड़ से ज्यादा का माल व मशीन खराब हो गई है। वहां से फिलहाल पानी की निकासी कराने के लिए अस्थाई नाला बनाकर तीन पंप लगाए गए है। फैक्ट्रियों के अंदर से पानी निकलने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी कि मशीनों को कितना नुकसान पहुंचा है जो अभी तक लगाए गए अनुमान से कई गुणा ज्यादा भी पहुंच सकता है।
औद्योगिक क्षेत्र कुंडली में फेज दो में लगभग 80 फैक्ट्रियां है, जिनमें धागा बनाने की फैक्ट्रियों के अलावा प्लास्टिक का सामान व बर्तन बनाने की फैक्ट्रियां है। कुंडली में सोमवार सुबह मूसलाधार बारिश हुई थी, जिसकी वहां से निकासी नहीं हो सकी और वहां पानी भरता चला गया। जिससे फैक्टरी में रखा कच्चा व पक्का माल खराब हो गया। इस माल कि कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। जबकि कई फैक्ट्रियों के अंदर पानी भरने से लगभग 5 करोड़ की मशीनें खराब हो गई है। बारिश का पानी भरने से सबसे ज्यादा नुकसान धागा, प्लास्टिक व बर्तन बनाने वाले फैक्ट्रियों को हुआ है। वहीं उद्यमियों को अभी यह पता नहीं है कि उनकी फैक्ट्रियों में कब तक उत्पादन शुरू होगा।
अस्थाई नाला बनाकर निकाला पानी
फैक्ट्रियों में पानी भरने से भारी नुकसान होने पर उद्यमियों ने जब मंगलवार को हंगामा कर दिया तो एचएसआईआईडीसी व प्रशासनिक अधिकारियों ने एक अस्थाई नाला खुदवाया। उसके लिए उद्यमियों के हंगामा करते ही मंगलवार सुबह को जेसीबी मशीन मंगवा ली गई और उससे नाले की खुदाई शुरू करा दी गई। उस अस्थाई नाले को बनाकर औद्योगिक क्षेत्र से पानी निकासी के लिए तीन पंप लगाए गए। उन पंप को चलाकर पानी नाले में डाला जा रहा है और वह नाला एचएसआईआईडीसी के बाहर तक बना है, जिससे पानी बाहर निकाला जा रहा है।
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25 साल पहले बने फेज दो में बंद पड़ा सीवेज सिस्टम
औद्योगिक क्षेत्र में फेज दो लगभग 25 साल पहले बनाया गया था। वहां से एक नाला होकर जाता था, जिसमें पहले फैक्ट्रियों का पानी जाता था। वहां जिस तरह से फैक्टरी बढ़ती गई, उसी तरह वह नाला बंद हो गया। उसके बाद कभी इतनी ज्यादा बारिश नहीं हुई कि वहां पानी भर सके और हल्की बारिश में एचएसआईआईडीसी का सीवेज सिस्टम काम करता रहा। अब मूसलाधार बारिश होने के कारण एचएसआईआईडीसी के सीवेज सिस्टम के पाइप ब्लाक हो गए जिससे पानी भरना शुरू हो गया।
पानी निकलने के बाद पता लगेगा नुकसान
बारिश के पानी की निकासी नहीं होने के कारण औद्योगिक क्षेत्र में कई फुट पानी भर गया है। यह पानी फैक्ट्रियों के अंदर घुस गया, जिससे करोड़ों रुपये का सामान व मशीनें खराब हो गई। यहां से पानी की निकासी होने के बाद मशीनें चेक करने के बाद ही पता चलेगा कि कितनी फैक्ट्रियों में मशीनें खराब हुई है। फिलहाल फैक्ट्रियां पूरी तरह से बंद हो गई है और यह नहीं पता कि कितने दिन फैक्ट्री बंद रहेगी।
- सुभाष गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुंडली इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन
लापरवाही से भरा है विभाग
औद्योगिक क्षेत्र से पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी और यहां पानी एचएसआईआईडीसी की लापरवाही से भरा है। उनकी लापरवाही के कारण उद्योगपतियों का बड़ा नुकसान हुआ है। इसलिए सरकार को इसका मुआवजा देना चाहिए और यह नुकसान अभी ज्यादा होता दिख रहा है, क्योंकि पानी भरा होने के कारण फैक्ट्री नहीं चल रही है।
- आलोक गुप्ता, उद्यमी
ठीक है सीवेज सिस्टम
एचएसआईआईडीसी का वाटर सीवेज सिस्टम पूरी तरह से ठीक है। यह फेज दो करीब 25 साल पहले बना था और उस समय पानी की निकासी के लिए एक नाला होता था। लेकिन फैक्टरी बढ़ने के साथ ही वह नाला बंद हो गया और यह फेज मेन रोड से कई फुट नीचे है, जिससे बारिश में आसपास का पानी भी औद्योगिक क्षेत्र में जमा हो जाता है। इस कारण ही यह परेशानी हुई है और पानी की निकासी कराई जा रही है।
- केएस पूनिया, सीनियर मैनेजर एचएसआईआईडीसी
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औद्योगिक क्षेत्र कुंडली में फेज दो में लगभग 80 फैक्ट्रियां है, जिनमें धागा बनाने की फैक्ट्रियों के अलावा प्लास्टिक का सामान व बर्तन बनाने की फैक्ट्रियां है। कुंडली में सोमवार सुबह मूसलाधार बारिश हुई थी, जिसकी वहां से निकासी नहीं हो सकी और वहां पानी भरता चला गया। जिससे फैक्टरी में रखा कच्चा व पक्का माल खराब हो गया। इस माल कि कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। जबकि कई फैक्ट्रियों के अंदर पानी भरने से लगभग 5 करोड़ की मशीनें खराब हो गई है। बारिश का पानी भरने से सबसे ज्यादा नुकसान धागा, प्लास्टिक व बर्तन बनाने वाले फैक्ट्रियों को हुआ है। वहीं उद्यमियों को अभी यह पता नहीं है कि उनकी फैक्ट्रियों में कब तक उत्पादन शुरू होगा।
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अस्थाई नाला बनाकर निकाला पानी
फैक्ट्रियों में पानी भरने से भारी नुकसान होने पर उद्यमियों ने जब मंगलवार को हंगामा कर दिया तो एचएसआईआईडीसी व प्रशासनिक अधिकारियों ने एक अस्थाई नाला खुदवाया। उसके लिए उद्यमियों के हंगामा करते ही मंगलवार सुबह को जेसीबी मशीन मंगवा ली गई और उससे नाले की खुदाई शुरू करा दी गई। उस अस्थाई नाले को बनाकर औद्योगिक क्षेत्र से पानी निकासी के लिए तीन पंप लगाए गए। उन पंप को चलाकर पानी नाले में डाला जा रहा है और वह नाला एचएसआईआईडीसी के बाहर तक बना है, जिससे पानी बाहर निकाला जा रहा है।
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25 साल पहले बने फेज दो में बंद पड़ा सीवेज सिस्टम
औद्योगिक क्षेत्र में फेज दो लगभग 25 साल पहले बनाया गया था। वहां से एक नाला होकर जाता था, जिसमें पहले फैक्ट्रियों का पानी जाता था। वहां जिस तरह से फैक्टरी बढ़ती गई, उसी तरह वह नाला बंद हो गया। उसके बाद कभी इतनी ज्यादा बारिश नहीं हुई कि वहां पानी भर सके और हल्की बारिश में एचएसआईआईडीसी का सीवेज सिस्टम काम करता रहा। अब मूसलाधार बारिश होने के कारण एचएसआईआईडीसी के सीवेज सिस्टम के पाइप ब्लाक हो गए जिससे पानी भरना शुरू हो गया।
पानी निकलने के बाद पता लगेगा नुकसान
बारिश के पानी की निकासी नहीं होने के कारण औद्योगिक क्षेत्र में कई फुट पानी भर गया है। यह पानी फैक्ट्रियों के अंदर घुस गया, जिससे करोड़ों रुपये का सामान व मशीनें खराब हो गई। यहां से पानी की निकासी होने के बाद मशीनें चेक करने के बाद ही पता चलेगा कि कितनी फैक्ट्रियों में मशीनें खराब हुई है। फिलहाल फैक्ट्रियां पूरी तरह से बंद हो गई है और यह नहीं पता कि कितने दिन फैक्ट्री बंद रहेगी।
- सुभाष गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुंडली इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन
लापरवाही से भरा है विभाग
औद्योगिक क्षेत्र से पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी और यहां पानी एचएसआईआईडीसी की लापरवाही से भरा है। उनकी लापरवाही के कारण उद्योगपतियों का बड़ा नुकसान हुआ है। इसलिए सरकार को इसका मुआवजा देना चाहिए और यह नुकसान अभी ज्यादा होता दिख रहा है, क्योंकि पानी भरा होने के कारण फैक्ट्री नहीं चल रही है।
- आलोक गुप्ता, उद्यमी
ठीक है सीवेज सिस्टम
एचएसआईआईडीसी का वाटर सीवेज सिस्टम पूरी तरह से ठीक है। यह फेज दो करीब 25 साल पहले बना था और उस समय पानी की निकासी के लिए एक नाला होता था। लेकिन फैक्टरी बढ़ने के साथ ही वह नाला बंद हो गया और यह फेज मेन रोड से कई फुट नीचे है, जिससे बारिश में आसपास का पानी भी औद्योगिक क्षेत्र में जमा हो जाता है। इस कारण ही यह परेशानी हुई है और पानी की निकासी कराई जा रही है।
- केएस पूनिया, सीनियर मैनेजर एचएसआईआईडीसी