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Sonipat News: ड्रेन को पुलों से जोड़ने के लिए 6.50 करोड़ रुपये की जरूरत
Tue, 31 Dec 2024 01:53 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 31 Dec 2024 01:53 AM IST
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सोनीपत। शहर के बीच से गुजर रही ड्रेन नंबर-6 को पक्का कर दिया गया है, लेकिन पुलों को ड्रेन से जोड़ने का काम बचा हुआ है। इसके लिए बजट की आवश्यकता है। नगर निगम देवडू रोड से शादीपुर तक के तहत ड्रेन के पार्ट-1 को पक्का करने के लिए 92 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। ड्रेन को पुलों से जोड़ने के लिए 6.50 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। सरकार से बजट मिलने के बाद ड्रेन को पुलों से जोड़ने का काम शुरू किया जाएगा।
नगर निगम की ओर से देवडू रोड से शादीपुर तक कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन (अमृत) योजना के तहत ड्रेन के पार्ट-1 को पक्का करने के लिए 92 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। करनाल के मुगल कैनाल की तर्ज पर शहर की तस्वीर उकेरने का प्रयास किया गया। ड्रेन पक्की करने के लिए 16 नवंबर 2017 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने इसका शिलान्यास किया था। ड्रेन को पक्का करने का कार्य दो साल में पूरा किया जाना था, लेकिन काम में देरी होने के कारण वर्ष 2024 में बारिश से सीजन से पहले 92 फीसदी काम पूरा हो सका। अब बस अड्डे के पास व बहालगढ़ रोड पर पुलों को ड्रेन से जोड़ने का काम बचा है।
अक्तूबर 2023 में शुरू हुआ था सिलसिला
शहर के अंदर ड्रेन के 1200 मीटर हिस्से में रोड़ा बन रहे 463 मकानों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया था। 7 अक्तूबर, 2023 को अवैध रूप से बने मकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई थी। नगर निगम व सिंचाई विभाग की संयुक्त टीमों ने 18 मकानाें को ड्रेन से हटवाया था। कब्जा हटाने के बाद निगम ने दिल्ली रोड व सिक्का कॉलोनी के बीच ड्रेन को पक्का किया था। बारिश का सीजन शुरू होने से पहले ड्रेन का निर्माण कार्य 92 फीसदी तक पूरा कर लिया था।
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एसएलटीसी की बैठक होने का इंतजार
ड्रेन को पुलों से जोड़ने के लिए अब 6.50 करोड़ रुपये की और जरुरत है। इसके लिए राज्यस्तरीय तकनीकी समिति (एसएलटीसी) की बैठक का इंतजार है। नगर निगम उस बैठक में शहर के अंदर ड्रेन के पार्ट-1 का निर्माण पूरा करने के लिए 6.50 रुपये के बजट का प्रस्ताव रखेगा। बैठक के दौरान राज्यस्तरीय तकनीकी समिति प्रस्ताव मंजूर करती है, उसके बाद नगर निगम की ओर से टेंडर लगाया जाएगा। टेंडर आवंटित करने के बाद पुलों को ड्रेन से जोड़ने का काम बचा हुआ है।
ड्रेन पार्ट-1 के हिस्सों को पुलों को जोड़ने के लिए बजट की आवश्यकता है। चंडीगढ़ में जल्द एसएलटीसी की बैठक होने इंतजार है। उस बैठक में बजट मंजूर होने के बाद ड्रेन पर निर्माण शुरू कराया जाएगा।
- विशाल गर्ग, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम
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नगर निगम की ओर से देवडू रोड से शादीपुर तक कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन (अमृत) योजना के तहत ड्रेन के पार्ट-1 को पक्का करने के लिए 92 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। करनाल के मुगल कैनाल की तर्ज पर शहर की तस्वीर उकेरने का प्रयास किया गया। ड्रेन पक्की करने के लिए 16 नवंबर 2017 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने इसका शिलान्यास किया था। ड्रेन को पक्का करने का कार्य दो साल में पूरा किया जाना था, लेकिन काम में देरी होने के कारण वर्ष 2024 में बारिश से सीजन से पहले 92 फीसदी काम पूरा हो सका। अब बस अड्डे के पास व बहालगढ़ रोड पर पुलों को ड्रेन से जोड़ने का काम बचा है।
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अक्तूबर 2023 में शुरू हुआ था सिलसिला
शहर के अंदर ड्रेन के 1200 मीटर हिस्से में रोड़ा बन रहे 463 मकानों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया था। 7 अक्तूबर, 2023 को अवैध रूप से बने मकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई थी। नगर निगम व सिंचाई विभाग की संयुक्त टीमों ने 18 मकानाें को ड्रेन से हटवाया था। कब्जा हटाने के बाद निगम ने दिल्ली रोड व सिक्का कॉलोनी के बीच ड्रेन को पक्का किया था। बारिश का सीजन शुरू होने से पहले ड्रेन का निर्माण कार्य 92 फीसदी तक पूरा कर लिया था।
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एसएलटीसी की बैठक होने का इंतजार
ड्रेन को पुलों से जोड़ने के लिए अब 6.50 करोड़ रुपये की और जरुरत है। इसके लिए राज्यस्तरीय तकनीकी समिति (एसएलटीसी) की बैठक का इंतजार है। नगर निगम उस बैठक में शहर के अंदर ड्रेन के पार्ट-1 का निर्माण पूरा करने के लिए 6.50 रुपये के बजट का प्रस्ताव रखेगा। बैठक के दौरान राज्यस्तरीय तकनीकी समिति प्रस्ताव मंजूर करती है, उसके बाद नगर निगम की ओर से टेंडर लगाया जाएगा। टेंडर आवंटित करने के बाद पुलों को ड्रेन से जोड़ने का काम बचा हुआ है।
ड्रेन पार्ट-1 के हिस्सों को पुलों को जोड़ने के लिए बजट की आवश्यकता है। चंडीगढ़ में जल्द एसएलटीसी की बैठक होने इंतजार है। उस बैठक में बजट मंजूर होने के बाद ड्रेन पर निर्माण शुरू कराया जाएगा।
- विशाल गर्ग, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम

-फोटो 51 : अलाव सेंककर सर्दी दूर भगाने का प्रयास करते लोग। संवाद