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Sonipat News: ड्रेन किनारे बसे 463 परिवारों का आशियाना उजड़ने का डर, प्रदर्शन
Mon, 11 Sep 2023 12:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 11 Sep 2023 12:28 AM IST
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सोनीपत। ड्रेन-6 के सुंदरीकरण में बाधा बन रहे निर्माणों को प्रशासन ने एक बार फिर हटाने की योजना बनानी शुरू कर दी है। ऐसे में ड्रेन किनारे बसे 463 परिवारों को आशियाना उजड़ने का डर सता रहा है। अब डीआरओ कोर्ट में सिंचाई विभाग के पक्ष में फैसला आया है। इसके विरोध में रविवार को प्रभावित परिवार सड़क पर उतर आए। प्रभावित लोगों ने आंबेडकर पार्क में प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रोष जताया। आशियाना बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष राज सिंह दलाल ने एलान किया है कि यदि प्रशासन कार्रवाई करेगा तो आंदोलन खड़ा किया जाएगा। इस संबंध में 13 सितंबर को फिर से बैठक बुलाई जाएगी।
प्रधान राज सिंह दलाल ने बताया कि प्रशासन ने ड्रेन-6 के दोनों तरफ जनता काॅलोनी, सिक्का काॅलोनी व अन्य कालोनियों के बाशिंदों के मकान पिछली बार तोड़े गए थे। इसके बाद विरोध हुआ तो मामला एससीएसटी आयोग में पहुंचा था और तय हुआ था कि दोनों ओर के 70 फुट तक के मकानों को यथास्थिति में रखा जाएगा। अब प्रशासन ने इन मकानों को हटाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। जिसके विरोध में ड्रेन किनारे बसे लोग लामबंद हो गए। प्रभावित परिवार आशियाना बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में एकत्रित हुए। समिति के अध्यक्ष राज सिंह दलाल ने कहा कि एससी-एसटी आयोग के फैसले को स्थानीय स्तर पर चुनौती नहीं दी जा सकती है। प्रशासन नियम विरुद्ध काम कर रहा है। उनकी मांग है कि यहां बसे लोगों को रियायती दरों पर कही और मकान दिए जाए। इस दौरान सुखबीर, धर्मबीर अटकान, जोनी दुग्गल, राकेश मोर, नरेश, सुमन, धर्मा आदि मौजूद रहे।
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प्रधान राज सिंह दलाल ने बताया कि प्रशासन ने ड्रेन-6 के दोनों तरफ जनता काॅलोनी, सिक्का काॅलोनी व अन्य कालोनियों के बाशिंदों के मकान पिछली बार तोड़े गए थे। इसके बाद विरोध हुआ तो मामला एससीएसटी आयोग में पहुंचा था और तय हुआ था कि दोनों ओर के 70 फुट तक के मकानों को यथास्थिति में रखा जाएगा। अब प्रशासन ने इन मकानों को हटाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। जिसके विरोध में ड्रेन किनारे बसे लोग लामबंद हो गए। प्रभावित परिवार आशियाना बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में एकत्रित हुए। समिति के अध्यक्ष राज सिंह दलाल ने कहा कि एससी-एसटी आयोग के फैसले को स्थानीय स्तर पर चुनौती नहीं दी जा सकती है। प्रशासन नियम विरुद्ध काम कर रहा है। उनकी मांग है कि यहां बसे लोगों को रियायती दरों पर कही और मकान दिए जाए। इस दौरान सुखबीर, धर्मबीर अटकान, जोनी दुग्गल, राकेश मोर, नरेश, सुमन, धर्मा आदि मौजूद रहे।
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