Sonipat: बाईपास निर्माण को लेकर चार गांवों की 28 एकड़ जमीन होगी अधिगृहीत, मिलेगा इतना मुआवजा
रोहतक रोड को एनएच-334बी से जोड़ने को बैंयापुर हरसाना कलां, हरसाना खुर्द व नसीरपुर बांगर की जमीन अधिगृहीत होगी। वीडियो कांफ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हाई पावर भूमि अधिग्रहण समिति की बैठक में निर्णय हुआ।
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हरियाणा के सोनीपत में रोहतक रोड को नेशनल हाईवे (एनएच)-334बी से जोड़ने के लिए बाईपास का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। बाईपास के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से चार गांवों की 28 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई हाई पावर कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया कि बाईपास के निर्माण के लिए चार गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा और कलेक्टर रेट से डेढ़ गुना ज्यादा मुआवजा जमीन मालिकों को दिया जाएगा। संबंधित गांवों के ग्रामीण बाईपास के लिए जमीन देने को राजी हो गए।
शहर के लोगों व वाहन चालकों की सुविधा के लिए बाईपास के निर्माण को लेकर प्रदेश सरकार पहले ही मंजूरी दे चुकी है। गांव बैंयापुर, हरसाना कलां, हरसाना खुर्द व नसीरपुर बांगर की 29 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने के बाद 3.950 किमी लंबा बाईपास बनाया जाएगा।
निर्माण कार्य पर लोक निर्माण विभाग की ओर से करीब 17 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बजट मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। सोनीपत शहर के लोगों को मेरठ व लोहारू की तरफ जाने के लिए एनएच-33बी का फायदा मिले। इसकी कनेक्टिविटी के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने डेढ़ साल पहले मुख्यालय प्रस्ताव भेजा था।
रोहतक रोड पर हरसाना मोड़ से शुरू होगा बाईपास
रोहतक रोड पर गांव बैंयापुर के जलघर के नजदीक हरसाना मोड़ से बाईपास का निर्माण शुरू होगा। दो मार्गीय बाईपास के निर्माण के लिए जिला प्रशासन की ओर से गांव बैंयापुर, हरसाना कलां, हरसाना खुर्द व नसीरपुर बांगर की 28 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। यहां बाईपास का निर्माण होने से सोनीपत शहर के लोग एनएच-334बी से सीधे जुड़ सकेंगे और यहां के लोग एनएच-334बी के जरिये सीधे मेरठ, झज्जर व लोहारू तक आसानी से आवागमन कर सकेंगे।
कलेक्टर रेट से निर्धारित डेढ़ गुना कीमत मिलने पर किसान राजी
मुख्यमंत्री ने बाईपास के लिए अधिग्रहीत भूमि की समीक्षा करते हुए ग्रामीणों की सहमति जाननी चाही। उपायुक्त ने बताया कि ग्रामीण संपर्क मार्ग का निर्माण चाहते हैं ताकि गांव का विकास तीव्र गति से हो। उपायुक्त ने संबंधित गांवों के लोगों की सीधी बातचीत मुख्यमंत्री से कराई।
इस दौरान बैंयापुर, हरसाना कलां व हरसाना खुर्द और नसीरपुर के गांवों की अधिग्रहण के लिए चिन्हित भूमि के दाम भी निर्धारित किए गए, जिस पर ग्रामीणों ने अपनी सहमति व्यक्त की। इसके अलावा बैठक में गन्नौर में आरओबी के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन को लेकर भी रिपोर्ट तलब की। उपायुक्त ने बताया कि आरओबी के लिए चिन्हित जमीन पर कब्जा ले लिया गया है।
जमीन अधिग्रहण होने पर 533 किसानों को मिलेगा मुआवजा
गांव बैंयापुर की 3.26 एकड़, हरसाना कलां की 17.22, हरसाना खुर्द की 5.48 व नसीरपुर बांगर की 2.73 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। जमीन का अधिग्रहण होने पर 533 किसानों को कलेक्टर रेट से डेढ़ गुना ज्यादा मुआवजा दिया जाएगा। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त शांतनु शर्मा, सदर कानूनगो देवेंद्र व लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।