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Sonipat News: सरकारी स्कूलों के 276 शौचालय होंगे दुरुस्त, प्राचार्य एक लाख खर्च कर सकेंगे

Mon, 02 Mar 2026 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Mon, 02 Mar 2026 11:53 PM IST
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276 toilets in government schools will be repaired, principals will be able to spend one lakh rupees.
सोनीपत। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की मौलिक सुविधाओं को लेकर शिक्षा विभाग ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत शौचालयों की मरम्मत तुरंत कराने को कहा है। जिला परियोजना संयोजक ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रमुखों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
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स्कूलों के प्राचार्य स्कूल प्रबंधन समिति के माध्यम से शौचालयों की मरम्मत पर एक लाख रुपये तक का खर्च करने के लिए स्वतंत्र रहेंगे। बता दें कि शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली प्लस की 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार, देश के 14.71 लाख स्कूलों में से 39,729 में छात्राओं के लिए शौचालय की सुविधा नहीं है।
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हरियाणा में 767 स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय या तो हैं नहीं या फिर इस्तेमाल करने लायक नहीं हैं। अगर सोनीपत जिले की बात करें तो कुल 648 में से 371 जगह शौचालयों की हालत ठीक है। 276 शौचालयों को मरम्मत की जरूरत है। 554 शौचालयों में पानी की सुविधा उपलब्ध है।
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मरम्मत कार्य के लिए कुल 76 लाख 18 हजार रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। जिले में वर्तमान में 72 सफाई कर्मचारी तैनात हैं। सबसे ज्यादा 76 शौचालय गन्नौर ब्लाॅक में हैं जिनकी तुरंत मरम्मत कराए जाने की दरकार है। इसके लिए 18.90 लाख का बजट प्रस्तावित है।
संख्या में कम होने के बावजूद सोनीपत ब्लाॅक के 44 शौचालयों के लिए 17.10 लाख रुपये की जरूरत है जो प्रति शौचालय मरम्मत लागत अधिक होने का संकेत देता है। हालांकि, कथूरा ब्लाॅक में केवल 10 शौचालयों की मरम्मत होनी है। अब इस समस्या से निपटने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है।
जिला परियोजना संयोजक ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रमुखों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। इनके मुताबिक स्कूलों के प्राचार्य स्कूल प्रबंधन समिति के माध्यम से शौचालयों की मरम्मत पर एक लाख रुपये तक का खर्च करने के लिए स्वतंत्र रहेंगे।
अगर किसी स्कूल में मरम्मत का अनुमानित खर्च एक लाख रुपये से ज्यादा है तो संबंधित प्राचार्य को उपमंडल अभियंता या जेई से एस्टीमेट तैयार करवाना होगा। यह एस्टीमेट पत्र प्राप्ति के दो दिन के भीतर जिला कार्यालय में भेजना अनिवार्य किया गया है।
लापरवाही बरती गई तो होगी कार्रवाई

बेगा, भिगान और गढ़ी झझारा सहित कई विद्यालयों में शौचालयों की हालत खराब पाई गई है। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि मरम्मत कार्य में किसी प्रकार की देरी होने पर संबंधित अधिकारी और स्कूल प्रमुख जिम्मेदार होंगे। विभाग की इस सख्ती से जिले के राजकीय स्कूलों की शौचालय दुरुस्त होंगे और विद्यार्थियों को इसका फायदा मिलेगा।


वर्जन
सरकारी स्कूलों में शौचालयों को दुरुस्त करवाने के लिए प्राचार्यों को एक लाख रुपये तक के बजट का अधिकार दिया गया है। इसका फायदा यह होगा कि अब शौचालयों की मरम्मत का काम गैर जरूरी रूप से लंबा नहीं खिंचेगा। सभी से अपील है कि इस निर्देश के पालन में किसी तरह की कोताही न बरतें। ऐसा पाया गया तो विभाग की तरफ से कार्रवाई किया जाना लाजमी है। -विष्णुदत्त भारद्वाज, एसडीओ, समग्र शिक्षा अभियान, सोनीपत
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