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Sonipat News: दिल्ली में बीएस-6 वाहनों के प्रवेश के चलते सोनीपत के 15 हजार कॉमर्शियल वाहन होंगे प्रभावित
Wed, 29 Oct 2025 02:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 29 Oct 2025 02:18 AM IST
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फोटो :23: सोनीपत में हाईवे से गुजरते भारी वाहन। संवाद
- फोटो : Samvad
सोनीपत। दिल्ली में एक नवंबर से केवल बीएस-6, सीएनजी, एलएनजी या इलेक्ट्रिक इंजन वाले वाणिज्यिक वाहन ही प्रवेश कर सकेंगे। एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (सीएक्यूएम) के नए नियम से सोनीपत जिले के लगभग 15 हजार मालवाहक वाहन प्रभावित होंगे। बीएस-4 वाहनों को 31 अक्तूबर तक की ही अनुमति दी गई है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक नवंबर से लागू होने जा रहे नए मालवाहक वाहन प्रवेश नियमों ने सोनीपत के ट्रांसपोर्टरों और लॉजिस्टिक कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। नए मालवाहक वाहन नियम से दिल्ली में पंजीकृत वाहनों को छूट दी गई है, लेकिन अन्य राज्यों या जिलों से आने वाले कॉमर्शियल वाहनों पर यह प्रतिबंध सीधे लागू होगा। बीएस-4 मानक वाले वाहनों को केवल 31 अक्तूबर तक दिल्ली में प्रवेश की अनुमति है।
सोनीपत पर बड़ा असर
दिल्ली-एनसीआर के नजदीकी सोनीपत जिले का परिवहन नेटवर्क राज्य के सबसे सक्रिय मालवाहक केंद्रों में गिना जाता है। यहां से प्रतिदिन हजारों ट्रक, टेंपो और लोडर वाहन दिल्ली, गुरुग्राम और गाजियाबाद के मंडियों और गोदामों तक माल पहुंचाते हैं। जिले में पंजीकृत ट्रांसपोर्ट वाहनों की एक बड़ी संख्या अभी भी बीएस-4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानक पर चल रही है। अनुमान है कि करीब 10 से 15 हजार कॉमर्शियल वाहन इस नए आदेश से सीधे प्रभावित होंगे।
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पुराने वाहनों को बदलना पड़ेगा, बढ़ेगा आर्थिक बोझ
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों के मुताबिक बीएस-6 श्रेणी के नए ट्रक या लोडर वाहनों की कीमत पुराने वाहनों की तुलना में 20 से 25 फीसदी अधिक है। इससे छोटे ठेकेदारों और लोकल मालवाहक व्यवसायियों पर भारी आर्थिक दबाव पड़ सकता है। पुराने वाहनों की उपयोगिता घटने से भाड़ा दरों में बढ़ोतरी की संभावना भी जताई जा रही है।
नियमों पर फिर से विचार करे सरकार : सुरेंद्र बाणिया
सोनीपत ट्रक यूनियन के प्रधान सुरेंद्र बाणिया ने कहा कि दिल्ली सरकार और सीएक्यूएम को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। बीएस-4 या बीएस-5 इंजन वाले वाहन भी तुलनात्मक रूप से कम प्रदूषण फैलाते हैं, फिर भी उन्हें प्रतिबंधित करना व्यावहारिक नहीं है। यूनियन की ओर से जल्द ही सरकार को पत्र लिखकर नियमों में आंशिक ढील देने की मांग की जाएगी ताकि हजारों ट्रांसपोर्टरों की आजीविका पर संकट न आए।
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक नवंबर से लागू होने जा रहे नए मालवाहक वाहन प्रवेश नियमों ने सोनीपत के ट्रांसपोर्टरों और लॉजिस्टिक कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। नए मालवाहक वाहन नियम से दिल्ली में पंजीकृत वाहनों को छूट दी गई है, लेकिन अन्य राज्यों या जिलों से आने वाले कॉमर्शियल वाहनों पर यह प्रतिबंध सीधे लागू होगा। बीएस-4 मानक वाले वाहनों को केवल 31 अक्तूबर तक दिल्ली में प्रवेश की अनुमति है।
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सोनीपत पर बड़ा असर
दिल्ली-एनसीआर के नजदीकी सोनीपत जिले का परिवहन नेटवर्क राज्य के सबसे सक्रिय मालवाहक केंद्रों में गिना जाता है। यहां से प्रतिदिन हजारों ट्रक, टेंपो और लोडर वाहन दिल्ली, गुरुग्राम और गाजियाबाद के मंडियों और गोदामों तक माल पहुंचाते हैं। जिले में पंजीकृत ट्रांसपोर्ट वाहनों की एक बड़ी संख्या अभी भी बीएस-4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानक पर चल रही है। अनुमान है कि करीब 10 से 15 हजार कॉमर्शियल वाहन इस नए आदेश से सीधे प्रभावित होंगे।
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पुराने वाहनों को बदलना पड़ेगा, बढ़ेगा आर्थिक बोझ
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों के मुताबिक बीएस-6 श्रेणी के नए ट्रक या लोडर वाहनों की कीमत पुराने वाहनों की तुलना में 20 से 25 फीसदी अधिक है। इससे छोटे ठेकेदारों और लोकल मालवाहक व्यवसायियों पर भारी आर्थिक दबाव पड़ सकता है। पुराने वाहनों की उपयोगिता घटने से भाड़ा दरों में बढ़ोतरी की संभावना भी जताई जा रही है।
नियमों पर फिर से विचार करे सरकार : सुरेंद्र बाणिया
सोनीपत ट्रक यूनियन के प्रधान सुरेंद्र बाणिया ने कहा कि दिल्ली सरकार और सीएक्यूएम को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। बीएस-4 या बीएस-5 इंजन वाले वाहन भी तुलनात्मक रूप से कम प्रदूषण फैलाते हैं, फिर भी उन्हें प्रतिबंधित करना व्यावहारिक नहीं है। यूनियन की ओर से जल्द ही सरकार को पत्र लिखकर नियमों में आंशिक ढील देने की मांग की जाएगी ताकि हजारों ट्रांसपोर्टरों की आजीविका पर संकट न आए।