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Sonipat News: यमुना प्रभावित क्षेत्र में 150 पशुओं की हुई जांच
Tue, 09 Sep 2025 02:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 09 Sep 2025 02:12 AM IST
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फोटो 02: सोनीपत के गांव मनौली टोंकी में ग्रामीणों को पशुओं को बीमारियों से बचाव की जानकारी देते
सोनीपत। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से खेतों और गांवों में पानी पहुंचने की वजह से पशुओं की बीमारी फैलने के शक को देखते हुए सोमवार को पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से विशेष जांच अभियान चलाया गया। इसके तहत बाढ़ प्रभावित गांवों के पशुओं का स्वास्थ्य जांचा गया।
विशेष रूप से सबसे अधिक प्रभावित मनौली टोंकी गांव के राहत कैंप में पशुपालन विभाग की टीम ने पहुंचकर 22 किसानों के 150 से अधिक पशुओं की जांच की। उपमंडल अधिकारी डॉ. बलजीत दलाल के नेतृत्व में लगाए गए पशु चिकित्सा शिविर में प्रत्येक पशु का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
पशुओं को आवश्यक दवाइयां और कृमिनाशक दवाएं मुफ्त उपलब्ध करवाई गईं। जिन पशुओं में बीमारी के लक्षण पाए गए उनका इलाज किया गया। उन्होंने कहा कि पशुओं का स्वास्थ्य किसानों की आजीविका से जुड़ा है। प्रशासन उनकी सुरक्षा के लिए हर स्तर पर प्रयासरत है।
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पशुपालन विभाग की टीम ने बताया कि जलभराव की वजह से पशुओं में त्वचा रोग, खुरपका-मुंहपका, बुखार और आंतों के संक्रमण जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। पशुओं की साफ-सफाई, समय पर टीकाकरण और चारे की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई। इस दौरान सरपंच सोनू, डॉ. यजेश मलिक, डॉ. सुरेंद्र मलिक, वीएलडीए मोहन और मुकेश भी उपस्थित रहे।
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विशेष रूप से सबसे अधिक प्रभावित मनौली टोंकी गांव के राहत कैंप में पशुपालन विभाग की टीम ने पहुंचकर 22 किसानों के 150 से अधिक पशुओं की जांच की। उपमंडल अधिकारी डॉ. बलजीत दलाल के नेतृत्व में लगाए गए पशु चिकित्सा शिविर में प्रत्येक पशु का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
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पशुओं को आवश्यक दवाइयां और कृमिनाशक दवाएं मुफ्त उपलब्ध करवाई गईं। जिन पशुओं में बीमारी के लक्षण पाए गए उनका इलाज किया गया। उन्होंने कहा कि पशुओं का स्वास्थ्य किसानों की आजीविका से जुड़ा है। प्रशासन उनकी सुरक्षा के लिए हर स्तर पर प्रयासरत है।
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पशुपालन विभाग की टीम ने बताया कि जलभराव की वजह से पशुओं में त्वचा रोग, खुरपका-मुंहपका, बुखार और आंतों के संक्रमण जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। पशुओं की साफ-सफाई, समय पर टीकाकरण और चारे की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई। इस दौरान सरपंच सोनू, डॉ. यजेश मलिक, डॉ. सुरेंद्र मलिक, वीएलडीए मोहन और मुकेश भी उपस्थित रहे।