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Sonipat News: 70 फीसदी आबादी में उच्च रक्तचाप के 13912 मरीज मिले
Thu, 16 May 2024 11:28 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 16 May 2024 11:28 PM IST
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सोनीपत के जिला नागरिक अस्पताल में नर्सिंग अधिकारियों के प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित उप सिविल सर
सोनीपत। जीवन शैली में आए बदलाव व अनियमित खानपान के कारण लोग उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) का शिकार हो रहे हैं। इसकी वजह से स्ट्रॉक, किडनी खराब होने, मधुमेह व हृदयाघात का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की एसीडी क्लीनिक की ओर से 30 साल से ज्यादा लोगों की लगातार स्क्रीनिंग की जा रही है। एक साल में अब तक 13912 मरीज उच्च रक्तचाप के मिले हैं। चिकित्सकों की ओर से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के लिए सलाह दी जा रही है।
जीवन शैली में बदलाव आने के कारण लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। 30 साल तक की उम्र के युवा भी उच्च रक्तचाप से अछूते नहीं हैं। पहले स्वास्थ्य विभाग 50 या इससे ज्यादा उम्र के लोगों में उच्च रक्तचाप का शिकार होने की आशंका जताता थी, लेकिन विभाग की ओर से लगातार की जा रही स्क्रीनिंग की दौरान सामने आया है कि 30 साल या इससे ज्यादा उम्र के युवा भी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जिले में 70 फीसदी आबादी की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिसमें से अब तक उच्च रक्तचाप के 13912 मरीज मिले हैं।
मुस्कान खत्म होने से बढ़ी बीमारियां
चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र राणा का कहना है कि मुस्कान खत्म होने से लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। तनाव में जीने से ब्लड प्रेशर, शुगर, हृदय रोग संबंधी और डिप्रेशन जैसी कई बीमारियां बढ़ रही हैं। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 100 से ज्यादा मरीज रक्तचाप से पीड़ित आते हैं। हृदय रोग से संबंधित 20 से 25 लोग रोजाना उपचार कराने पहुंच रहे हैं। साथ ही मनोरोगियों की संख्या भी कम नहीं है। ऐसे में लोगों को तनाव मुक्त जीवन के लिए हंसना जरूरी है।
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लोगों को तनावमुक्त करने के लिए दिया प्रशिक्षण
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर के आदेश पर उप सिविल सर्जन डॉ. गीता दहिया, विश्व स्वास्थ्य संगठन से एनसीडी की नोडल अधिकारी डॉ. हंसप्रीत, जिला कार्यक्रम कॉओर्डिनेटर डॉ. प्रियंका ने नर्सिंग अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। साथ ही उन्हें लोगों की लगातार स्क्रीनिंग करते रहने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि लोगों को तनावमुक्त करने के लिए विभाग की ओर से बेहतर प्रयास किए जा रहे है। लोगों को एनसीडी क्लीनिक पर जाकर रक्तचाप व मधुमेह की जांच जरूर करनी चाहिए।
उच्च रक्तचाप के यह हैं कारण
-तनाव
- धूम्रपान
- शराब पीना
- अनियमित दिनचर्या
- अनियमित खानपान
बचाव
-दिन में नमक 5 ग्राम से कम खाना चाहिए
- प्रतिदिन 30 मिनट योग व शारीरिक अभ्यास करना चाहिए
- शराब, धूम्रपान नहीं करना चाहिए
- चटनी का प्रयोग नहीं करना चाहिए
- तले व भुने हुए खाद्य पदार्थों से दूर रहना चाहिए
वर्जन
70 फीसदी आबादी में उच्च रक्तचाप के 13912 मरीज मिले हैं। लोगों को समय-समय पर अपनी स्वास्थ्य जांच कराते रहना चाहिए। चिकित्सकों की सलाह पर दवा लेते रहने से लोग बीमारियों से दूर रह सकते हैं।
डॉ. गीता दहिया, उप सिविल सर्जन, सोनीपत
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जीवन शैली में बदलाव आने के कारण लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। 30 साल तक की उम्र के युवा भी उच्च रक्तचाप से अछूते नहीं हैं। पहले स्वास्थ्य विभाग 50 या इससे ज्यादा उम्र के लोगों में उच्च रक्तचाप का शिकार होने की आशंका जताता थी, लेकिन विभाग की ओर से लगातार की जा रही स्क्रीनिंग की दौरान सामने आया है कि 30 साल या इससे ज्यादा उम्र के युवा भी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जिले में 70 फीसदी आबादी की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिसमें से अब तक उच्च रक्तचाप के 13912 मरीज मिले हैं।
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मुस्कान खत्म होने से बढ़ी बीमारियां
चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र राणा का कहना है कि मुस्कान खत्म होने से लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। तनाव में जीने से ब्लड प्रेशर, शुगर, हृदय रोग संबंधी और डिप्रेशन जैसी कई बीमारियां बढ़ रही हैं। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 100 से ज्यादा मरीज रक्तचाप से पीड़ित आते हैं। हृदय रोग से संबंधित 20 से 25 लोग रोजाना उपचार कराने पहुंच रहे हैं। साथ ही मनोरोगियों की संख्या भी कम नहीं है। ऐसे में लोगों को तनाव मुक्त जीवन के लिए हंसना जरूरी है।
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लोगों को तनावमुक्त करने के लिए दिया प्रशिक्षण
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर के आदेश पर उप सिविल सर्जन डॉ. गीता दहिया, विश्व स्वास्थ्य संगठन से एनसीडी की नोडल अधिकारी डॉ. हंसप्रीत, जिला कार्यक्रम कॉओर्डिनेटर डॉ. प्रियंका ने नर्सिंग अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। साथ ही उन्हें लोगों की लगातार स्क्रीनिंग करते रहने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि लोगों को तनावमुक्त करने के लिए विभाग की ओर से बेहतर प्रयास किए जा रहे है। लोगों को एनसीडी क्लीनिक पर जाकर रक्तचाप व मधुमेह की जांच जरूर करनी चाहिए।
उच्च रक्तचाप के यह हैं कारण
-तनाव
- धूम्रपान
- शराब पीना
- अनियमित दिनचर्या
- अनियमित खानपान
बचाव
-दिन में नमक 5 ग्राम से कम खाना चाहिए
- प्रतिदिन 30 मिनट योग व शारीरिक अभ्यास करना चाहिए
- शराब, धूम्रपान नहीं करना चाहिए
- चटनी का प्रयोग नहीं करना चाहिए
- तले व भुने हुए खाद्य पदार्थों से दूर रहना चाहिए
वर्जन
70 फीसदी आबादी में उच्च रक्तचाप के 13912 मरीज मिले हैं। लोगों को समय-समय पर अपनी स्वास्थ्य जांच कराते रहना चाहिए। चिकित्सकों की सलाह पर दवा लेते रहने से लोग बीमारियों से दूर रह सकते हैं।
डॉ. गीता दहिया, उप सिविल सर्जन, सोनीपत