{"_id":"59c2b92f4f1c1bae688b5a26","slug":"121505933615-sonipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना लेक्चरर के कैसे होगी पढ़ाई, कन्या कालेज में 20 में 12 पद खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना लेक्चरर के कैसे होगी पढ़ाई, कन्या कालेज में 20 में 12 पद खाली
Updated Thu, 21 Sep 2017 12:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना। सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के बखान पर हर साल लाखों रुपये खर्च कर रही है। जबकि, योजना को अमलीजामा पहनाने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। योजना को कामयाब बनाने के लिए जो जरूरी साधन-संसाधन होने चाहिए। उस पर सरकार ध्यान ही नहीं दे रही। राजकीय पीजी गर्ल्स कालेज में स्टॉफ न होने के कारण छात्राओं का भविष्य चौपट होता जा रहा है। चेक्चररों के रिक्त पद भरने की मांग को लेकर बुधवार को छात्राओं ने जमकर प्रदर्शन किया और जल्द से जल्द रिक्त पदों को भरने की मांग की। छात्राओं ने कालेज में बुनियादी सुविधाओं की कमी का भी रोना रोया।
कॉलेज में 2195 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। बुधवार को इस कॉलेज की छात्राओं ने स्टाफ की कमी पूरी करने के लिए प्रदर्शन किया। कॉलेज छात्राओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज में न तो स्ट्राफ है और न ही पीने के पानी की व्यवस्था है। बिजली के आने-जाने का कोई समय नहीं है। जेनरेटर कभी-कभार ही चलाया जाता है। छात्राओं स्वाति, प्रियंका, अंजलि, नीलम, रिया, रजनी, संजना आदि ने आरोप लगाया कि कॉलेज की प्रिंसिपल से बार-बार स्टाफ को पूरा करने की मांग करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
स्वीकृत पद 20, खाली पड़े हैं 12
कॉलेज में गणित और विज्ञान विषय के 20 पद स्वीकृत हैं। इनमें से केवल आठ पर ही लेक्चरर नियुक्त हैं। जबकि, 12 पद लंबे समय से खाली हैं। गणित विषय के लेक्चरर के पांच पद स्वीकृत हैं। जबकि, तीन पद रिक्त पड़े हैं। इसी प्रकार विज्ञान विषय में केमिस्ट्री के आठ पद स्वीकृत हैं। इनमें से पांच पद खाली पड़े हैं। बॉटनी के लेक्चरर के तीन पर स्वीकृत हैं। जबकि, दो खाली पड़े हैं। इसी प्रकार फिजिक्स के लेक्चरर के चार पद स्वीकृत हैं। इनमें से दो पद रिक्त हैं।
विज्ञापन
सुबह नौ बजे कॉलेज आते हैं, दिन भर खाली बैठकर लौट जाते हैं
कॉलेज में पढ़ने के लिए रोजाना सुबह नौ बजे घर से आ जाते हैं। लेकिन, कालेज में कोई लेक्चरर न होने के कारण दिन भर खाली बैठकर लौट जाते हैं। सरकार बेटियों को पढ़ाने के लिए लोगों को प्रेरित करने का दावा कर रही है। जबकि, उनके लिए लेक्चरर तक नियुक्त नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में टॉपर बनना तो दूर उनके लिए पास मुश्किल है।
फोटो 25-स्वाति, छात्रा राजकीय कालेज, गोहाना।
कालेज में नहीं हैं बुनियादी सुविधाएं
कॉलेज में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। प्रवेश के दौरान सभी सुविधाओं के लिए फीस अदा की जाती है। उसके बावजूद कालेज में बिजली, पानी की कमी है। बिजली का कोई समय नहीं हैं। लेक्चरर नहीं होने से पढ़ाई बाधित हो रही है। बिजली और पानी की मांग को लेकर प्रिंसिपल से शिकायत करनी पड़ती है। कॉलेज में जेनरेटर है, पर चलता नहीं है।
फोटो 26-संगीता, छात्रा राजकीय कालेज, गोहाना।
कालेज में स्टाफ की कमी से बाधित हो रही पढ़ाई
कॉलेज में लंबे समय से स्टॉफ की कमी है। इसे पूरा करने की मांग को लेकर सरकार और उच्चतर शिक्षा विभाग को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। सरकार की ओर से आश्वासन मिला है कि जल्दी ही स्टाफकी कमी पूरी कर दी जाएगी। स्टाफ की कमी के बावजूद बच्चों का कम से कम नुकसान हो, इसका ध्यान रखा जाता है। ज्यादा से ज्यादा कक्षाएं लगाने का प्रयास किया जाता है। बिजली की कमी के कारण कई बार पानी की कमी हो जाती है। कॉलेज का जेनरेटर खराब होने के कारण उसे चलाया नहीं जा रहा है।
सुमन दहिया, प्राचार्या राजकीय गर्ल्ज कालेज गोहाना।
गोहाना। सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के बखान पर हर साल लाखों रुपये खर्च कर रही है। जबकि, योजना को अमलीजामा पहनाने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। योजना को कामयाब बनाने के लिए जो जरूरी साधन-संसाधन होने चाहिए। उस पर सरकार ध्यान ही नहीं दे रही। राजकीय पीजी गर्ल्स कालेज में स्टॉफ न होने के कारण छात्राओं का भविष्य चौपट होता जा रहा है। चेक्चररों के रिक्त पद भरने की मांग को लेकर बुधवार को छात्राओं ने जमकर प्रदर्शन किया और जल्द से जल्द रिक्त पदों को भरने की मांग की। छात्राओं ने कालेज में बुनियादी सुविधाओं की कमी का भी रोना रोया।
कॉलेज में 2195 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। बुधवार को इस कॉलेज की छात्राओं ने स्टाफ की कमी पूरी करने के लिए प्रदर्शन किया। कॉलेज छात्राओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज में न तो स्ट्राफ है और न ही पीने के पानी की व्यवस्था है। बिजली के आने-जाने का कोई समय नहीं है। जेनरेटर कभी-कभार ही चलाया जाता है। छात्राओं स्वाति, प्रियंका, अंजलि, नीलम, रिया, रजनी, संजना आदि ने आरोप लगाया कि कॉलेज की प्रिंसिपल से बार-बार स्टाफ को पूरा करने की मांग करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
स्वीकृत पद 20, खाली पड़े हैं 12
कॉलेज में गणित और विज्ञान विषय के 20 पद स्वीकृत हैं। इनमें से केवल आठ पर ही लेक्चरर नियुक्त हैं। जबकि, 12 पद लंबे समय से खाली हैं। गणित विषय के लेक्चरर के पांच पद स्वीकृत हैं। जबकि, तीन पद रिक्त पड़े हैं। इसी प्रकार विज्ञान विषय में केमिस्ट्री के आठ पद स्वीकृत हैं। इनमें से पांच पद खाली पड़े हैं। बॉटनी के लेक्चरर के तीन पर स्वीकृत हैं। जबकि, दो खाली पड़े हैं। इसी प्रकार फिजिक्स के लेक्चरर के चार पद स्वीकृत हैं। इनमें से दो पद रिक्त हैं।
विज्ञापन
सुबह नौ बजे कॉलेज आते हैं, दिन भर खाली बैठकर लौट जाते हैं
कॉलेज में पढ़ने के लिए रोजाना सुबह नौ बजे घर से आ जाते हैं। लेकिन, कालेज में कोई लेक्चरर न होने के कारण दिन भर खाली बैठकर लौट जाते हैं। सरकार बेटियों को पढ़ाने के लिए लोगों को प्रेरित करने का दावा कर रही है। जबकि, उनके लिए लेक्चरर तक नियुक्त नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में टॉपर बनना तो दूर उनके लिए पास मुश्किल है।
फोटो 25-स्वाति, छात्रा राजकीय कालेज, गोहाना।
कालेज में नहीं हैं बुनियादी सुविधाएं
कॉलेज में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। प्रवेश के दौरान सभी सुविधाओं के लिए फीस अदा की जाती है। उसके बावजूद कालेज में बिजली, पानी की कमी है। बिजली का कोई समय नहीं हैं। लेक्चरर नहीं होने से पढ़ाई बाधित हो रही है। बिजली और पानी की मांग को लेकर प्रिंसिपल से शिकायत करनी पड़ती है। कॉलेज में जेनरेटर है, पर चलता नहीं है।
फोटो 26-संगीता, छात्रा राजकीय कालेज, गोहाना।
कालेज में स्टाफ की कमी से बाधित हो रही पढ़ाई
कॉलेज में लंबे समय से स्टॉफ की कमी है। इसे पूरा करने की मांग को लेकर सरकार और उच्चतर शिक्षा विभाग को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। सरकार की ओर से आश्वासन मिला है कि जल्दी ही स्टाफकी कमी पूरी कर दी जाएगी। स्टाफ की कमी के बावजूद बच्चों का कम से कम नुकसान हो, इसका ध्यान रखा जाता है। ज्यादा से ज्यादा कक्षाएं लगाने का प्रयास किया जाता है। बिजली की कमी के कारण कई बार पानी की कमी हो जाती है। कॉलेज का जेनरेटर खराब होने के कारण उसे चलाया नहीं जा रहा है।
सुमन दहिया, प्राचार्या राजकीय गर्ल्ज कालेज गोहाना।