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Sonipat News: किमी पूरा होने पर अड्डे में खड़ी रहीं 10 बसें
Sat, 01 Jul 2023 12:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 01 Jul 2023 12:31 AM IST
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फोटो 39- बस अड्डे में खड़ी किलोमीटर योजना की बसें। संवाद
गोहाना। बस अड्डे से किलोमीटर योजना के तहत चलने वाली 10 बसों को किलोमीटर पूरे होने पर बस अड्डे में खड़ा कर दिया गया। जिससे विभिन्न रूटों पर बसों की कमी होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बस नहीं मिलने से यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
रोडवेज के गोहाना सब डिपो में बसों की संख्या 70 है। इनमें 21 बसें किलोमीटर स्कीम की हैं। बेड़े में विभाग की जो सरकारी बसें हैं उनकी हालत ज्यादा अच्छी नहीं है। हालांकि इस साल 12 नई बसें बेड़े में शामिल की गई हैं। उन्हें लंबे रूटों पर भेजा जा रहा है। पुरानी बसों को लोकल रूटों पर ही भेजा जा रहा है। लंबे और बाहरी राज्यों के रूटों पर किलोमीटर स्कीम की 21 बसें भेजी जाती हैं। इन बसों को चलाने के लिए किलोमीटर निर्धारित किए हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार इन बसों को एक महीने में 14000 किलोमीटर चलाना है। लंबे रूटों पर चलने के कारण इन बसों के किलोमीटर महीना खत्म होने से कई दिन पहले पूरे हो जाते हैं। किलोमीटर पूरे होने के बाद लंबे रूट पर बसें बंद हो जाती हैं। इससे यात्रियों को परेशानी होती है।
इन रूटों पर होता है बसों का संचालन
गोहाना सब डिपो से चंडीगढ़, दिल्ली, जयपुर, हरिद्वार, मथुरा रूटों पर बसों का संचालन होता है। इन रूटों पर केवल किलोमीटर स्कीम की बसें ही भेजी जाती हैं। लंबे रूटों से ही विभाग को ज्यादा आमदनी प्राप्त होती है। लंबे रूटों पर किलोमीटर स्कीम की बसें चलने और कई दिन बसें बंद रहने से राजस्व पर सीधा असर पड़ता है।
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किलोमीटर योजना की बसों के निर्धारित किलोमीटर पूरे होने के बाद उनको बंद करवा दिया जाता है। सरकारी बसों की कमी के कारण रूटों पर संचालन प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को 10 बसे डिपो में खड़ी रहीं और लंबे रूट प्रभावित रहे। -दिलबाग, डीआई, बस अड्डा, गोहाना।
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रोडवेज के गोहाना सब डिपो में बसों की संख्या 70 है। इनमें 21 बसें किलोमीटर स्कीम की हैं। बेड़े में विभाग की जो सरकारी बसें हैं उनकी हालत ज्यादा अच्छी नहीं है। हालांकि इस साल 12 नई बसें बेड़े में शामिल की गई हैं। उन्हें लंबे रूटों पर भेजा जा रहा है। पुरानी बसों को लोकल रूटों पर ही भेजा जा रहा है। लंबे और बाहरी राज्यों के रूटों पर किलोमीटर स्कीम की 21 बसें भेजी जाती हैं। इन बसों को चलाने के लिए किलोमीटर निर्धारित किए हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार इन बसों को एक महीने में 14000 किलोमीटर चलाना है। लंबे रूटों पर चलने के कारण इन बसों के किलोमीटर महीना खत्म होने से कई दिन पहले पूरे हो जाते हैं। किलोमीटर पूरे होने के बाद लंबे रूट पर बसें बंद हो जाती हैं। इससे यात्रियों को परेशानी होती है।
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इन रूटों पर होता है बसों का संचालन
गोहाना सब डिपो से चंडीगढ़, दिल्ली, जयपुर, हरिद्वार, मथुरा रूटों पर बसों का संचालन होता है। इन रूटों पर केवल किलोमीटर स्कीम की बसें ही भेजी जाती हैं। लंबे रूटों से ही विभाग को ज्यादा आमदनी प्राप्त होती है। लंबे रूटों पर किलोमीटर स्कीम की बसें चलने और कई दिन बसें बंद रहने से राजस्व पर सीधा असर पड़ता है।
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किलोमीटर योजना की बसों के निर्धारित किलोमीटर पूरे होने के बाद उनको बंद करवा दिया जाता है। सरकारी बसों की कमी के कारण रूटों पर संचालन प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को 10 बसे डिपो में खड़ी रहीं और लंबे रूट प्रभावित रहे। -दिलबाग, डीआई, बस अड्डा, गोहाना।

फोटो 39- बस अड्डे में खड़ी किलोमीटर योजना की बसें। संवाद