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1 साल बाद याद आया 7 साल पुराना हिसाब
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Mon, 08 Sep 2014 12:10 AM IST
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हुडा के कारनामे भी अजीब हैं। भ्रष्टाचार के मामले में तो यदा-कदा उजागर होेते ही रहते हैं, लेकिन हरियाणा अर्बन डेवेलप में अथॉरिटी का एक नया मामला सामने आया है।
हुडा द्वारा एक साल पहले तो एक प्लॉट अलॉटी को रिअलॉटमेंट दे दी, इसके बाद अब 7 साल पुराना ड्यूज मांग रहा है। इन सात सालों में हुडा अलॉटी को कई बार नो ड्यूज और एनओसी भी दे चुका है। अब ड्यूज पता लगने के बाद परेशान अलॉटी कई बार हुडा कार्यालय के चक्कर काट चुका है, लेकिन समस्या का कोई हल नहीं निकल रहा।
सुशील गोयल पुत्र स्वर्गीय ओमप्रकाश ने जनवरी 2013 में सेक्टर 12 स्थित 2454 नंबर मकान खरीदा था। यह मकान सुशील, उसकी पत्नी कोमल, मां राज दुलारी और भाई मनोज के नाम से खरीदा गया था। मकान खरीदने के बाद मार्च 2013 में उसके नाम से रिअलॉटमेंट भी हुडा द्वारा जारी की गई थी।
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लेकिन अब वह अपने मकान पर लोन लेना चाहता है, इसके लिये बैंक ने हुडा की ओर से मोर्गेज परमीशन की मांग की। सुशील का आरोप है कि जब वह मोर्गेज परमीशन के लिये हुडा कार्यालय में पहुंचा तो उस पर वर्ष 2007 का डेढ़ लाख रुपये बकाया देने का दबाव बनाया गया।
सुशील का आरोप है कि इस बारे में वह अपने पिता के साथ कई बार हुडा कार्यालय में पहुंचा, लेकिन अधिकारियों ने उसकी एक न सुनी।नियम की बात करें तो रिअलॉटमेंट का लेटर जारी होना ही अपने आप में नो-ड्यूज का सर्टिफिकेट है। सुशील कुमार और अन्य के नाम से 12 मार्च 2013 को रिअलॉटमेंट जारी हुआ है।
रिअलॉटमेंट जारी होने से पहले अलॉटी ट्रांसफर परमिशन जैसी कई फॉरमेलिटीज से गुजरना पड़ता है और अगर कोई बकाया हुडा ने लेना होता है तो रिअलॉटमेंट जारी नहीं की जाती। बकाया बिल्कुल शून्य होने पर ही रिअलॉटमेंट जारी होती है।
बकौल सुशील उससे पहले के अलाटी दो-तीन बार नो-ड्यूज सर्टिफिकेट और एनओसी प्राप्त कर चुके हैं। इसके बावजूद उसे मोर्गेज परमीशन नहीं दी जा रही।
गोयल ने बताया कि मार्च 2013 में ही उसे भी मोर्गेज परमीशन दी गई थी। उस समय वह उस परमरशन का इस्तेमाल नहीं कर पाया, इसीलिये उसे अब दोबारा परमीशन चाहिए। सुशील ने बताया कि मकान लेने के लिये उसने कर्जा लिया था, यह कर्जा चुकाने के लिये ही लोन लेना चाहता था।
सुशील गोयल ने आरोप लगाया कि हुडा कर्मचारियों ने उसके साथ बदतमीजी भी की। हुडा के अकाउंटेंट और सुपरींटेंडेंट पर आरोप लगाते हुए सुशील गोयल ने कहा कि इन लोगों ने उसके साथ गलत व्यवहार किया। सुशील गोयल ने अकाउंटेंट पर अप्रत्यक्ष रूप से रिश्वत मांगने का आरोप भी लगाया।
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हुडा द्वारा एक साल पहले तो एक प्लॉट अलॉटी को रिअलॉटमेंट दे दी, इसके बाद अब 7 साल पुराना ड्यूज मांग रहा है। इन सात सालों में हुडा अलॉटी को कई बार नो ड्यूज और एनओसी भी दे चुका है। अब ड्यूज पता लगने के बाद परेशान अलॉटी कई बार हुडा कार्यालय के चक्कर काट चुका है, लेकिन समस्या का कोई हल नहीं निकल रहा।
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सुशील गोयल पुत्र स्वर्गीय ओमप्रकाश ने जनवरी 2013 में सेक्टर 12 स्थित 2454 नंबर मकान खरीदा था। यह मकान सुशील, उसकी पत्नी कोमल, मां राज दुलारी और भाई मनोज के नाम से खरीदा गया था। मकान खरीदने के बाद मार्च 2013 में उसके नाम से रिअलॉटमेंट भी हुडा द्वारा जारी की गई थी।
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लेकिन अब वह अपने मकान पर लोन लेना चाहता है, इसके लिये बैंक ने हुडा की ओर से मोर्गेज परमीशन की मांग की। सुशील का आरोप है कि जब वह मोर्गेज परमीशन के लिये हुडा कार्यालय में पहुंचा तो उस पर वर्ष 2007 का डेढ़ लाख रुपये बकाया देने का दबाव बनाया गया।
सुशील का आरोप है कि इस बारे में वह अपने पिता के साथ कई बार हुडा कार्यालय में पहुंचा, लेकिन अधिकारियों ने उसकी एक न सुनी।नियम की बात करें तो रिअलॉटमेंट का लेटर जारी होना ही अपने आप में नो-ड्यूज का सर्टिफिकेट है। सुशील कुमार और अन्य के नाम से 12 मार्च 2013 को रिअलॉटमेंट जारी हुआ है।
रिअलॉटमेंट जारी होने से पहले अलॉटी ट्रांसफर परमिशन जैसी कई फॉरमेलिटीज से गुजरना पड़ता है और अगर कोई बकाया हुडा ने लेना होता है तो रिअलॉटमेंट जारी नहीं की जाती। बकाया बिल्कुल शून्य होने पर ही रिअलॉटमेंट जारी होती है।
बकौल सुशील उससे पहले के अलाटी दो-तीन बार नो-ड्यूज सर्टिफिकेट और एनओसी प्राप्त कर चुके हैं। इसके बावजूद उसे मोर्गेज परमीशन नहीं दी जा रही।
गोयल ने बताया कि मार्च 2013 में ही उसे भी मोर्गेज परमीशन दी गई थी। उस समय वह उस परमरशन का इस्तेमाल नहीं कर पाया, इसीलिये उसे अब दोबारा परमीशन चाहिए। सुशील ने बताया कि मकान लेने के लिये उसने कर्जा लिया था, यह कर्जा चुकाने के लिये ही लोन लेना चाहता था।
सुशील गोयल ने आरोप लगाया कि हुडा कर्मचारियों ने उसके साथ बदतमीजी भी की। हुडा के अकाउंटेंट और सुपरींटेंडेंट पर आरोप लगाते हुए सुशील गोयल ने कहा कि इन लोगों ने उसके साथ गलत व्यवहार किया। सुशील गोयल ने अकाउंटेंट पर अप्रत्यक्ष रूप से रिश्वत मांगने का आरोप भी लगाया।