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पांच हजार रिश्वत लेते एसएमओ गिरफ्तार
फतेहाबाद/ब्यूरो।
Updated Fri, 27 Sep 2013 10:46 PM IST
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हरियाणा में विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को फतेहाबाद के सिविल अस्पताल के एसएमओ को पांच हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस विभाग ने डॉक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। डॉक्टर एक महिला कांस्टेबल से मेडिकल एनओसी जारी करने के नाम पर रिश्वत ले रहा था।
जानकारी के अनुसार गांव रावलवास निवासी आजाद सिंह की पत्नी फतेहाबाद पुलिस विभाग में महिला कांस्टेबल के पद पर तैनात है। पिछले दिनों संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से वह जख्मी हो गई थी और उसका हिसार के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
कांस्टेबल की मेडिकल बिलों की मंजूरी के लिए एनओसी बनाई जानी थी। इसे एसएमओ डा.ओपी दहमीवाल ने जारी करना था। विजिलेंस को दी शिकायत में कांस्टेबल के पति आजाद सिंह ने बताया कि वह एनओसी के लिए डा.ओपी दहमीवाल से कई बार मिला लेकिन डॉक्टर ने उसे एनओसी नहीं दी और टाल-मटोल करने लगा। बाद में एनओसी जारी करने की एवज में उससे पांच हजार की रिश्वत मांगी गई।
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विजिलेंस के एसपी ने एक टीम का गठन कर फतेहाबाद के उपायुक्त से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग की। उपायुक्त ने तहसीलदार दर्शन सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया। तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार विजिलेंस ने आजाद सिंह को पांच हजार के 500-500 रुपये के नोट केमिकल लगाकर दिए और उसे सिविल अस्पताल भेज दिया।
आजाद सिंह ने एसएमओ कार्यालय में जाकर रिश्वत की रकम को डा. दहमीवाल को दे दिया। डा. दहमीवाल ने ये रुपये वहां रखे एक रजिस्टर में रख दिये। तभी विजिलेंस के निरीक्षक भूपेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ एसएमओ कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने डा.ओपी दहमीवाल को काबू कर उसके हाथ धुलवाये। हाथ धुलवाने पर एसएमओ डा.ओपी दहमीवाल के हाथ लाल हो गये। विजिलेंस टीम डॉक्टर को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
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जानकारी के अनुसार गांव रावलवास निवासी आजाद सिंह की पत्नी फतेहाबाद पुलिस विभाग में महिला कांस्टेबल के पद पर तैनात है। पिछले दिनों संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से वह जख्मी हो गई थी और उसका हिसार के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
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कांस्टेबल की मेडिकल बिलों की मंजूरी के लिए एनओसी बनाई जानी थी। इसे एसएमओ डा.ओपी दहमीवाल ने जारी करना था। विजिलेंस को दी शिकायत में कांस्टेबल के पति आजाद सिंह ने बताया कि वह एनओसी के लिए डा.ओपी दहमीवाल से कई बार मिला लेकिन डॉक्टर ने उसे एनओसी नहीं दी और टाल-मटोल करने लगा। बाद में एनओसी जारी करने की एवज में उससे पांच हजार की रिश्वत मांगी गई।
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विजिलेंस के एसपी ने एक टीम का गठन कर फतेहाबाद के उपायुक्त से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग की। उपायुक्त ने तहसीलदार दर्शन सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया। तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार विजिलेंस ने आजाद सिंह को पांच हजार के 500-500 रुपये के नोट केमिकल लगाकर दिए और उसे सिविल अस्पताल भेज दिया।
आजाद सिंह ने एसएमओ कार्यालय में जाकर रिश्वत की रकम को डा. दहमीवाल को दे दिया। डा. दहमीवाल ने ये रुपये वहां रखे एक रजिस्टर में रख दिये। तभी विजिलेंस के निरीक्षक भूपेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ एसएमओ कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने डा.ओपी दहमीवाल को काबू कर उसके हाथ धुलवाये। हाथ धुलवाने पर एसएमओ डा.ओपी दहमीवाल के हाथ लाल हो गये। विजिलेंस टीम डॉक्टर को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।