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महिला हेडकांस्टेबल से छेड़छाड़ की जांच के लिए एसआईटी

Wed, 25 Dec 2013 09:50 PM IST
जींद/ब्यूरो
जींद/ब्यूरो Updated Wed, 25 Dec 2013 09:50 PM IST
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SIT to investigate manipulating female Hedkanstebl
हरियाणा के जिला जींद के महिला हेड कांस्टेबल के साथ छेड़छाड़ के आरोप में अदालत के आदेश पर पिल्लूखेड़ा थाना के पूर्व इंचार्ज रहे दो इंस्पेक्टराें के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद हिसार रेंज के आईजी शत्रुजीत कपूर ने जांच के लिए एसआईटी के गठन के आदेश दिए हैं।
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मामले की जांच हिसार में कार्यरत एएसपी मनीषा चौधरी करेंगी। वे बुधवार को जींद में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे। आईजी ने कहा कि अधिकारी दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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हेड कांस्टेबल ने पांच दिसंबर को अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि दिसंबर 2012 में वह पिल्लूखेड़ा थाने में तैनात थी। तत्कालीन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सतप्रकाश, उसके कमरे में आया और उसके साथ छेड़खानी की।
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विरोध करने पर सतप्रकाश ने उसे खरी खोटी सुनाई और  बेइज्जती की। जिसकी शिकायत तत्कालीन एसपी सौरभ सिंह से की गई। उन्होंने थाना प्रभारी सतप्रकाश को सस्पेंड कर दिया। उसके स्थान पर इंस्पेक्टर मायाराम को पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी लगाया गया।

लेकिन मायाराम ने उससे उसे परेशान किया। बाद में एसपी सौरभ सिंह का तबादला हो गया। जिसके बाद जांच की महज खानापूर्ति कर दोनों इंस्पेक्टरों को पाक साफ करार दे दिया गया।


महिला का आरोप है कि उसे परेशान करने के लिए तुरंत बाद तीन माह के प्रशिक्षण पर मधुबन भेज दिया गया, अब उसे आईजी रिजर्व हिसार भेजा गया है।

महिला हेड कांस्टेबल की याचिका पर अदालत ने संज्ञान लेते हुए शहर थाना पुलिस को मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे।

जिस पर शहर थाना पुलिस ने इंस्पेक्टर सतप्रकाश और मायाराम के खिलाफ छेड़छाड़ करने, उत्पीड़न करने और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया है।

पीड़िता का आरोप है कि दोनों इंस्पेक्टर उसके क्वार्टर पर आए और उसे बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। जिसकी शिकायत उसने एसपी से की।

लेकिन एसपी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उसने कहा कि उसे जांच के लिए जींद पुलिस पर विश्वास नहीं है।

किसी दूसरे जिले के वरिष्ठ अधिकारी से मामले की जांच करवाई जाए। पूर्व में हुई जांच में दोनों आरोपी इंस्पेक्टरों को महज खानापूर्ति के नाम पर क्लीन चिट दे दी गई थी।



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