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Sirsa News: बाढ़ से बचाव के लिए ओटू हेड पर काम शुरू
Mon, 24 Jun 2024 05:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 24 Jun 2024 05:54 AM IST
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अशोक दधीच
सिरसा। पिछले साल घग्गर नदी में आई बाढ़ के कारण जिले के कई गांवों में हुई फसलों व ढाणियों में बर्बादी को देखते हुए इस बार सिंचाई विभाग ने पहले से ही बाढ़ आने से रोकने के उपायों पर काम शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से ओटू हेड के सभी दरवाजों की मरम्मत का कार्य आरंभ कर दिया गया है। ओटू झील में जलकुंभियों को हटाया जा रहा है। ओटू हेड से निकल रही माइनरों की सफाई का कार्य भी आरंभ कर दिया गया है। यहां तक कि मनरेगा के तहत भी विभाग ने नहरों की सफाई का कार्य शुरू करवा दिया है।
पिछले साल जुलाई में घग्गर के उफान पर आने के कारण जिले के 49 गांव प्रभावित हुए थे। यही नहीं 28 गांवों में हालात काफी खराब हुए थे। पिछले साल आई बाढ़ का असर यह रहा था कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 106 गांवों के 1,402 किसानों की 6,572 एकड़ फसल का नुकसान हुआ। इसके साथ ही 35 मकान क्षतिग्रस्त हो गए व 18 पशुओं की मौत हो गई थी। बाढ़ के कारण गांवों के साथ ही शहरों में भी जलभराव हुआ था। इससे कई लोगों को परेशानी हुई थी। उन्होंने बाढ़ सुरक्षा की मांग की थी।
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सिरसा। पिछले साल घग्गर नदी में आई बाढ़ के कारण जिले के कई गांवों में हुई फसलों व ढाणियों में बर्बादी को देखते हुए इस बार सिंचाई विभाग ने पहले से ही बाढ़ आने से रोकने के उपायों पर काम शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से ओटू हेड के सभी दरवाजों की मरम्मत का कार्य आरंभ कर दिया गया है। ओटू झील में जलकुंभियों को हटाया जा रहा है। ओटू हेड से निकल रही माइनरों की सफाई का कार्य भी आरंभ कर दिया गया है। यहां तक कि मनरेगा के तहत भी विभाग ने नहरों की सफाई का कार्य शुरू करवा दिया है।
पिछले साल जुलाई में घग्गर के उफान पर आने के कारण जिले के 49 गांव प्रभावित हुए थे। यही नहीं 28 गांवों में हालात काफी खराब हुए थे। पिछले साल आई बाढ़ का असर यह रहा था कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 106 गांवों के 1,402 किसानों की 6,572 एकड़ फसल का नुकसान हुआ। इसके साथ ही 35 मकान क्षतिग्रस्त हो गए व 18 पशुओं की मौत हो गई थी। बाढ़ के कारण गांवों के साथ ही शहरों में भी जलभराव हुआ था। इससे कई लोगों को परेशानी हुई थी। उन्होंने बाढ़ सुरक्षा की मांग की थी।
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