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सिरसा: राम रहीम बोला- गुरु हम थे, हम हैं और हम ही रहेंगे, हिंदू त्योहारों पर ही क्यों साधा जाता है निशाना
Sun, 23 Oct 2022 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Oct 2022 11:15 PM IST
सार
ऑनलाइन सत्संग के दौरान डेरामुखी ने कहा कि हमने जेल से कई पत्र लिख दिए हैं। इसमें लिखा था कि गुरु हम थे, हम हैं और हम ही रहेंगे। 100 प्रतिशत, 1000 प्रतिशत, लाख परसेंट, चाहे लाखों बार कहलवा लो गुरु हम थे, हम हैं और हम ही रहेंगे।
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राम रहीम
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
डेरामुखी ने रविवार को भी ऑनलाइन माध्यम से संगत को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हर बार हिंदू त्योहारों को ही क्यों निशाना बनाया जाता है। पटाखे के एक दिन के प्रदूषण से हर कोई चिंतित है लेकिन सालभर चलनेवाली फैक्टरियों के धुएं के फिल्ट्रेशन के बारे में कोई नहीं सोचता।
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उत्तर प्रदेश के जिला बागपत स्थित शाह सतनाम जी आश्रम, बरनावा से डेरामुखी ने ऑनलाइन गुरुकुल के माध्यम से साध-संगत को संबोधित किया। डेरामुखी ने इस दौरान हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के परागपुर (नक्की), हरियाणा के जींद, पंजाब के बठिंडा, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, राजस्थान के कोटा, दिल्ली के कंझावला आदि स्थानों पर लाखों लोगों को नशा व अन्य सामाजिक बुराइयां छुड़वाने का प्रण कराया और उन्हें गुरुमंत्र दिया।
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डेरामुखी ने कहा कि दीपावली का शब्द दीपा प्लस अवली से मिलकर बना है जिसका शाब्दिक अर्थ दीपों की अवली अर्थात दीयों की कतार या पंक्ति से है। दीवाली हर कोई मनाता है, लेकिन हमने देखा है कि रामजी के पदचिह्नों पर चलने वालों की कमी है और रावण सबके अंदर जागा हुआ है।
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होली और दीवाली पर ही लोगों को आती है प्रदूषण की याद
डेरामुखी ने कहा कि नेचुरली जब आप पटाखे चलाओगे तो थोड़ा प्रदूषण तो बढ़ता ही है। लेकिन होली और दीवाली पर ही लोगों को प्रदूषण की याद आती है। हम इस हक में भी नहीं है कि आप पटाखे चलाकर प्रदूषण फैलाएं, लेकिन हम इस हक में भी नहीं है कि इन त्योहारों में खुशी ना मनाएं। पटाखों से तो सिर्फ एक दिन का प्रदूषण होता है, लेकिन फिर भी पॉल्यूशन वाले इंडेक्स वो रोजाना ही 300, 500, 1000 तक पहुंचे रहते हैं।
हमारे त्योहारों पर रहती है नजर
डेरामुखी ने कहा कि हमने सभी धर्मों में देखा है कि ज्यादातर में देवी-देवताओं, फरिश्तों की इज्जत की जाती है। लेकिन हमें बड़ा दर्द होता है, जब हमारे देवी-देवताओं के रूप धारण करके कोई सड़क पर भीख मांग रहा है तो कोई हमारे देवी-देवताओं के फिल्मों में रूप धारण करके उनकी बेइज्जती कर रहा है। इससे हमें दुख होता है। क्या इनके लिए कानून अलग-अलग है, क्योंकि सभी का देश तो एक ही है। बाकी धर्मों में तो देवी-देवताओं की बेइज्जती नहीं की जाती। सिर्फ हिंदू धर्म की बेइज्जती क्यों की जाती है। हिंदू धर्म के त्योहारों पर ही निशाना क्यों साधा जाता है। हमारे त्योहारों पर नजर रहती है।
‘हम हैं और हम ही रहेंगे गुरु’
ऑनलाइन सत्संग के दौरान डेरामुखी ने कहा कि हमने जेल से कई पत्र लिख दिए हैं। इसमें लिखा था कि गुरु हम थे, हम हैं और हम ही रहेंगे। 100 प्रतिशत, 1000 प्रतिशत, लाख परसेंट, चाहे लाखों बार कहलवा लो गुरु हम थे, हम हैं और हम ही रहेंगे। डेरामुखी ने कहा, पता नहीं कुछ दिनों बाद क्या खाज उठती है, फिर शुरू हो जाते हैं, फिर खाज उठती है और फिर शुरू हो जाते हैं।