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Sirsa News: जलकुंभी ने बढ़ाई रानियां व ऐलनाबाद क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता
Sat, 15 Jul 2023 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 15 Jul 2023 11:53 PM IST
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रानियां क्षेत्र में ओटू में घग्गर नदी में आई जलकुंभी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां (सिरसा)। ओटू हेड से लेकर राजस्थान साइफन तक जलकुंभी ने रानियां और ऐलनाबाद के गांवों की समस्या भी बढ़ा दी है। इसके कारण यहां से राजस्थान की तरफ पानी की निकासी नहीं हो पा रही है और घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में नदी का पानी राजपुरा कैनाल में डालने का प्रयास चल रहा है।
किसानों का कहना है कि राजस्थान प्रशासन राजपुरा कनाल में पानी डालने की बात कह घग्गर के पानी को बंद करने का प्रयास कर रहा है। इसके कारण ऐलनाबाद क्षेत्र के गांवों में बाढ़ की स्थिति बन जाएगी। गांव बणी खाली न करने को लेकर मुनादी हो चुकी है। लोग यहां से सामान लेकर पलायन कर रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से जलकुंभी व अन्य वनस्पति को निकालने के लिए जेसीबी लगाई हुई है।
शनिवार को ओटू हेड में 29500 क्यूसेक पानी था और राजस्थान की ओर 25500 क्यूसेक पानी छोड़ गया था। राजस्थान सरकार प्रयास कर रही है कि साइफन से घग्गर के पानी को डायवर्ट करके राज कनाल में डाला जाए और कुछ पानी घग्गर के जरिये ही राजस्थान में प्रवेश करे। इससे राजस्थान में पानी की मात्रा आबंटित हो जाएगी और ओटू हेड से लेकर साइफन तक घग्गर नदी टूटने का खतरा भी कम हो जाएगा। राजस्थान सरकार साइफन पर राज कनाल में पानी डालने के लिए खोदाई करवा रही है।
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बणी में सामान निकालने में जुटे ग्रामीण, प्रशासन ने करवाई गांव खाली न करने की मुनादी
गांव बणी में घग्गर का पानी जाने की आशंका को लेकर लोग पलायन करने में जुटे हैं। गांववासी घर का सामान उठाकर सुरक्षित जगह पर पहुंच रहे हैं। ऐसे में अब प्रशासन ने मुनादी करवाकर ग्रामीणों से गांव खाली न करने की अपील की है।
चंडीगढ़ और दिल्ली की बीच रास्ते से लौट रहीं रोडवेज बसें
चंडीगढ़ और दिल्ली में भी बाढ़ की स्थिति होने के कारण यहां से बसें लौट रही हैं। दिल्ली और चंडीगढ़ में जाने वाले यात्रियों की संख्या भी पहले से काफी कम हो गई है। दिल्ली की बसें बहादुरगढ़ से तो चंडीगढ़ की बसें पहवा और ढोल गांव से वापस आ रही हैं। रोडवेज महाप्रबंधक शेर सिंह ने बताया कि सोमवार तक दूसरे रास्ते से चंडीगढ़ तक बस शुरू करने का प्रयास रहेगा। मौसम साफ रहा तो रूट बहाल कर दिया जाएगा। दिल्ली के लिए चलने वाली करीब 33 बसों को बहादुरगढ़ से ही वापस बुलाया जा रहा है।
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रानियां (सिरसा)। ओटू हेड से लेकर राजस्थान साइफन तक जलकुंभी ने रानियां और ऐलनाबाद के गांवों की समस्या भी बढ़ा दी है। इसके कारण यहां से राजस्थान की तरफ पानी की निकासी नहीं हो पा रही है और घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में नदी का पानी राजपुरा कैनाल में डालने का प्रयास चल रहा है।
किसानों का कहना है कि राजस्थान प्रशासन राजपुरा कनाल में पानी डालने की बात कह घग्गर के पानी को बंद करने का प्रयास कर रहा है। इसके कारण ऐलनाबाद क्षेत्र के गांवों में बाढ़ की स्थिति बन जाएगी। गांव बणी खाली न करने को लेकर मुनादी हो चुकी है। लोग यहां से सामान लेकर पलायन कर रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से जलकुंभी व अन्य वनस्पति को निकालने के लिए जेसीबी लगाई हुई है।
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शनिवार को ओटू हेड में 29500 क्यूसेक पानी था और राजस्थान की ओर 25500 क्यूसेक पानी छोड़ गया था। राजस्थान सरकार प्रयास कर रही है कि साइफन से घग्गर के पानी को डायवर्ट करके राज कनाल में डाला जाए और कुछ पानी घग्गर के जरिये ही राजस्थान में प्रवेश करे। इससे राजस्थान में पानी की मात्रा आबंटित हो जाएगी और ओटू हेड से लेकर साइफन तक घग्गर नदी टूटने का खतरा भी कम हो जाएगा। राजस्थान सरकार साइफन पर राज कनाल में पानी डालने के लिए खोदाई करवा रही है।
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बणी में सामान निकालने में जुटे ग्रामीण, प्रशासन ने करवाई गांव खाली न करने की मुनादी
गांव बणी में घग्गर का पानी जाने की आशंका को लेकर लोग पलायन करने में जुटे हैं। गांववासी घर का सामान उठाकर सुरक्षित जगह पर पहुंच रहे हैं। ऐसे में अब प्रशासन ने मुनादी करवाकर ग्रामीणों से गांव खाली न करने की अपील की है।
चंडीगढ़ और दिल्ली की बीच रास्ते से लौट रहीं रोडवेज बसें
चंडीगढ़ और दिल्ली में भी बाढ़ की स्थिति होने के कारण यहां से बसें लौट रही हैं। दिल्ली और चंडीगढ़ में जाने वाले यात्रियों की संख्या भी पहले से काफी कम हो गई है। दिल्ली की बसें बहादुरगढ़ से तो चंडीगढ़ की बसें पहवा और ढोल गांव से वापस आ रही हैं। रोडवेज महाप्रबंधक शेर सिंह ने बताया कि सोमवार तक दूसरे रास्ते से चंडीगढ़ तक बस शुरू करने का प्रयास रहेगा। मौसम साफ रहा तो रूट बहाल कर दिया जाएगा। दिल्ली के लिए चलने वाली करीब 33 बसों को बहादुरगढ़ से ही वापस बुलाया जा रहा है।