ऐलनाबाद। राजस्थान की सीमा के पास पड़ने वाले गांवों में लोग वर्षों से पीने के पानी के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। परंतु पानी की इनकी इस समस्या के लिए आजतक किसी भी सरकार ने नहीं सुनी है। यहां के लोगों को राजस्थान से 2000 रुपये तक में पीने के लिए पानी के टैंकर खरीदकर लाना पड़ता है।
ऐलनाबाद के गांव मिठनपुरा, कर्मशाना, किशनपुरा व ढाणी शेरां के इर्द गिर्द बसी 300 से अधिक ढाणियों में रहने वाले लोगों के खेतों के सिंचाई की बात तो बहुत दूर इन ढाणियों में बसे लोगों को 2000 रुपयों तक में पानी के टैंकर खरीदकर पानी पीना पड़ता है। इन ढाणियों में रहने वाले लोगों को टैंकरों से राजस्थान के गांव केहरवाला, ढंढेला व ढाणी लाल खां से पानी मंगवाना पड़ता है। गांव कर्मशाना के सरपंच कुलदीप सहू, मिठनपुरा के सरपंच रामकुमार गोदारा, किशनपुरा के सरपंच प्रतिनिधि रामप्रताप सोलंकी, ढाणी शेरां के सरपंच प्रतिनिधि नत्थू राम बरावड़, किसान नेता रमेश सहारण, शहीद भगतसिंह ट्रस्ट मिठनपुरा के निदेशक कुलदीप मुंदलिया, अनिल जाखड़ व सुरजीत सिहाग ने बताया कि हमारे गांवों के इर्दगिर्द 300 से अधिक ढाणियां है। इन ढाणियों में बहुत बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। परंतु इन लोगों को जीवन के लिए जरूरी स्वच्छ मीठा पेयजल उपलब्ध नहीं है। उपरोक्त क्षेत्र में आने वाली शेरां वाली भाखड़ा नहर व घग्घर नदी की फ्लडी नहर के किनारों पर गांव मिठनपुरा से आगे अनिश्चितकालीन धरना दे रखा है और धरनास्थल पर चार ग्रामीण प्रतिदिन उपवास पर बैठते हैं। परंतु अभी तक इन ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं हुआ है।