फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   violation on the incroachment, there are shops is small ones have to be kept outside

अतिक्रमण पर आढ़ती बोले- दुकानें बहुत छोटी, इसलिए बाहर रखना पड़ता है सामान, 10 एकड़ में हो नई सब्जी मंडी का निर्माण

Wed, 19 Feb 2020 01:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 19 Feb 2020 01:27 AM IST
विज्ञापन
violation on the incroachment, there are  shops is small ones have to be  kept outside
आढ़तियों की बैठक लेते मार्केट कमेटी सचिव विकास सेतिया। - फोटो : Sirsa
सब्जी मंडी में अतिक्रमण को लेकर मार्केट कमेटी कार्यालय में आढ़तियान एसोसिएशन व अधिकारियों के बीच बैठक हुई। आढ़तियों के अनुसार सब्जी मंडी में जगह कम है जिस कारण से उन्हें सामान बाहर रखना पड़ रहा है। आढ़तियों ने कहा कि अनाज मंडी के आढ़तियों की तरह से सड़क पर माल नहीं उतार सकते, इसलिए उन्हें अपनी दुकानों के बाहर सामान रखना पड़ता है। साथ ही मांग की गई कि अलग से दस एकड़ में नई सब्जी मंडी का निर्माण किया जाए।
विज्ञापन

अंत में फैसला लिया गया कि मार्केट कमेटी बुधवार को सब्जी मंडी की वीडियो ग्राफी करवाई जाएगी। इस दौरान जिन दुकानों के बाहर जो सामान रखा होगा उसे अंदर करवाया जाएगा, अगर कोई दुकानदार इसका विरोध करता है तो ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर कार्रवाई की जाएगी। बतां दे कि कुछ दिनों पहले सब्जी मंडी में अतिक्रमण को लेकर मार्केट कमेटी ने नगर परिषद को पत्र लिखकर अतिक्रमण हटाने व दुकानों का रिकॉर्ड मांगा था। नगर परिषद ने अतिक्रमण हटाने से इंकार कर दिया था, लेकिन दुकानों का रिकार्ड उपलब्ध करवाने की हामी भरी थी।
विज्ञापन

मार्केट कमेटी सचिव विकास सेतिया ने मंगलवार को सब्जी मंडी में अतिक्रमण को लेकर आढ़तियों को मार्केट कमेटी में बुलाया। इस दौरान सब्जी मंडी एसोसिएशन के प्रधान गंगा बजाज ने बताया कि अनाज मंडी में जगह होने के कारण उन्हें अपनी सब्जियां दुकानों के बाहर तथा शेड के नीचे रखनी पड़ रही है। मार्केट कमेटी सचिव विकास सेतिया ने कहा कि सुबह के समय जब किसान अपनी सब्जी लेकर आते हैं तो जगह न होने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। क्योंकि मंडी में जब आढ़ती अपनी स्टोर किया हुआ सामान लगा देते हैं तो किसानों के लिए कोई जगह नहीं मिलती। बैठक के दौरान आढ़ती बोले कि सब्जी मंडी में उनकी दुकानें भी बहुत छोटी है। जिनमें सामान आना भी मुश्किल है। जिस कारण से आढ़तियों को बाहर सामान रखना पड़ रहा है। मंडी एसोसिएशन के प्रधान गंगाराम बजाज ने कहा कि आज से 45 साल पहले सिरसा सब्जी मंडी काटी गई थी। मंडी में करीब 60 दुकाने हैं। यह मंडी करीब दो एकड़ में है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीएम के राजनीतिक सचिव को भेजा ज्ञापन
प्रधान गंगाराम बजाज ने कहा कि सीएम ने पांच साल पहले सिरसा में अनाज मंडी, लक्कड़ मंडी व सब्जी मंडी बनाने की घोषणा की थी। इसके लिए नेशनल हाइवे पर 150 एकड़ जगह भी देखी गई। लेकिन लोगों ने 80 लाख रुपये की डिमांड की। मगर प्रशासन 35 से 40 लाख ही जमीन का भाव तय कर रहा था। यह योजना सिरे नहीं चढ़ी। इसलिए दोनों मंडियों से अलग नई सब्जी मंडी बना दी जाए। किसानों की समस्या का भी समाधान हो जाएगा और हमारा भी। प्रधान ने कहा कि इस मामले को लेकर हमने सीएम के राजनीतिक सचिव कृष्ण बेदी को भी ज्ञापन दिया है। क्योंकि अनाज मंडी के साथ सब्जी मंडी से फल व सब्जियां धूल से दूषित हो जाएगी। जिसका असर उपभोक्ता पर पड़ेगा। सब्जी उत्पादकों को भी उचित भाव नहीं मिलेगा।

सचिव बोले- आज होगी वीडियो ग्राफी
मार्केट कमेटी के सचिव विकास सेतिया ने बताया कि बुधवार सुबह सब्जी मंडी में वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। इस दौरान अगर किसी आढ़ती ने किसान की जगह पर अपनी सब्जी रखी या कुछ अन्य सामान वहां पर रखा हुआ है तो व हटवाया जाएगा। इस दौरान अगर कोई आढ़ती इसका विरोध करता है तो उसी समय ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया जाएगा और सब्जी मंडी में किसानों की जगह को खाली करवाया जाएगा। वहीं इसका विरोध करने वाले पर कार्रवाई भी की जाएगी।
कॉट्स--
सुबह वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। अगर किसी दुकानदार का सामान बाहर है तो उसे अंदर करवाया जाएगा। अगर कोई इसका विरोध करता है तो उस पर कार्रवाई भी की जाएगी।
-विकास सेतिया, सचिव, मार्केट कमेटी सिरसा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed