{"_id":"6581cbda7c47295e9d04a578","slug":"two-cold-stores-will-be-built-in-chormar-kheda-with-three-crores-dc-laid-the-foundation-stone-sirsa-news-c-128-1-svns1027-12006-2023-12-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: तीन करोड़ से चोरमार खेड़ा में बनेंगे दो कोल्ड स्टोर, डीसी ने रखा नींव पत्थर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: तीन करोड़ से चोरमार खेड़ा में बनेंगे दो कोल्ड स्टोर, डीसी ने रखा नींव पत्थर
Tue, 19 Dec 2023 10:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 19 Dec 2023 10:29 PM IST
विज्ञापन
सिरसा।
झींगा उत्पादन करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। इन किसानों को झींगा बेचने पर किसी प्रकार की परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। सरकार से ओर से गांव चोरमार खेड़ा में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत दो कोल्ड स्टोर तैयार किए जा रहे हैं। दोनों कोल्ड स्टोर के निर्माण पर करीब तीन करोड़ की लागत आएगी। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने मंगलवार को इन कोल्ड स्टोर का नींव पत्थर रखा।
उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने कहा कि लवणीय भूमि में मत्स्य पालन करके किसान अपनी आमदनी को बढ़ा सकता है। इसके लिए सरकार द्वारा मत्स्य पालन विभाग के माध्यम से अनेक किसान हितैषी कल्याणकारी योजनाएं शुरु की गई हैं। इनमें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, अनुसूचित जाति कल्याण योजना, इंटेंसिव योजना मुख्य रूप से शामिल हैं। सरकार द्वारा मत्स्य पालन पर 40 से 60 फीसदी तक अनुदान दिया जाता है।
प्रदेशभर में सिरसा जिला खारे पानी में झींगा उत्पादन में प्रथम स्थान पर है। जिला के लगभग 500 किसान योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। इसके तहत मंगलवार को गांव चोरमार खेड़ा में पहला कोल्ड स्टोर स्थापित किया गया है। इस कोल्ड स्टोर के माध्यम से किसानों को मत्स्य उत्पाद यानी झींगा बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। वे अपने गृह जिले में ही अपना उत्पाद आसानी से बेच सकेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष किसानों को झींगा बेचने में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा था,जैसे रेट में कमी व बिचौलियों द्वारा कम रेट देना। कोल्ड स्टोर की स्थापना के बाद किसानों को अपने तैयार फसल के अच्छे दाम मिल सकेंगे। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने जिला के 22 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत एक करोड़ 77 लाख रुपये की अनुदान राशि वितरित की।
297 लाभार्थियों को दिया 19 करोड़ रुपये का अनुदान
जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि प्रदेशभर में लगभग 4200 एकड़ लवणीय भूमि में झींगा पालन किया जा रहा है। अकेले सिरसा जिले में लगभग 1800 से 2000 एकड़ भूमि में झींगा पालन किया जा रहा है। सिरसा जिला आज झींगा उत्पादन में प्रदेशभर में पहले स्थान पर खड़ा है। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में विभाग द्वारा जिले के 297 लाभार्थियों को लगभग 19 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा चुका है। जिले में आठ से दस प्रस्तावित कोल्ड स्टोर व रेफ्रिजरेटर यानी इंसुलेटेड व्हीकल भी मत्स्य किसानों को वितरित किए जाएंगे।
डीसी के समक्ष रखीं झींगा उत्पादन से संबंधित समस्याएं
किसानों ने उपायुक्त पार्थ गुप्ता के समक्ष झींगा उत्पादन से संबंधित अनेक समस्याएं रखीं। बिजली के कनेक्शन का लोड बढ़ाने व यूनिट दर कम करने की समस्या पर उपायुक्त ने कहा कि उनकी यह समस्या मुख्यालय तक पहुंचा दी जाएगी और जल्द ही समाधान किया जाएगा। इस मौके पर गांव चोरमार खेड़ा के सरपंच जितेंद्र सिंह, रघुआना के पूर्व सरपंच जगतार सिंह, संजु देवी, मनीष कुमार, सतविंद्र कौर, गुरदीप सिंह, दर्शन सिंह, अरुण साहु, रमन, मंजु, अनन्या, दलवीर सिंह, सुनीता सहित विभिन्न गांवों के किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
झींगा उत्पादन करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। इन किसानों को झींगा बेचने पर किसी प्रकार की परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। सरकार से ओर से गांव चोरमार खेड़ा में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत दो कोल्ड स्टोर तैयार किए जा रहे हैं। दोनों कोल्ड स्टोर के निर्माण पर करीब तीन करोड़ की लागत आएगी। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने मंगलवार को इन कोल्ड स्टोर का नींव पत्थर रखा।
उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने कहा कि लवणीय भूमि में मत्स्य पालन करके किसान अपनी आमदनी को बढ़ा सकता है। इसके लिए सरकार द्वारा मत्स्य पालन विभाग के माध्यम से अनेक किसान हितैषी कल्याणकारी योजनाएं शुरु की गई हैं। इनमें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, अनुसूचित जाति कल्याण योजना, इंटेंसिव योजना मुख्य रूप से शामिल हैं। सरकार द्वारा मत्स्य पालन पर 40 से 60 फीसदी तक अनुदान दिया जाता है।
विज्ञापन
प्रदेशभर में सिरसा जिला खारे पानी में झींगा उत्पादन में प्रथम स्थान पर है। जिला के लगभग 500 किसान योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। इसके तहत मंगलवार को गांव चोरमार खेड़ा में पहला कोल्ड स्टोर स्थापित किया गया है। इस कोल्ड स्टोर के माध्यम से किसानों को मत्स्य उत्पाद यानी झींगा बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। वे अपने गृह जिले में ही अपना उत्पाद आसानी से बेच सकेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष किसानों को झींगा बेचने में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा था,जैसे रेट में कमी व बिचौलियों द्वारा कम रेट देना। कोल्ड स्टोर की स्थापना के बाद किसानों को अपने तैयार फसल के अच्छे दाम मिल सकेंगे। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने जिला के 22 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत एक करोड़ 77 लाख रुपये की अनुदान राशि वितरित की।
297 लाभार्थियों को दिया 19 करोड़ रुपये का अनुदान
जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि प्रदेशभर में लगभग 4200 एकड़ लवणीय भूमि में झींगा पालन किया जा रहा है। अकेले सिरसा जिले में लगभग 1800 से 2000 एकड़ भूमि में झींगा पालन किया जा रहा है। सिरसा जिला आज झींगा उत्पादन में प्रदेशभर में पहले स्थान पर खड़ा है। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में विभाग द्वारा जिले के 297 लाभार्थियों को लगभग 19 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा चुका है। जिले में आठ से दस प्रस्तावित कोल्ड स्टोर व रेफ्रिजरेटर यानी इंसुलेटेड व्हीकल भी मत्स्य किसानों को वितरित किए जाएंगे।
डीसी के समक्ष रखीं झींगा उत्पादन से संबंधित समस्याएं
किसानों ने उपायुक्त पार्थ गुप्ता के समक्ष झींगा उत्पादन से संबंधित अनेक समस्याएं रखीं। बिजली के कनेक्शन का लोड बढ़ाने व यूनिट दर कम करने की समस्या पर उपायुक्त ने कहा कि उनकी यह समस्या मुख्यालय तक पहुंचा दी जाएगी और जल्द ही समाधान किया जाएगा। इस मौके पर गांव चोरमार खेड़ा के सरपंच जितेंद्र सिंह, रघुआना के पूर्व सरपंच जगतार सिंह, संजु देवी, मनीष कुमार, सतविंद्र कौर, गुरदीप सिंह, दर्शन सिंह, अरुण साहु, रमन, मंजु, अनन्या, दलवीर सिंह, सुनीता सहित विभिन्न गांवों के किसान मौजूद रहे।