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बाइक के नंबरों से पास करवाए ट्रैक्टर ट्रॉली के बिल, तत्कालीन सरपंच और प्रतिनिधि पर मामला दर्ज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 09 Apr 2022 11:00 PM IST
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Tractor trolley bills passed by bike numbers, case registered against then sarpanch and representative
सिरसा। गांव नेजाडेला कलां में काम करवाए बिना ही गांव की शामलात भूमि को समतल करने के लिए स्कूटर और मोटरसाइकिल का नंबर डालकर ट्रैक्टर ट्रॉली के उपयोग होने के फर्जी बिल पास करवा लिए। गांववासी ने मामले की शिकायत गृह मंत्री को भेजी तो उनके आदेशों पर गांव की तत्कालीन सरपंच किरनजीत व प्रतिनिधि पति बूटा सिंह पर पंचायती फंड में गबन करने और उसका दुरुपयोग करने सहित विभिन्न धारा लगाकर मामला दर्ज किया है।
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पुलिस को दी शिकायत में हरनेक सिंह ने बताया कि गांव नेजाडेला कलां में सार्वजनिक कार्यों की एवज में तत्कालीन सरपंच द्वारा लाखों रुपये का गबन किया जा चुका है। सरपंच की ओर से गांव में कथित तौर पर गंदे पानी के नाले की सफाई तथा शामलात भूमि में कराहा लगाकर मिट्टी समतलीकरण के कार्य पर लाखों रुपये का व्यय दिखाया। जबकि वास्तविकता में ऐसा कोई कार्य करवाया ही नहीं गया। सरपंच ने सरकारी बजट से फर्जी तौर पर दिखाए गए उक्त कार्यों में स्कूटर तथा बाइक जैसे दुपहिया वाहनों को ट्रैक्टर-ट्रॉली दिखाकर और बोगस बिल वाउचर बनाकर सरकारी फंड का गबन किया गया।
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शिकायत में बताया कि सरपंच द्वारा कथित तौर पर गांव के चारों ओर गड्ढों में मिट्टी डलवाने के नाम पर 4 हजार रुपये के लिए जारी किए गए पेमेंट वाउचर संख्या 77 दिनांक 20-05-2017 में जिस ट्रैक्टर ट्रॉली को दिखाया गया है, वह वास्तव में किसी श्रीराम नामक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत बाइक का है। इसी प्रकार शामलात भूमि में कराहा लगवाने के नाम पर रसीद दिनांक 20-4-2016, राशि 40,500 रुपये खर्चा दिखा गया। जिसमें जिस ट्रैक्टर का उपयोग दिखाया गया है, वह भी एक बाइक का नंबर है। इसी बाइक का नंबर दिखाकर शामलात भूमि में कराहा लगाने के नाम पर 60,750 रुपये का गबन किया गया। इसी प्रकार सरपंच व उसके पति ने मिलकर गांव में विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये की राशि डकार ली। वहीं शिकायतकर्ता ने बताया कि भंडारे और गांव में कबड्डी टूर्नामेंट के नाम पर भी सरपंच की और से फर्जी दान दिखाकर फंड का गबन किया गया है। जिसे लेकर अधिकारियों ने भी अनदेखी कर सभी बिल पास कर दिए। उसने पहले स्थानीय अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद दो बार सीएम विंडो में शिकायत दी, लेकिन अधिकारियों ने अपनी मर्जी से ही शिकायत को बंद कर दिया। फिर हारकर उसने गृहमंत्री अनिल विज को शिकायत दी। गृहमंत्री ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत केस दर्ज कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए। मामले की जांच सदर थाना प्रभारी ईश्वर सिंह कर रहे हैं।
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