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Sirsa News: अब बिना सहारे कोर्ट रूम तक पहुंच सकेंगे दृष्टिबाधित

Sat, 03 Oct 2026 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sat, 03 Oct 2026 11:51 PM IST
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touchable path in court for blind
सिरसा अदालत परिसर में बनाया गया पीले रंग का स्पर्शनीय पथ। संवाद
स्पर्शनीय पथ बताएगा राह, सीढ़ियों व लिफ्ट की भी मिलती है जानकारी
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सिरसा सहित चार अदालत परिसरों में बनाया गया स्पर्शनीय पथ

फोटो




सिरसा। अब दृष्टिबाधित लोगों के लिए अदालत तक पहुंचना पहले के मुकाबले अधिक सुरक्षित और आसान होगा। इसके लिए जिले के सिरसा, डबवाली, ऐलनाबाद व रानियां स्थित अदालत परिसरों में करीब 17 लाख रुपये की लागत से स्पर्शनीय पथ तैयार किया गया है।
यह पथ दृष्टिबाधित लोगों को बिना किसी दूसरे व्यक्ति की सहायता के अदालत परिसर के विभिन्न हिस्सों, सीढ़ियों, लिफ्ट व अदालत कक्ष तक पहुंचने में मार्गदर्शन करेगा। स्पर्शनीय पथ में पीले रंग की उभरी हुई विशेष टाइलें लगाई गई हैं।
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इन टाइलों पर बनीं लाइनें और डॉट्स छड़ी या पैरों के स्पर्श से महसूस किए जा सकते हैं। इनके अलग-अलग पैटर्न रास्ते की दिशा और आगे आने वाली सुविधाओं की जानकारी देते हैं। इससे दृष्टिबाधित व्यक्ति अपने आसपास के रास्ते को समझते हुए आगे बढ़ सकता है।
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पथ में सीढ़ियों के शुरू और अंत, लिफ्ट व अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की पहचान के लिए विशेष संकेत दिए गए हैं। सीढ़ियों के आसपास अलग टेक्सचर वाली टाइलें लगाई गई हैं जिन्हें महसूस कर उपयोगकर्ता सावधान हो सकता है।
इससे अचानक सीढ़ियां आने के कारण गिरने या चोट लगने की आशंका भी कम होती है। यह सुविधा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम व सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है।
इसका उद्देश्य दृष्टिबाधित लोगों को न्यायिक प्रक्रिया तक समान और सम्मानजनक पहुंच उपलब्ध कराना है। इससे उन्हें अदालत परिसर में आवागमन के लिए लगातार किसी अन्य व्यक्ति पर निर्भर रहने की आवश्यकता कम होगी।
अधिक आत्मविश्वास के साथ आ सकेंगे
पूर्व उप प्रधान अधिवक्ता लक्की दुग्गल ने बताया कि दृष्टिबाधित लोगों के लिए अदालत परिसर में सुरक्षित आवागमन बड़ी चुनौती रहा है। स्पर्शनीय पथ उन्हें रास्ते की दिशा व महत्वपूर्ण स्थानों की जानकारी स्पर्श के माध्यम से देता है। इससे उनकी सुरक्षा बढ़ेगी और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अदालत तक पहुंच सकेंगे।
सुरक्षित आवागमन में है मददगार
महिला अधिवक्ता संजू बाला ने बताया कि दृष्टिबाधित लोगों के लिए अदालत परिसर में सुरक्षित आवागमन सबसे बड़ी चिंताओं में से एक होता है। स्पर्शनीय पथ उन्हें छड़ी या पैरों के स्पर्श से रास्ते की दिशा, सीढ़ियों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की जानकारी देता है। इससे उन्हें हर कदम पर किसी अन्य व्यक्ति की सहायता लेने की आवश्यकता कम होगी। संवाद

कोट्स
स्पर्शनीय पथ दृष्टिबाधित लोगों के लिए स्वतंत्र और सुरक्षित आवागमन का प्रभावी साधन है। इस पथ की मदद से वे बिना किसी सहारे के अदालत परिसर में आसानी से आ-जा सकते हैं। सुरक्षित आवागमन से उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और न्यायिक सेवाओं तक उनकी पहुंच और सुगम होगी।
-अधिवक्ता गंगाराम ढाका, पूर्व प्रधान, जिला बार एसोसिएशन सिरसा।
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