फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Three farmer leaders released from jail five days later

पांच दिन बाद जेल से रिहा किए गए तीन किसान नेता

Sat, 28 Nov 2020 10:45 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 28 Nov 2020 10:45 PM IST
विज्ञापन
Three farmer leaders released from jail five days later
गांव देसूजोधा से राशन लेकर दिल्ली धरने पर जाता किसान। - फोटो : Sirsa
जिले के तीन किसान नेताओं को पांच दिन बाद शनिवार शाम जमानत मिल गई, उन्हें साढ़े सात बजे के बाद जेल से रिहा किया गया। जबकि दिल्ली में धरना देने की अनुमति मिलने के बाद सिरसा में दूसरे दिन भी किसानों का जाना जारी रहा। सिरसा में किसानों ने दिल्ली धरने के लिए राशन जुटाने का काम शुरू कर दिया। किसानों में शुक्रवार शाम को पंजाब के करीब 12 हजार किसानों के खिलाफ उपद्रव, प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने और कोरोना महामारी में सरकारी आदेशों की उल्लंघन करने का मामला दर्ज करने पर रोष है।
विज्ञापन

सिरसा में 23 नवंबर की रात कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा को शहीद भगत सिंह स्टेडियम से व एसपी मसीतां और गुरप्रेम सिंह को खुईयां मलकाना टोल प्लाजा से पुलिस ने शांतिभंग करने के आरोप में हिरासत में लिया था। इन किसानों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। दो दिन पहले एसडीएम कोर्ट ने जमानत देने से मना कर दिया था। लेकिन शनिवार को एसडीएम कोर्ट ने तीनों किसान नेताओं की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। रात सात बजे किसान उनकी रिहाई के लिए सिरसा जेल पर पहुंच गए। शाम करीब सात बजकर 35 मिनट पर तीनों किसान नेता सिरसा जेल से रिहा हुए। उनके रिहा होते ही किसानों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि सरकार ने उनके साथ धक्केशाही की है और प्रशासन ने झूठे मुकदमे दर्ज किए हैं।
विज्ञापन

देसूजोधा से राशन लेकर दिल्ली निकला जत्था
वहीं सिरसा में पंजाब के किसानों के दिल्ली जाने का क्रम दूसरे दिन भी जारी रहा। जिले के गांवों में दिल्ली किसानों के धरने के लिए राशन जुटाने का काम शुरू हो गया है। स्थानीय किसानों ने डबवाली, रोडी, कालांवाली के गांवों में लाउडस्पीकर से राशन जुटाने की घोषणा कर दी है। देसूजोधा से किसानों का एक जत्था भी गांव से राशन इकट्ठा करके दिल्ली धरने के लिए शनिवार को चला। सिरसा में शहीद भगत सिंह स्टेडियम में किसानों के धरने पर भरोखां गांव के ग्रामीणों ने 15 क्विंटल गेहूं पहुंचाई, ताकि धरने पर बैठे किसानों को राशन में दिक्कत न हो। इसके अतिरिक्त पंजाब से एक ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रालियों पर किसान दिल्ली के लिए रवाना हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

यात्रियों को बहादुरगढ़ ही छोड़कर लौट रहीं बसें
सिरसा डिपो की दिल्ली रूट पर चलने वाली बसे बहादुरगढ़ तक की यात्रियों को छोड़कर वापस लौट रही है। शनिवार को 10 से अधिक बसें बहादुरगढ़ तक पहुंची। जबकि तीन बसें हिसार में यात्रियों को छोड़ वापस लौट आई। हिसार, कैथल, गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत, रोहतक और अन्य रूटों पर स्थिति सामान्य होने के कारण बसों की आवाजाही सामान्य है। कई रूटों पर किसानों का धरना होने के कारण बस चालक ग्रामीण रोड से बसों को गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं। जबकि बीते दो दिनों से अन्य कई रूटों की बसों को फतेहाबाद से वापस लौटना पड़ा था। जिसके कारण यात्री भी समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाए। वहीं पंजाब रूट पर चलने वाली बसे यात्रियों की सुविधा दे रही है, पंजाब के रास्ते से पीआरटीसी बसे हरियाणा की सीमाओं में प्रवेश कर रही है और हरियाणा रोडवेज की बसे यात्रियों को लेकर पंजाब राज्य में जा रही है।
किसानों के आंदोलन के कारण घटी यात्रियों की संख्या
किसानों के आंदोलन के कारण अब बस स्टैंड पर भी यात्रियों की संख्या कम देखने को मिल रही है। सिरसा बस स्टैंड से हर रोज 25 हजार के लगभग यात्री बसों में यात्रा करते थे लेकिन अब संख्या कम होकर 20 हजार के करीब ही रह गई है। जिसके कारण रोडवेज प्रशासन की ओर से बसों के फेरे भी कम कर दिए गए है। लेकिन लोकल रूट पर बसों की शेड्यूल में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
दिल्ली में सिरसा के किसानों ने अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन
कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए सिरसा के किसान दिल्ली में डेरा डाले हुए है। दिल्ली में सिरसा के किसान जसवीर सिंह भाटी, लखविंद्र सिंह, गुरनाम सिंह झब्बर ने शनिवार को अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। वहीं किसान नेता मलकीत सिंह खालसा, मलकीत सिंह जोगेवाला, लाभ सिंह पन्नीवाला, मुखपाल सिंह व बलतेज सिंह नीलेयांवाली, गुरमीत सिंह चोरमार, सतपाल सिंह, बोहड़ सिंह, दर्शन सिंह ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने भी किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े व पानी की बौछारों से उन्हें खदेड़ने के हरसंभव प्रयास किए, लेकिन किसान डटे रहे व वहीं डेरा डालकर बैठ गए। उन्होंने बताया कि अब भी किसान नेता डबवाली इलाके में पूरी सक्रियता से आंदोलन को मजबूती देने के लिए प्रयासरत हैं। गांवों में किसानों को प्रेरित कर दिल्ली बॉर्डर पर भेजा जा रहा है। साथ ही दूध, लस्सी व अन्य खाने पीने का सामान भी दिल्ली बॉर्डर पर बैठे संघर्षशील किसानों के लिए भेजने का कार्य शुरू कर दिया है।
सर्व कर्मचारी संघ ने किसानों के आंदोलन का किया समर्थन
केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में बनाए गए तीन कृषि बिलों के विरोध में आंदोलनरत किसानों के समर्थन में शनिवार को सर्व कर्मचारी संघ व सीटू के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ से जिला प्रधान मदन लाल खोथ एवं सीटू से विजय ढुकड़ा ने संयुक्त रूप से की। इस मौके पर अध्यापक संघ से जिला सचिव बूटा सिंह, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदन लाल खोथ एवं सीटू से विजय ढुकड़ा ने संयुक्त रूप से बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे किसानों को रोकने के लिए सड़कों को जाम किया गया, तारें, बैरिकेड पत्थर व सड़केें तक खोद दी गई। जो कि गलत था।
कसेट
किसान आंदोलन के चलते शनिवार को दिल्ली रूट पर केवल 15 बसे ही चली। दिल्ली में प्रवेश न होने के कारण यात्रियों को बहादुरगढ़ व गुड़गांव ही उतारा जा रहा है।

-राकेश कंबोज, ट्रैफिक इंचार्ज, सिरसा बस डिपो।

दिल्ली में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करते किसान।

दिल्ली में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करते किसान।- फोटो : Sirsa

 जेल से रिहा होने पर किसान नेताओं का स्वागत करते साथी किसान।

जेल से रिहा होने पर किसान नेताओं का स्वागत करते साथी किसान।- फोटो : Sirsa

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed