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राजस्व विभाग ने दस में से तीन किश्तियों की मरम्मत के लिए भेजा चंडीगढ़, सात सही
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लघु सचिवालय में पड़ी किश्तियां।
- फोटो : Sirsa
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बरसात के सीजन में घग्गर में आने वाली बाढ़ को देखकर राजस्व विभाग ने पंचायत विभाग से रिंग बांधों की स्थिति की रिपोर्ट मांगी है। हालांकि पंचायत विभाग ने राजस्व विभाग को रिंग बांधों की समीक्षा रिपोर्ट भेज दी है। वहीं साथ ही प्रशासन ने किश्तियों की मरम्मत के लिए उसे चंडीगढ़ भेज दिया है। बता दें कि सिरसा में कई बार घग्गर का पानी तबाही मचा चुका है। अंतिम बार 2010 में घग्गर में बाढ़ आई थी। इसके बाद 2019 में भी घग्गर में ओटू हैड पर 45 हजार क्यूसिक पानी पहुंच गया था।
बरसात के सीजन में घग्गर नदी में पानी उफान पर होता है। सिरसा के तीन ब्लॉक के करीब 32 गांव इसके किनारे पर स्थित है। इन गांवों में घग्गर के बांध के अतिरिक्त रिंग बांध है जो कि इन्हें बाढ़ से बचाते हैं। उपायुक्त के निर्देश पर राजस्व विभाग ने इन गांवों के रिंग बांधों की स्थिति की रिपोर्ट बीते दिनों पंचायत विभाग ने मांगी। पंचायत विभाग ने मंगलवार को राजस्व विभाग को 32 गांवों के रिंग बांधों सही हालत में होने की जानकारी दी। जिला प्रशासन ने इस रिपोर्ट को मंगलवार को मंडल कमिश्नर के साथ हुई मीटिंग में भी प्रस्तुत की। जिला प्रशासन के पास 11 किश्तियां हैं, इसमें से सात किश्तियां ठीक हालत में है। जबकि तीन किश्तियों की हालत खराब थी, उन्हें ठीक करने के लिए राजस्व विभाग ने चंडीगढ़ भेजा है। इन तीन किश्तियों की इंजन और अन्य पार्ट्स खराब हैं। एक किश्ती गांव की पंचायत के पास है। किश्तियों को चलाने के लिए सिंचाई विभाग ने पांच कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगा दी है। साथ ही 70 से 80 लाइफ जैकेट भी भेज दिए हैं। सभी किश्तियां लघु सचिवालय के बाहर ही धूप में पड़ी रहती हैं और इनका उचित रख रखाव नहीं हो पाता। ऐसे में प्रशासन ने इन किश्तियों के लिए शेड बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए कुछ दिन पहले पीडब्लूडीएंडबीआर विभाग ने शेड बनाने की जगह का निरीक्षण भी किया और पैमाइश भी की गई।
11 में से सात किश्तियां सही है। तीन किश्तियां की मरम्मत के लिए उन्हें चंडीगढ़ भेजा गया है। पंचायत विभाग ने 32 गांवों के रिंग बांधों की रिपोर्ट भेज दी है, बांध सही है। इन समीक्षा रिपोर्ट को मंडलायुक्त के साथ हुई मीटिंग में प्रस्तुत किया गया था।
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- विजेंद्र भारद्वाज, जिला राजस्व अधिकारी, सिरसा।
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बरसात के सीजन में घग्गर नदी में पानी उफान पर होता है। सिरसा के तीन ब्लॉक के करीब 32 गांव इसके किनारे पर स्थित है। इन गांवों में घग्गर के बांध के अतिरिक्त रिंग बांध है जो कि इन्हें बाढ़ से बचाते हैं। उपायुक्त के निर्देश पर राजस्व विभाग ने इन गांवों के रिंग बांधों की स्थिति की रिपोर्ट बीते दिनों पंचायत विभाग ने मांगी। पंचायत विभाग ने मंगलवार को राजस्व विभाग को 32 गांवों के रिंग बांधों सही हालत में होने की जानकारी दी। जिला प्रशासन ने इस रिपोर्ट को मंगलवार को मंडल कमिश्नर के साथ हुई मीटिंग में भी प्रस्तुत की। जिला प्रशासन के पास 11 किश्तियां हैं, इसमें से सात किश्तियां ठीक हालत में है। जबकि तीन किश्तियों की हालत खराब थी, उन्हें ठीक करने के लिए राजस्व विभाग ने चंडीगढ़ भेजा है। इन तीन किश्तियों की इंजन और अन्य पार्ट्स खराब हैं। एक किश्ती गांव की पंचायत के पास है। किश्तियों को चलाने के लिए सिंचाई विभाग ने पांच कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगा दी है। साथ ही 70 से 80 लाइफ जैकेट भी भेज दिए हैं। सभी किश्तियां लघु सचिवालय के बाहर ही धूप में पड़ी रहती हैं और इनका उचित रख रखाव नहीं हो पाता। ऐसे में प्रशासन ने इन किश्तियों के लिए शेड बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए कुछ दिन पहले पीडब्लूडीएंडबीआर विभाग ने शेड बनाने की जगह का निरीक्षण भी किया और पैमाइश भी की गई।
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11 में से सात किश्तियां सही है। तीन किश्तियां की मरम्मत के लिए उन्हें चंडीगढ़ भेजा गया है। पंचायत विभाग ने 32 गांवों के रिंग बांधों की रिपोर्ट भेज दी है, बांध सही है। इन समीक्षा रिपोर्ट को मंडलायुक्त के साथ हुई मीटिंग में प्रस्तुत किया गया था।
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- विजेंद्र भारद्वाज, जिला राजस्व अधिकारी, सिरसा।