{"_id":"a7c61a88ab541eac01c4cec608e44fe9","slug":"then-there-was-the-resignation-will-give-compensation-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुआवजा न मिला तो दे दूंगा इस्तीफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुआवजा न मिला तो दे दूंगा इस्तीफा
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
Updated Fri, 26 Feb 2016 12:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसान का पोता हूं, किसान का बेटा हूं, खुद किसान हूं। मुआवजा न मिलने से किसान किस परेशानी में हैं, यह समझ सकता हूं।
विज्ञापन
पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव से पहले मैंने किसानों से मुआवजे का वादा किया था। वादे से 90 दिनों के भीतर अगर प्रदेश सरकार ने मुआवजा नहीं दिया तो मैं इस्तीफा देकर आपके बीच बैठकर सरकार का विरोध करूंगा। यह कहना है आदित्य देवीलाल का।
पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में विपक्षी दल के नेता अभय चौटाला की पत्नी कांता चौटाला को हराकर सुर्खियों में आए आदित्य वीरवार को लघु सचिवालय में मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलनरत किसानों को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मुआवजे के लिए वे सीएम मनोहर लाल खट्टर तथा कृषि मंत्री ओपी धनखड़ से कई बार बात कर चुके हैं।
हर बार उन्हें पंद्रह दिन का समय दिया गया। चुनाव से पूर्व कृषि मंत्री किसानों के बीच आकर वादा करके गए थे। अब सरकार पंद्रह दिन के भीतर मुआवजा वितरण करने की बात कह रही है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आज वे ही लोग हक मांग रहे हैं, जो सरकार का निर्माण करते हैं। सरकार इस बार मुआवजा देने के मामले में गंभीर लग रही है।
उन्होंने किसानों से 21 सदस्यीय कमेटी बनाने की वकालत करते हुए कहा कि वे उन्हें सीएम से मिलाएंगे। मुआवजे के अतिरिक्त उनकी जो भी मांगे हैं, टेबल पर बैठकर वे हल होने वाली हैं।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय किसान संगठन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जसवीर सिंह भाटी ने दो टूक लफ्जों में कहा कि बुधवार को दो भाजपा नेता आए थे।
उन्होंने पांच सदस्यीय कमेटी बनाने के लिए कहा था। आज आदित्य 21 सदस्यीय कमेटी बनाने का कह रहे हैं। हम इनकी भी बात मान लेते हैं।
हमारी मांग मुआवजे की है। जब तक सरकार मुआवजा नहीं बांटती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
किसानों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल व धरना दसवें दिन भी जारी रहा।
गोली खाकर मरोगे तो 10 लाख और नौकरी मिलेगी?
किसान नेता जसवीर भाटी ने कहा कि धरने से यह सरकार जागने वाली नहीं। जब तक हम रेल नहीं रोकते, सीएम की गाड़ी नहीं रोकते तब तक सुनवाई नहीं।
जब तक हम पुलिस की गोली नहीं खाते हमें 10 लाख रुपये नहीं मिलेंगे, न ही सरकारी नौकरी मिलेगी। बताओ कौन-कौन गोली खाकर पैसा और नौकरी पाना पसंद करेगा? किसानों ने हाथ उठा लिया। आदित्य के हाथ नीचे रहे। पुन: शपथ दिलाई गई तो आदित्य ने दोनों हाथ उठा लिए।
28 को मनाएंगे खट्टर की तेरहवीं
किसान नेताओं ने मंच से कहा कि सरकार की मौत हो चुकी है। शोक स्वरूप लघु सचिवालय में दरी बिछाई गई है। 28 फरवरी को खट्टर की तेरहवीं होगी। उस दिन राष्ट्रीय किसान संगठन के कई नेता भाग लेंगे। किसान बड़ा कदम उठा सकते हैं।
भाजपा नेता दो फाड़
सरकार के साथ बातचीत करवाने के मामले में भाजपा दो फाड़ हो गई है। स्थानीय भाजपा नेता सतीश जग्गा तथा बलदेव सिंह मांगेआना पांच सदस्यीय कमेटी बनाकर जल्द से जल्द ओएसडी जगदीश चोपड़ा की मार्फत किसानों को सीएम से मिलवाने में प्रयासरत हैं। दूसरी ओर आदित्य देवीलाल 21 सदस्यीय कमेटी बनाकर किसानों को अपने दम पर सीएम से मिलवाने की बात कर रहे हैं।