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Sirsa News: गांव जगमालवाली में 11 फरवरी को लगेगा प्रदेश का पहला पशु मेला
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जगमालवाली में पशु मेले के लिए चयनित जगह की सफाई करते कर्मचारी।
रोहित जैन
कालांवाली। पशु पालकों की आय बढ़ाने व पशुपालन को रोजगार की श्रेणी में लाने के लिए खंड विकास एवं पंचायत विभाग ओढां ने जिले में प्रदेश का पहला पशु मेला लगाने की कवायद शुरू कर दी है। विभाग ने पशु मेले के लिए गांव जगमालवाली में खेल स्टेडियम के पास जगह का चयन किया गया है। ग्राम पंचायत की ओर से खेल स्टेडियम के सामने दी गई 11 एकड़ जगह पर अब हर रविवार को पशु मेला लगाया जाएगा। इसकी शुरुआत विभाग की ओर से 9 फरवरी को की जाएगी।
पशु मेले को लेकर विभाग व ग्राम पंचायत ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। गांवों में मुनादी शुरू करवा दी गई है। बता दें कि प्रदेश में पहले पशु मेला बड़े पैमाने पर लगते थे, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसीलाल ने अपने कार्यकाल में इस पर रोक लगा दी थी। हालांकि इसके बाद भी कुछ स्थानों पर लोग अपने तरीके से मेले का आयोजन कर रहे थे। इसे कुछ समय बाद अगली सरकारों ने अपने अधीन कर लिया, लेकिन अन्य स्थानों पर मेला लगाने के लिए कोई आदेश जारी नहीं किया गया। अब सरकार ने दोबारा से मेला लगाने का आदेश दिया है। इससे पशुपालकों को काफी लाभ होगा।
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100 से अधिक गांवों के पशुपालकों को होगा फायदा
पशु मेले से जिलेभर के 300 से अधिक गांवों के पशु पालकों को फायदा मिलेगा। कालांवाली पंजाब से सटा हुआ क्षेत्र है। ऐसे में मेले से पंजाब के पशुपालकों को भी फायदा होगा। पशुपालक अभी फिलहाल अगर पशु बेचना चाहता हैं, तो उसे अपने जानकारों से संपर्क करना पड़ता है। एक दो ग्राहक में ही जो कुछ मिलता है, उसे बेच देता है। मेला पशु पालक को अपना बेचने के लिए एक प्लेटफार्म मुहैया कराता है। यहां पर बड़ी संख्या में लोग दाम लगाते हैं। इससे वह अपने पशु को अच्छे दामों में बेच पाता है। खरीदार को भी अनेक पशुओं के बीच अच्छा पशु मिल जाता है।
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शुरुआत में 200 पशुओं के लिए होगी व्यवस्था
विभाग की ओर से पशु मेले की शुरुआत में 200 पशुओं के लिए हरे-चारे, पानी आदि की व्यवस्था करवाई जा रही है। इसके अलावा पशुपालकों के लिए भी टैंट, भोजन, चाय-पानी आदि की व्यवस्था करवाई जा रही है। जैसे-जैसे पशु मेला सफल होता जाएगा, वैसे-वैसे पशुओं व पशु पालकों के लिए व्यवस्थाएं बढ़ती जाएंगी। पशुपालकों से मेले में पशु बेचने के बदले में एक निश्चित राशि ली जाएगी। इससे पशु मेले में बेहतर व्यवस्थाएं करवाई जाएंगी।
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गांव में लगेगा पशु मेला, तैयारियां जारी
गांव जगमालवाली में प्रदेश का पहला पशु मेला लगने जा रहा है। इसमें आस-पास के पशु पालकों को लाभ मिलेगा। पशु मेले को लेकर तैयारियां व्यापक स्तर पर जारी है। -अमन मित्तल, बीडीपीओ, खंड ओढां।
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कालांवाली। पशु पालकों की आय बढ़ाने व पशुपालन को रोजगार की श्रेणी में लाने के लिए खंड विकास एवं पंचायत विभाग ओढां ने जिले में प्रदेश का पहला पशु मेला लगाने की कवायद शुरू कर दी है। विभाग ने पशु मेले के लिए गांव जगमालवाली में खेल स्टेडियम के पास जगह का चयन किया गया है। ग्राम पंचायत की ओर से खेल स्टेडियम के सामने दी गई 11 एकड़ जगह पर अब हर रविवार को पशु मेला लगाया जाएगा। इसकी शुरुआत विभाग की ओर से 9 फरवरी को की जाएगी।
पशु मेले को लेकर विभाग व ग्राम पंचायत ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। गांवों में मुनादी शुरू करवा दी गई है। बता दें कि प्रदेश में पहले पशु मेला बड़े पैमाने पर लगते थे, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसीलाल ने अपने कार्यकाल में इस पर रोक लगा दी थी। हालांकि इसके बाद भी कुछ स्थानों पर लोग अपने तरीके से मेले का आयोजन कर रहे थे। इसे कुछ समय बाद अगली सरकारों ने अपने अधीन कर लिया, लेकिन अन्य स्थानों पर मेला लगाने के लिए कोई आदेश जारी नहीं किया गया। अब सरकार ने दोबारा से मेला लगाने का आदेश दिया है। इससे पशुपालकों को काफी लाभ होगा।
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100 से अधिक गांवों के पशुपालकों को होगा फायदा
पशु मेले से जिलेभर के 300 से अधिक गांवों के पशु पालकों को फायदा मिलेगा। कालांवाली पंजाब से सटा हुआ क्षेत्र है। ऐसे में मेले से पंजाब के पशुपालकों को भी फायदा होगा। पशुपालक अभी फिलहाल अगर पशु बेचना चाहता हैं, तो उसे अपने जानकारों से संपर्क करना पड़ता है। एक दो ग्राहक में ही जो कुछ मिलता है, उसे बेच देता है। मेला पशु पालक को अपना बेचने के लिए एक प्लेटफार्म मुहैया कराता है। यहां पर बड़ी संख्या में लोग दाम लगाते हैं। इससे वह अपने पशु को अच्छे दामों में बेच पाता है। खरीदार को भी अनेक पशुओं के बीच अच्छा पशु मिल जाता है।
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शुरुआत में 200 पशुओं के लिए होगी व्यवस्था
विभाग की ओर से पशु मेले की शुरुआत में 200 पशुओं के लिए हरे-चारे, पानी आदि की व्यवस्था करवाई जा रही है। इसके अलावा पशुपालकों के लिए भी टैंट, भोजन, चाय-पानी आदि की व्यवस्था करवाई जा रही है। जैसे-जैसे पशु मेला सफल होता जाएगा, वैसे-वैसे पशुओं व पशु पालकों के लिए व्यवस्थाएं बढ़ती जाएंगी। पशुपालकों से मेले में पशु बेचने के बदले में एक निश्चित राशि ली जाएगी। इससे पशु मेले में बेहतर व्यवस्थाएं करवाई जाएंगी।
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गांव में लगेगा पशु मेला, तैयारियां जारी
गांव जगमालवाली में प्रदेश का पहला पशु मेला लगने जा रहा है। इसमें आस-पास के पशु पालकों को लाभ मिलेगा। पशु मेले को लेकर तैयारियां व्यापक स्तर पर जारी है। -अमन मित्तल, बीडीपीओ, खंड ओढां।