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कंटेनमेंट जोन में गली वासियों ने किया हंगामा
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कंटेनमेंट जोन में एकत्रित गली वासी।
- फोटो : Sirsa
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शहर के भादरा बाजार में बनाए गए कंटेनमेंट जोन में खाने-पीने को लेकर गलिवासियों ने हंगामा कर दिया। कंटेनमेंट जोन घोषित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और आशा वर्कर्स की टीमें सर्वे करने आने वाली टीमों को लोगों ने बताया कि जब प्रशासन को कुछ देना ही नहीं है तो सर्वे क्यों किया जा रहा है। गली के बच्चों ने कहा कि उन्हें थैली का दूध अच्छा नहीं लगता जिस कारण उनकी गली में दूधिया की व्यवस्था की जाए। हंगामे की सूचना पाकर नोडल अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को आश्वासन दिया कि वह उनकी बातें प्रशासन तक रखेंगे।
बता दें कि शहर के भादरा बाजार में बीती 21 मई को कोरोना संक्रमित महिला मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने भादरा बाजार की दो गलियों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया था। कंटेनमेंट जोन घोषित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और आशा वर्कर्स की टीमों ने सर्वे करना शुरू कर दिया था। सर्वे कर रही टीमों का रविवार को गलिवासियों ने विरोध किया और लोगों ने कहा कि प्रशासन को जब उन तक खाना पहुंचाना ही नहीं है तो सर्वे क्यों करवाया जा रहा है। वहीं जानकारी के अनुसार लोगों ने कहा कि उनके पास न कोई काम बचा है और न ही पैसे जिससे वह प्रशासन द्वारा भेजी गई गाड़ी से खरीद सके। वहीं प्रशासन को गली के लोगों तक राशन पहुंचाना चाहिए। जबकि जो राशन और खाना उन तक आ रहा है उसके भी उनसे पैसे लिए जा रहे हैं।
दूधिया का ही पीएंगे दूध
गली के लड़कों ने विरोध करते हुए कहा कि प्रशासन जो दूध की थैलियां उन तक भेज रहा है वह एक तो महंगी लग रही है दूसरी वह दूध उनको खराब कर रहा है। जिससे उनकी गली में एक दूधिया को लगाया जाए जो उन तक दूध पहुंचा सके। इसी बात को लेकर गली वासी एकत्रित हो गए और प्रशासन और अधिकारियों को कोसने लगे। उसी समय नोडल अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत करवाया।
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प्रशासन ने शर्तें मान ली है। गली में जो लोग दूधिया से दूध लेते हैं उनको दूधिया दूध देकर जाएगा। जिसमें उसका समय सुबह नौ बजे और शाम को छह बजे निर्धारित किया गया है। दूधिया कंट्रोल रूम में ही दूध की थैली बनाकर देगा जहां से लोगों के घरों तक जाएगी।
- संदीप गोयल, ड्यूटी मजिस्ट्रेट, कंटेनमेंट जोन।
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बता दें कि शहर के भादरा बाजार में बीती 21 मई को कोरोना संक्रमित महिला मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने भादरा बाजार की दो गलियों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया था। कंटेनमेंट जोन घोषित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और आशा वर्कर्स की टीमों ने सर्वे करना शुरू कर दिया था। सर्वे कर रही टीमों का रविवार को गलिवासियों ने विरोध किया और लोगों ने कहा कि प्रशासन को जब उन तक खाना पहुंचाना ही नहीं है तो सर्वे क्यों करवाया जा रहा है। वहीं जानकारी के अनुसार लोगों ने कहा कि उनके पास न कोई काम बचा है और न ही पैसे जिससे वह प्रशासन द्वारा भेजी गई गाड़ी से खरीद सके। वहीं प्रशासन को गली के लोगों तक राशन पहुंचाना चाहिए। जबकि जो राशन और खाना उन तक आ रहा है उसके भी उनसे पैसे लिए जा रहे हैं।
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दूधिया का ही पीएंगे दूध
गली के लड़कों ने विरोध करते हुए कहा कि प्रशासन जो दूध की थैलियां उन तक भेज रहा है वह एक तो महंगी लग रही है दूसरी वह दूध उनको खराब कर रहा है। जिससे उनकी गली में एक दूधिया को लगाया जाए जो उन तक दूध पहुंचा सके। इसी बात को लेकर गली वासी एकत्रित हो गए और प्रशासन और अधिकारियों को कोसने लगे। उसी समय नोडल अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत करवाया।
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प्रशासन ने शर्तें मान ली है। गली में जो लोग दूधिया से दूध लेते हैं उनको दूधिया दूध देकर जाएगा। जिसमें उसका समय सुबह नौ बजे और शाम को छह बजे निर्धारित किया गया है। दूधिया कंट्रोल रूम में ही दूध की थैली बनाकर देगा जहां से लोगों के घरों तक जाएगी।
- संदीप गोयल, ड्यूटी मजिस्ट्रेट, कंटेनमेंट जोन।