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Sirsa News: दो दुकानों के संचालक नहीं दिखा पाए रिकॉर्ड
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डीएपी व अन्य खाद की जांच करते हुए टीम।
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डबवाली। नकली खाद और यूरिया की बिक्री व कालाबाजारी की रोकथाम के उद्देश्य से कृषि विभाग की टीम ने डबवाली की नई अनाज मंडी में छापा मारा। ज्वाइंट डायरेक्टर जगविंदर सिंह नैन के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में खाद और बीज की लगभग पांच दुकानों और उनके गोदामों की गहन जांच की गई। दो फर्म अपना यूरिया का रिकॉर्ड नहीं दिखा पाईं।
इस कारण दोनों फर्म को कारण बताओ नोटिस और आगामी आदेशों तक माल नहीं बेचने के आदेश दिए हैं। ज्वाइंट डायरेक्टर जगविंदर नैन के अलावा टीम में डीडीए डॉ. सुखदेव कंबोज, एसडीओ अमित शर्मा, क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर अमित कुमार और ब्लॉक अधिकारी डॉ. सुरेश भी शामिल रहे। अधिकारियों ने दुकानों पर मौजूद रिकॉर्ड और माल की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की।
इस मौके पर टीम ने जिन दुकानों की जांच की गई, उनमें सकताखेड़ा सीड एंड पेस्टीसाइड्स, हंस राज हमेश कुमार, जेआरपी फर्टिलाइजर, गौतम पेस्टीसाइड्स और दी मसीतां कोऑपरेटिव सोसाइटी शामिल हैं। संयुक्त निदेशक जगविंद्र नैन ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा और कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस प्रकार की औचक जांचें आगे भी जारी रहेंगी।
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विभाग नकली या अवैध रूप से बेचे जा रहे उत्पादों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। कुछ दुकानों में रिकॉर्ड में कमी व कुछ अनियमितता पाई गईं थी, उन्हें दो दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया है। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उनका लाइसेंस भी सस्पेंड किया जा सकता है। डबवाली के साथ साथ सिरसा में भी जांच की जाएगी।
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इस कारण दोनों फर्म को कारण बताओ नोटिस और आगामी आदेशों तक माल नहीं बेचने के आदेश दिए हैं। ज्वाइंट डायरेक्टर जगविंदर नैन के अलावा टीम में डीडीए डॉ. सुखदेव कंबोज, एसडीओ अमित शर्मा, क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर अमित कुमार और ब्लॉक अधिकारी डॉ. सुरेश भी शामिल रहे। अधिकारियों ने दुकानों पर मौजूद रिकॉर्ड और माल की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की।
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इस मौके पर टीम ने जिन दुकानों की जांच की गई, उनमें सकताखेड़ा सीड एंड पेस्टीसाइड्स, हंस राज हमेश कुमार, जेआरपी फर्टिलाइजर, गौतम पेस्टीसाइड्स और दी मसीतां कोऑपरेटिव सोसाइटी शामिल हैं। संयुक्त निदेशक जगविंद्र नैन ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा और कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस प्रकार की औचक जांचें आगे भी जारी रहेंगी।
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विभाग नकली या अवैध रूप से बेचे जा रहे उत्पादों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। कुछ दुकानों में रिकॉर्ड में कमी व कुछ अनियमितता पाई गईं थी, उन्हें दो दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया है। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उनका लाइसेंस भी सस्पेंड किया जा सकता है। डबवाली के साथ साथ सिरसा में भी जांच की जाएगी।