{"_id":"62f94bfd6eec1057ac63d177","slug":"the-oldest-person-of-kalanwali-ajmer-singh-told-the-story-of-partition","type":"story","status":"publish","title_hn":"दास्तां: बच्चों को हवा में उछाल नीचे तेजधार हथियार रख कर दी जाती थी हत्या.. बताते हुए बुजुर्ग की आंखें हुई नम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दास्तां: बच्चों को हवा में उछाल नीचे तेजधार हथियार रख कर दी जाती थी हत्या.. बताते हुए बुजुर्ग की आंखें हुई नम
Mon, 15 Aug 2022 12:54 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 15 Aug 2022 12:54 AM IST
सार
96 वर्षीय अजमेर बोले कि विभाजन पर पाकिस्तान ने सहमति दिखाई थी, अगले ही दिन मार काट शुरू कर दी थी। कालांवाली के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति अजमेर सिंह ने आंखों देखी दास्तां बताई है।
विज्ञापन
बुजुर्ग को सम्मानित करते हुए।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विभाजन के दौरान स्वतंत्रता संग्राम के सियासी सेनानियों ने कहा था कि जो नागरिक पाकिस्तान में रहना चाहते हैं वह रह सकते हैं और जो हिंदुस्तान में रहना चाहते हैं वह जा सकते हैं। इसके बाद पाकिस्तान ने विभाजन को स्वीकार कर लिया। अगले ही दिन पाकिस्तान में हिंदुओं-सिखों को मारना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
छोटे-छोटे बच्चों को ऊपर हवा में उछालकर नीचे लोहे के तीखे हथियार लगाकर मार दिया और महिलाओं पर भी उनके स्तन काटकर व जीभ काटकर बुरी तरह से हत्या करके लाशों से भरी ट्रेनों को बठिंडा भेज देते थे। विभाजन की आंखों देखी दास्तां बताते हुए कालांवाली के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति 96 वर्षीय अजमेर सिंह के आंखों से आंसू निकल आए।
विज्ञापन
कालांवाली नगरपालिका प्रशासन ने रविवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। इसमें गांव कालांवाली के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति अजमेर सिंह को मुख्य मेहमान के तौर पर बुलाया। उन्होंने विभाजन के दौरान बड़े पैमाने पर हुई हिंसा की घटनाओं से शहरवासियों को अवगत करवाया और हिंसा में मारे गए असंख्य लोगों के संघर्ष व बलिदान को याद किया।
विज्ञापन
विभाजन की घटना के बारे में जानकारी देते हुए 96 वर्षीय अजमेर सिंह ने बताया कि जब भारत-पाकिस्तान का विभाजन हुआ, उस समय उनकी आयु 22 वर्ष थी। विभाजन के दौरान पाकिस्तान ने छोटे-छोटे बच्चों, महिलाओं और अन्य लोगों पर काफी अत्याचार किया। पाकिस्तान से आने वाली ट्रेनों में हिंदुओं की लाशें ही पहुंचती थीं। इसके बाद देश में हिंदु, मुस्लिम, सिखों आदि की लाशों के ढेर लग गए। कार्यक्रम में पतंजलि योग समिति के हीर लाल अरनेजा, एसके पूनिया ने भी विभाजन का दर्द बयां किया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगरपालिका सचिव विक्रमजीत सिंह ने की। इस अवसर पर जेई हितेश कुमार, क्लर्क प्रवीण कुमार, लिपिक सुनील कुमार, लिपिक तरुण, लिपिक गुरसेवक सिंह, गुरलाल सिंह, राजेंद्र शर्मा, अजय जैमको मौजूद रहे।