{"_id":"671400825aa2d216080be1e4","slug":"the-citys-air-started-getting-polluted-aqi-reached-174-increased-by-92-points-in-eight-days-sirsa-news-c-128-1-svns1027-127335-2024-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: प्रदूषित होने लगी शहर की हवा, एक्यूआई 174 तक पहुंचा, आठ दिन में 92 अंक बढ़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: प्रदूषित होने लगी शहर की हवा, एक्यूआई 174 तक पहुंचा, आठ दिन में 92 अंक बढ़ा
Sun, 20 Oct 2024 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 20 Oct 2024 12:24 AM IST
विज्ञापन
सिरसा में खेत में जलाई गई पराली। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पंजाब में जल रही पराली का धुआं जिले के हवा का प्रदूषित कर रहा है। शनिवार का जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक 174 अंकों तक पहुंचा गया है, जोकि मध्यम स्तर का है।पिछले आठ दिनों में एक्यूआई में 92 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। जिले में भी पराली जलाने के अब तक पांच मामले सामने आ चुके हैं। अभी धान कटाई को कार्य जोरों पर हैं। ऐसे में इन मामलों पर इजाफा हो सकता है।
दशहरे के बाद से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। जिले का अधिकतम तापमान 37 डिग्री बना हुआ है, वहीं, न्यूनतम तापमान 22 डिग्री के आस पास पहुंच गया है। सुबह के समय गांवों में हल्की धुंध देखने को मिल रही है। इसके साथ ही जिले के वायु प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी देखने को मिली है। अभी धान की पराली जलाने के मामलों में शुरुआत हुई है। अभी तक हरसेक की ओर से पराली जलाने की भेजी गई 16 लोकेशन में से 5 लोकेशन ही सही पाई गई है। किसानों पर 2500-2500 रुपये का जुर्माना किया गया है। अभी तक किसी के खिलाफ कोई एफआईआर विभाग ने दर्ज नहीं करवाई है।
नवंबर में प्रदूषण का स्तर होता है चरम पर
पराली प्रदूषण के मामले नवंबर में तेजी से बढ़ते है। गेहूं के बिजाई का सीजन होने और मशीनरी नहीं मिल पाने पर किसान इंतजार नहीं करते। ऐसे में नवंबर में प्रदूषण के स्तर पर में बढ़े स्तर पर उछाल आता है। पिछले वर्ष की बात करें तो नवंबर में एक्यूआई 350 के आसपास पहुंच गया था।
विज्ञापन
पिछले पांच दिनों का एक्यूआई
19 अक्तूबर - 174
18 अक्तूबर - 151
17 अक्तूबर - 92
16 अक्तूबर - 154
15 अक्तूबर - 95
14 अक्तूबर - 94
13 अक्तूबर - 106
12 अक्तूबर - 82
किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए 296 गांवों में टीमों का गठन किया गया है। इन गांवों में हर स्तर पर टीमें कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि पराली प्रदूषण को रोका जाए। मशीनरी से लेकर हर सुविधा किसानों को उपलब्ध करवाई जा रही है। -डाॅ. सुखदेव कंबोज, उप निदेशक, कृषि विभाग।
विज्ञापन
सिरसा। पंजाब में जल रही पराली का धुआं जिले के हवा का प्रदूषित कर रहा है। शनिवार का जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक 174 अंकों तक पहुंचा गया है, जोकि मध्यम स्तर का है।पिछले आठ दिनों में एक्यूआई में 92 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। जिले में भी पराली जलाने के अब तक पांच मामले सामने आ चुके हैं। अभी धान कटाई को कार्य जोरों पर हैं। ऐसे में इन मामलों पर इजाफा हो सकता है।
दशहरे के बाद से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। जिले का अधिकतम तापमान 37 डिग्री बना हुआ है, वहीं, न्यूनतम तापमान 22 डिग्री के आस पास पहुंच गया है। सुबह के समय गांवों में हल्की धुंध देखने को मिल रही है। इसके साथ ही जिले के वायु प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी देखने को मिली है। अभी धान की पराली जलाने के मामलों में शुरुआत हुई है। अभी तक हरसेक की ओर से पराली जलाने की भेजी गई 16 लोकेशन में से 5 लोकेशन ही सही पाई गई है। किसानों पर 2500-2500 रुपये का जुर्माना किया गया है। अभी तक किसी के खिलाफ कोई एफआईआर विभाग ने दर्ज नहीं करवाई है।
विज्ञापन
नवंबर में प्रदूषण का स्तर होता है चरम पर
पराली प्रदूषण के मामले नवंबर में तेजी से बढ़ते है। गेहूं के बिजाई का सीजन होने और मशीनरी नहीं मिल पाने पर किसान इंतजार नहीं करते। ऐसे में नवंबर में प्रदूषण के स्तर पर में बढ़े स्तर पर उछाल आता है। पिछले वर्ष की बात करें तो नवंबर में एक्यूआई 350 के आसपास पहुंच गया था।
विज्ञापन
पिछले पांच दिनों का एक्यूआई
19 अक्तूबर - 174
18 अक्तूबर - 151
17 अक्तूबर - 92
16 अक्तूबर - 154
15 अक्तूबर - 95
14 अक्तूबर - 94
13 अक्तूबर - 106
12 अक्तूबर - 82
किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए 296 गांवों में टीमों का गठन किया गया है। इन गांवों में हर स्तर पर टीमें कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि पराली प्रदूषण को रोका जाए। मशीनरी से लेकर हर सुविधा किसानों को उपलब्ध करवाई जा रही है। -डाॅ. सुखदेव कंबोज, उप निदेशक, कृषि विभाग।