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सुखचैन नहर टूटने से कपास व धान की फसलें डूबी
अमर उजाला ब्यूरो/सिरसा
Updated Fri, 14 Oct 2016 12:11 AM IST
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sukhcain
- फोटो : Bureau
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फरवाईं के पास गुरुवार सुबह सुखचैन नहर टूटने से करीब 100 एकड़ फसलें डूब गईं। पकी हुई फसलें डूबने से किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह करीब साढे़ छह बजे गांव फरवाईं के पास सुखचैन नहर टूट गई। सूचना मिलते ही भारी संख्या में किसान मौके पर पहुंचे और नहर को बांधने का प्रयास शुरू किया। शाम को किसानों ने नहर को बांध दिया, लेकिन तब तक करीब 100 एकड़ धान व कपास की फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो चुकी थीं। किसानों का कहना है कि फसलें पक कर तैयार थीं। उन्होंने डूबी हुई फसल की गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजे की मांग की है।
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जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह करीब साढे़ छह बजे गांव फरवाईं के पास सुखचैन नहर टूट गई। सूचना मिलते ही भारी संख्या में किसान मौके पर पहुंचे और नहर को बांधने का प्रयास शुरू किया। शाम को किसानों ने नहर को बांध दिया, लेकिन तब तक करीब 100 एकड़ धान व कपास की फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो चुकी थीं। किसानों का कहना है कि फसलें पक कर तैयार थीं। उन्होंने डूबी हुई फसल की गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजे की मांग की है।
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