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Sirsa News: विद्यार्थियों ने पेड़ों को दीमक से छुटकारा दिलाने के लिए तैयार किया टिंबर ट्रैप
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रानियां। मॉडल की जानकारी देती विद्यार्थियों की टीम। संवाद
- फोटो : poni news
रानियां। पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय माधोसिंघाना में मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन ने अटल इनोवेशन मिशन और नीति आयोग के साथ मिलकर विकसित भारत बिलडाथोन 2025 अभियान चलाया गया। इस अभियान में विद्यालय से विद्यार्थियों की एक पांच सदस्य टीम ने नवाचार कर पेड़ों में लगने वाली दीमक से छुटकारा दिलाने का मॉडल तैयार किया है।
विद्यालय के भौतिक विज्ञान प्रवक्ता रविंद्र सिंह ने विद्यार्थी अभिनव, संजना, पूजा, गुरविंदर और रमीना की एक टीम बनाई। जो पेड़ों को दीमक से बचाने के लिए एक प्रोजेक्ट टिंबर ट्रैप (दीमक का जाल) तैयार किया है। उन्होंने बताया कि टिंबर ट्रैप बनाने के लिए बहुत सारे छेद वाले मटके का प्रयोग में लाया गया।
इसमें मक्की के भुट्टे का अवशेष डालकर दीमक लगे पेड़ के नीचे मटके के मुंह को बाहर रखकर दबा दिया गया। मक्की दीमक का सबसे अच्छा भोजन होने से दीमक घड़े में आ जाती है और इस विधि से पेड़ को सूखने से बचाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह प्रोजेक्ट पूर्ण रूप से रसायन मुक्त और कम खर्चीला स्वदेशी उत्पाद है। इस नवाचार के तहत उन्होंने भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही मुहिम पेड़ लगाओ पेड़ बचाओ मुहिम में लोगों को आगे आने की अपील की। इस अवसर पर समस्त विद्यालय स्टाफ व बच्चे मौजूद रहे।
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विद्यालय के भौतिक विज्ञान प्रवक्ता रविंद्र सिंह ने विद्यार्थी अभिनव, संजना, पूजा, गुरविंदर और रमीना की एक टीम बनाई। जो पेड़ों को दीमक से बचाने के लिए एक प्रोजेक्ट टिंबर ट्रैप (दीमक का जाल) तैयार किया है। उन्होंने बताया कि टिंबर ट्रैप बनाने के लिए बहुत सारे छेद वाले मटके का प्रयोग में लाया गया।
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इसमें मक्की के भुट्टे का अवशेष डालकर दीमक लगे पेड़ के नीचे मटके के मुंह को बाहर रखकर दबा दिया गया। मक्की दीमक का सबसे अच्छा भोजन होने से दीमक घड़े में आ जाती है और इस विधि से पेड़ को सूखने से बचाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह प्रोजेक्ट पूर्ण रूप से रसायन मुक्त और कम खर्चीला स्वदेशी उत्पाद है। इस नवाचार के तहत उन्होंने भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही मुहिम पेड़ लगाओ पेड़ बचाओ मुहिम में लोगों को आगे आने की अपील की। इस अवसर पर समस्त विद्यालय स्टाफ व बच्चे मौजूद रहे।
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