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विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विशेष : मोबाइल का प्रयोग और रोजगार न मिलना मानसिक अवसाद को दे रहे बढ़ावा
Thu, 10 Oct 2024 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 10 Oct 2024 12:57 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मानसिक अवसाद के मामले पिछले कुछ सालों में बढ़े है। मोबाइल और अकेलापन मानसिक अवसाद का मुख्य कारण है। सबसे ज्यादा मोबाइल फोन का प्रयोग करने से युवा मनोरोग के शिकार हो रहे हैं।
नागरिक अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ की ओपीडी में इस साल अप्रैल से जून तक डिप्रेशन के 1005 मरीज आए हैं। इनमें अलग अलग तरह के मरीज पहुंचे हैं, जो तनाव से ग्रस्त थे। इनमें बड़ी संख्या में युवा शामिल थे। मनोरोग विशेषज्ञ की ओपीडी में रोजाना 20 से 30 मामले आ रहे हैं। जिसमें 50 फीसदी मामले युवाओं से जुड़े हैं। इनमें नींद न आने, किसी से बात न करने या बार बार गुस्सा आना जैसे लक्षण हैं। विशेषज्ञों की माने तो समय पर अगर लक्षण पहचान कर उपचार लिया जाए तो बीमारी पर काबू पाया जा सकता है अन्यथा बीमारी गंभीर होने पर उपचार में लंबा समय लग सकता है।
मानसिक तनाव में नशे की तरफ जा रहे युवा
मनोरोग विशेषज्ञ पंकज शर्मा ने कहा कि सिरसा जिले में मानसिक तनाव के जूझ रहे युवा नशे की ओर से जा रहे हैं। जिले में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी तेजी से बढ़ रही है। युवाओं के पास रोजगार न होने के कारण तनाव में रहने वाले युवा ज्यादातर नशे का शिकार बन रहे है।
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मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की स्थिति
मनोरोग विशेषज्ञ - 1
मनोरोग नर्स - 1
मनोरोग सोशल वर्कर - 2
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तनाव में हैं तो बात जरूर शेयर करें, भरपूर नींद लेना जरूरी
नागरिक अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज शर्मा का कहना है कि खुद को तनाव में न रखें और भरपूर नींद लें। तनावग्रस्त होने के कई कारण है। युवाओं में खासकर प्रेम-प्रसंग होना वजह है। ब्रेकअप होने के बाद तनाव में चले जाते हैं। भविष्य को लेकर भी ज्यादा सोचना भी कारण है। महिलाएं भी घरेलू कलह को लेकर डिप्रेशन का शिकार हो रही हैं। तनाव कम करने के लिए अच्छा खानपान लें, कोई भी खेल खेलें, अपनी पसंद के गाने सुने। जो भी करीबी है उसे अपने तनाव के बारे में जरूर बताएं और उससे बात साझा करें। मां-बाप अपने बच्चों पर नजर रखें, अगर वह किसी से बात नहीं कर रहा है, खानपान कम कर दिया है या फिर नींद नहीं ले रहा है तो मनोचिकित्सक को जरूर दिखाएं।
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सिरसा। मानसिक अवसाद के मामले पिछले कुछ सालों में बढ़े है। मोबाइल और अकेलापन मानसिक अवसाद का मुख्य कारण है। सबसे ज्यादा मोबाइल फोन का प्रयोग करने से युवा मनोरोग के शिकार हो रहे हैं।
नागरिक अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ की ओपीडी में इस साल अप्रैल से जून तक डिप्रेशन के 1005 मरीज आए हैं। इनमें अलग अलग तरह के मरीज पहुंचे हैं, जो तनाव से ग्रस्त थे। इनमें बड़ी संख्या में युवा शामिल थे। मनोरोग विशेषज्ञ की ओपीडी में रोजाना 20 से 30 मामले आ रहे हैं। जिसमें 50 फीसदी मामले युवाओं से जुड़े हैं। इनमें नींद न आने, किसी से बात न करने या बार बार गुस्सा आना जैसे लक्षण हैं। विशेषज्ञों की माने तो समय पर अगर लक्षण पहचान कर उपचार लिया जाए तो बीमारी पर काबू पाया जा सकता है अन्यथा बीमारी गंभीर होने पर उपचार में लंबा समय लग सकता है।
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मानसिक तनाव में नशे की तरफ जा रहे युवा
मनोरोग विशेषज्ञ पंकज शर्मा ने कहा कि सिरसा जिले में मानसिक तनाव के जूझ रहे युवा नशे की ओर से जा रहे हैं। जिले में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी तेजी से बढ़ रही है। युवाओं के पास रोजगार न होने के कारण तनाव में रहने वाले युवा ज्यादातर नशे का शिकार बन रहे है।
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मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की स्थिति
मनोरोग विशेषज्ञ - 1
मनोरोग नर्स - 1
मनोरोग सोशल वर्कर - 2
तनाव में हैं तो बात जरूर शेयर करें, भरपूर नींद लेना जरूरी
नागरिक अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज शर्मा का कहना है कि खुद को तनाव में न रखें और भरपूर नींद लें। तनावग्रस्त होने के कई कारण है। युवाओं में खासकर प्रेम-प्रसंग होना वजह है। ब्रेकअप होने के बाद तनाव में चले जाते हैं। भविष्य को लेकर भी ज्यादा सोचना भी कारण है। महिलाएं भी घरेलू कलह को लेकर डिप्रेशन का शिकार हो रही हैं। तनाव कम करने के लिए अच्छा खानपान लें, कोई भी खेल खेलें, अपनी पसंद के गाने सुने। जो भी करीबी है उसे अपने तनाव के बारे में जरूर बताएं और उससे बात साझा करें। मां-बाप अपने बच्चों पर नजर रखें, अगर वह किसी से बात नहीं कर रहा है, खानपान कम कर दिया है या फिर नींद नहीं ले रहा है तो मनोचिकित्सक को जरूर दिखाएं।