{"_id":"5d76867b8ebc3e01403176e1","slug":"son-imprisoned-for-7-years-for-killing-father-on-his-head-sirsa-news-rtk516967431","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता के सिर पर घोटना मारकर हत्या करने वाले पुत्र को सात साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिता के सिर पर घोटना मारकर हत्या करने वाले पुत्र को सात साल की कैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अतिरिक्त जिला सेशन जज डॉ. चंद्र हास की अदालत ने सोमवार को पिता के सिर पर घोटना मारकर गैर इरादतन हत्या के जुर्म में पुत्र को सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही उसे दस हजार रुपये का जुुर्माना भी किया है। जुर्माना न भरने पर दोषी को दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
थेड़ी बाबा सावन सिंह के निवासी साहब सिंह ने पुलिस में सात जुलाई 2017 को शिकायत दर्ज करवाई थी कि वह मोरीवाला गांव में वेल्डिंग की दुकान करता है। हम पांच भाई व एक बहन हैं। 6 जुलाई 2017 को करीब 3.30 बजे मेरा बड़ा भाई सुखविंद्र सिंह उर्फ सुखा सिंह मेरे घर पर आया और किसी बात को लेकर पिता बलकार सिंह से कहासुनी हो गई। इसके बाद मेरे पिता गली में जाने लगे तो भाई सुखविंद्र सिंह ने उनका रास्ता रोक लिया। भाई ने हाथ में लिया हुआ घोटना पिता के सिर पर दे मारा। मेरे पिता बलकार सिंह जोर-जोर से चिल्लाने लगे। तभी हम शोर सुुनकर बाहर की ओर भागे। लेकिन तब मेरा भाई सुखा सिंह मुझे धमकी देकर घोटने के साथ ही भाग गया। घायलावस्था में पिता को शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए लेकर गए। लेकिन चिकित्सकों ने उनकी हालत को देखकर उसे अग्रोहा रेफर कर दिया। अग्रोहा में इलाज के दौरान उसके पिता बलकार सिंह की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी सुखविंद्र सिंह उर्फ सुखा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया। साथ ही पिता की हत्या में प्रयोग किया गया घोटना भी तूड़ी वाले कमरे से बरामद कर लिया। अदालत ने आरोपी के खिलाफ गवाहों व सबूतों को ध्यान में रखकर उसे सात साल की कैद की सजा सुनाई। साथ ही उसे दस हजार रुपये जुर्माना भी किया। जुर्माना ना भरने पर दोषी को दो माह का अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।
विज्ञापन
थेड़ी बाबा सावन सिंह के निवासी साहब सिंह ने पुलिस में सात जुलाई 2017 को शिकायत दर्ज करवाई थी कि वह मोरीवाला गांव में वेल्डिंग की दुकान करता है। हम पांच भाई व एक बहन हैं। 6 जुलाई 2017 को करीब 3.30 बजे मेरा बड़ा भाई सुखविंद्र सिंह उर्फ सुखा सिंह मेरे घर पर आया और किसी बात को लेकर पिता बलकार सिंह से कहासुनी हो गई। इसके बाद मेरे पिता गली में जाने लगे तो भाई सुखविंद्र सिंह ने उनका रास्ता रोक लिया। भाई ने हाथ में लिया हुआ घोटना पिता के सिर पर दे मारा। मेरे पिता बलकार सिंह जोर-जोर से चिल्लाने लगे। तभी हम शोर सुुनकर बाहर की ओर भागे। लेकिन तब मेरा भाई सुखा सिंह मुझे धमकी देकर घोटने के साथ ही भाग गया। घायलावस्था में पिता को शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए लेकर गए। लेकिन चिकित्सकों ने उनकी हालत को देखकर उसे अग्रोहा रेफर कर दिया। अग्रोहा में इलाज के दौरान उसके पिता बलकार सिंह की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी सुखविंद्र सिंह उर्फ सुखा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया। साथ ही पिता की हत्या में प्रयोग किया गया घोटना भी तूड़ी वाले कमरे से बरामद कर लिया। अदालत ने आरोपी के खिलाफ गवाहों व सबूतों को ध्यान में रखकर उसे सात साल की कैद की सजा सुनाई। साथ ही उसे दस हजार रुपये जुर्माना भी किया। जुर्माना ना भरने पर दोषी को दो माह का अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।
विज्ञापन