Sirsa: तख्तमल और झोंपड़ा के ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से चुने सरपंच, दी भाईचारे की मिसाल
दिहाड़ी मजदूरी करने वाली महिला सर्वसम्मति से तख्तमल की सरपंच बनी है। दूसरी बार सर्वसम्मति से चुनाव किया गया है। 10वीं पास गांव की सर्वजीत कौर को ग्रामीणों ने सरपंच चुना है। वहीं झोंपड़ा के ग्रामीणों ने रचना को सर्वसम्मति से सरपंच चुना है।
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सिरसा जिले में पंचायत चुनाव से पहले ही कई गांव अपना भाईचारा भी दिखाते हुए नजर आ रहे हैं। मंगलवार को भी कालांवाली के गांव तख्तमल के ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से दिहाड़ी मजदूरी करने वाली महिला सर्वजीत कौर को सरपंच चुना है। गांव वासियों की ओर से सर्वसम्मति से सभी पंचों का चुनाव करने को लेकर तैयारी की जा रही है।
गांव तख्तमल की कुल आबादी 2600 है। इसके कुल 1900 वोटर हैं और 10 वार्ड हैं। ऐसे में गांव वासियों ने मंगलवार को कॉओपरेटिव सोसायटी में बैठक बुलाई और ग्रामीणों को एकत्र किया। इसके बाद गांव वासियों की राय जानी। गांव की सीट महिला आरक्षित होने के चलते सर्वजीत कौर पत्नी रणजीत सिंह को सर्वसम्मति से सरपंच पद के लिए चुना गया।
गांव के मौजिज लोगों ने अरदास की और परिजनों को बधाई थी दी। बता दें कि इससे पहले भी बडागुढ़ा के गांव कमाल में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से सरपंच का चुनाव किया है। अन्य कई पंचायतों में भी सर्वसम्मति से सरपंच व पंचों को चुने जाने को लेकर तैयारी की जा रही है।
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पति करता है नाई का काम
महिला सरपंच सर्वजीत कौर पेशे से दिहाड़ी मजदूरी करती है। वहीं महिला का पति भी नाई का काम करता है। बता दें कि पिछले प्लान में भी गांव ने महिला सरपंच को सर्वसम्मति से चुना था। पिछले बार गांव में जनरल महिला आरक्षित सीट थी। ऐसे में लखवीर कौर पत्नी जगसीर सिंह को सर्वसम्मति से सरपंच चुना गया था। सरपंच प्रतिनिधि रणजीत सिंह ने बताया कि गांव के लोगों सर्वसम्मति से उसकी पत्नी को सरपंच चुन लिया है। इससे खुशी का माहौल है और अब गांव में सभी एकजुट होकर विकास कार्यों को बढ़ावा देंगे।
झोंपड़ा के ग्रामीणों ने रचना को सर्वसम्मति से चुना सरपंच
सिरसा जिले के गांव झोंपड़ा के ग्रामीणों ने इस बार भाईचारा बनाए रखने के लिए अनोखा कदम उठाया है। आपसी बैर भाव न बने इसलिए ग्रामीणों ने एकत्र होकर सर्वसम्मति बनाई और अपना मुखिया चुन लिया। कंबोज बिरादरी से संबंध रखने वाली रचना रानी को सरपंच चुन लिया गया।
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बता दें कि इस बार झोंपड़ा गांव ओबीसी महिला सीट के लिए आरक्षित किया गया है। ऐसे में ग्रामीणों ने बैठक करके मंथन किया कि क्यों न इस बार भाईचारा बनाएं । बैठक के दौरान कई संभावित प्रत्याशियों के नाम पर चर्चा हुई। अंत में गांव के संदीप कुमार की पत्नी रचना रानी के नाम पर मौजिज लोगों ने मोहर लगा दी।
इसका सभी उपस्थित ग्रामीणों ने स्वागत किया। इसके बाद उन्हें सर्वसम्मति से सरपंच चुन लिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि कई बार चुनाव के दौरान आपसी भाईचारा बिगड़ता है और नशे को भी बढ़ावा मिलता है। लेकिन इस बार ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाई है। बता दें कि गांव में करीब 1200 की आबादी है इनमें से 548 वोट हैं।