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पीएनबी में कैश खत्म लोग परेशान
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Wed, 30 Nov 2016 12:12 AM IST
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सिरसा। नोट बंदी के कारण आम जनता की परेशानी कम नहीं हो रही है। कैश खत्म होने का बैंकों में हर रोज एक ही ड्रामा रह गया है। लोगों को अपने जरूरी काम काज छोड़ कर बैंकों में राशि निकलवाने के लिए लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है और घंटों तक पसीना बहाने के बाद बैंक कर्मचारी बड़े आराम से जबाव दे देते हैं कि कैश खत्म हो गया है। शादी-विवाह का सीजन है ऐसे में लोगों के पास शगुन देने के लिए भी राशि नहीं बची है। कोई भी ऐसा बैंक नहीं है इसमें दिन भी कैश मिल सके। दस से कम कैश निकलवाने के लिए भी लोगों को कई दिनों तक बैंकों में धक्के खाने पड़ रहे हैं क्योंकि एटीएम में इससे भी बुरा हाल है। लोगों की तकलीफ बढ़ती जा रही है। जब तक पर्याप्त कैश नहीं होगा तब तक भीड़ कम होने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही।
हर रोज की भांति मंगलवार को भी कैश के लिए मारामारी का माहौल देखने को मिला। आज अन्य बैंकों की भांति पीएनबी में भी कैश खत्म था। बैंक कर्मी लाइनों में लगे लोगों को कैश खत्म होने की बात कह कर पल्ला झाड़ रहे थे। इसी प्रकार बुढापा पेंशन लेने के लिए पहुंचे बुजूर्ग लोगों को भी जबाव मिल रहा था। महिलाएं व विद्यार्थी वर्ग को भी परेशानी कम नहीं है। प्राइवेट स्कूलों और कॉलेजों में बंद हो चुके 500 और 1000 नोट लेने से मना करने पर अभिभावकों की तकलीफ बढ़ रही है। पिछले कई दिनों से लोगों को बैंकों में भटकते देखा जा रहा है। पेंशन धारकों के खातों में विभिन्न बैंकों में सरकार की ओर से बेहद देरी से जारी की गई है, लेकिन फिर भी बैंकों में छोटे नोट न होने के कारण उन्हें पेंशन राशि मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुजूर्ग बुजूर्ग भी आए दिन पेंशन के लिए बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। जिले के 215 गांवों के 37 हजार बुजूर्गों की पेंशन सहकारी बैंकों में अटक गई है। यह राशि करीब साढे चार करोड़ रुपये की। बैंक में राशि आ चुकी थी पर आरबीआई द्वारा सहकारी बैंकों के लेनदेन पर रोक लगाने के बाद यह पेंशन नहीं दी जा पा रही। दि सिरसा केंद्रीय सहकारी बैंक एंप्लाईज एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पालाराम गोदारा ने बताया कि सहकारी बैंकों के पास बुढापा पेंशन की राशि आई गई थी पर अब राशि दी नहीं जा सकी क्योंकि आरबीआई द्वारा लेनदेन पर रोक लगाई गई है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा अब तक किसानों को किसी प्रकार की राहत नहीं दी गई है। न तो किसानों को सहकारी बैंक के माध्यम से बीज खाद देने की व्यस्था है और न ही किसानों को राशि दी जा पा रही। इसके अलावा जिन किसानों ने बैंक से कर्ज लिया हुआ है उनसे कर्ज बसूलने के लिए सहकारी बैंकों को बंद हुए नोट लेने की इजाजत है। जबकि पंपों, बिजली बिलों, पानी के बिलों, अस्पतालों में ये नोट प्रचलन में हैं। इससे साफ जाहिर है कि सहकारी बैंकों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
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दो बैंकों से दो हजार भी नहीं मिले
वैसे तो हर व्यक्ति को सप्ताह में राशि निकालने की सीमा निर्धारित है पर इससे कम राशि लेने के लिए भी लोगों को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। एमसी कॉलोनी निवासी महेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने शादी में जाना था जिसके लिए चैक से दो हजार रुपये निकालने के लिए बरनाला रोड स्थित पीएनबी की शाखा में लाइन में लगा। दो बजे गेट बंद हो गया और गार्ड ने सभी को कहा कि अब तीन बजे आना। तीन बजे फिर बैंक के समक्ष भीड़ हो गई। उसके बाद बैंक कर्मियों ने टोकन वालों को ही पेमेंट देने की बात कही। उन्होंने बताया कि इसके बाद वह रोड़ी बाजार स्थित पीएनबी बैंक में गया। यहां पर कैश दे रहे काउंटर की लाइन में लगा। काफी देर बाद नंबर आया तो दो हजार रुपये की राशि न होने की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया।
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150 में से 47 एटीएम चले
सिरसा। जिले में मंगलवार को 47 एटीएम में से लोग नगदी निकरा सके। शेष 103 एटीएम आज भी सफेद हाथी बने रहे। लोगों को छोटी राशि के लिए बैंकों में न जाना पड़े इसके लिए सभी एटीएम का न चलना इस बात का प्रमाण है कि बैंकों की ओर से लोगों की समस्या के समाधान को लेकर कोई कदम नहीं उठाए जा रहे। जिन एटीएम में राशि डाली गई थी उनके बाहर लोगों की लंबी लाइनें देखी गई।
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आज से मिलेंगे एटीएम से 500 सौ के नए नोट
बुधवार से लोग पांच सौ का नया नोट एटीएम से भी निकाल सकेेंगे। बैंक सूत्रों के अनुसार एटीएम में पांच सौ का नाट डालने के लिए सभी तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है अब बुधवार को विभिन्न एटीएम में ये नोट निकलेंगे। लोगों को बुधवार से नए पांच सौ के नोट के दर्शन हो सकेंगे। अधिकारियों का मानना है कि अब लगातार करंसी को लेकर हो रही मारामारी कम होती जाएगी।
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बीज-खाद के लिए किसानों की परेशानी ज्यों की त्यों
गेहूं की बिजाई के सीजन में किसानों को बीज और खाद के लिए नोट बंदी से पैदा हुई परेशानी ज्यों की त्यों बरकरार है। किसान दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। सहकारी बिक्री केंद्रों पर नोट लेने से किसानों की परेशानी कम नहीं हो रही है। बता दें कि सरकार की ओर से किसानों को बीज व खाद उपलब्ध करवाने के लिए सहकारी बिक्री केंद्रों के तहत सुविधा दी जाती है। इन सभी केंद्रों पर 500 और 1000 के नोट किसानों से नहीं लिए जा रहे।
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हर रोज की भांति मंगलवार को भी कैश के लिए मारामारी का माहौल देखने को मिला। आज अन्य बैंकों की भांति पीएनबी में भी कैश खत्म था। बैंक कर्मी लाइनों में लगे लोगों को कैश खत्म होने की बात कह कर पल्ला झाड़ रहे थे। इसी प्रकार बुढापा पेंशन लेने के लिए पहुंचे बुजूर्ग लोगों को भी जबाव मिल रहा था। महिलाएं व विद्यार्थी वर्ग को भी परेशानी कम नहीं है। प्राइवेट स्कूलों और कॉलेजों में बंद हो चुके 500 और 1000 नोट लेने से मना करने पर अभिभावकों की तकलीफ बढ़ रही है। पिछले कई दिनों से लोगों को बैंकों में भटकते देखा जा रहा है। पेंशन धारकों के खातों में विभिन्न बैंकों में सरकार की ओर से बेहद देरी से जारी की गई है, लेकिन फिर भी बैंकों में छोटे नोट न होने के कारण उन्हें पेंशन राशि मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुजूर्ग बुजूर्ग भी आए दिन पेंशन के लिए बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। जिले के 215 गांवों के 37 हजार बुजूर्गों की पेंशन सहकारी बैंकों में अटक गई है। यह राशि करीब साढे चार करोड़ रुपये की। बैंक में राशि आ चुकी थी पर आरबीआई द्वारा सहकारी बैंकों के लेनदेन पर रोक लगाने के बाद यह पेंशन नहीं दी जा पा रही। दि सिरसा केंद्रीय सहकारी बैंक एंप्लाईज एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पालाराम गोदारा ने बताया कि सहकारी बैंकों के पास बुढापा पेंशन की राशि आई गई थी पर अब राशि दी नहीं जा सकी क्योंकि आरबीआई द्वारा लेनदेन पर रोक लगाई गई है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा अब तक किसानों को किसी प्रकार की राहत नहीं दी गई है। न तो किसानों को सहकारी बैंक के माध्यम से बीज खाद देने की व्यस्था है और न ही किसानों को राशि दी जा पा रही। इसके अलावा जिन किसानों ने बैंक से कर्ज लिया हुआ है उनसे कर्ज बसूलने के लिए सहकारी बैंकों को बंद हुए नोट लेने की इजाजत है। जबकि पंपों, बिजली बिलों, पानी के बिलों, अस्पतालों में ये नोट प्रचलन में हैं। इससे साफ जाहिर है कि सहकारी बैंकों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
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दो बैंकों से दो हजार भी नहीं मिले
वैसे तो हर व्यक्ति को सप्ताह में राशि निकालने की सीमा निर्धारित है पर इससे कम राशि लेने के लिए भी लोगों को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। एमसी कॉलोनी निवासी महेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने शादी में जाना था जिसके लिए चैक से दो हजार रुपये निकालने के लिए बरनाला रोड स्थित पीएनबी की शाखा में लाइन में लगा। दो बजे गेट बंद हो गया और गार्ड ने सभी को कहा कि अब तीन बजे आना। तीन बजे फिर बैंक के समक्ष भीड़ हो गई। उसके बाद बैंक कर्मियों ने टोकन वालों को ही पेमेंट देने की बात कही। उन्होंने बताया कि इसके बाद वह रोड़ी बाजार स्थित पीएनबी बैंक में गया। यहां पर कैश दे रहे काउंटर की लाइन में लगा। काफी देर बाद नंबर आया तो दो हजार रुपये की राशि न होने की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया।
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150 में से 47 एटीएम चले
सिरसा। जिले में मंगलवार को 47 एटीएम में से लोग नगदी निकरा सके। शेष 103 एटीएम आज भी सफेद हाथी बने रहे। लोगों को छोटी राशि के लिए बैंकों में न जाना पड़े इसके लिए सभी एटीएम का न चलना इस बात का प्रमाण है कि बैंकों की ओर से लोगों की समस्या के समाधान को लेकर कोई कदम नहीं उठाए जा रहे। जिन एटीएम में राशि डाली गई थी उनके बाहर लोगों की लंबी लाइनें देखी गई।
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आज से मिलेंगे एटीएम से 500 सौ के नए नोट
बुधवार से लोग पांच सौ का नया नोट एटीएम से भी निकाल सकेेंगे। बैंक सूत्रों के अनुसार एटीएम में पांच सौ का नाट डालने के लिए सभी तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है अब बुधवार को विभिन्न एटीएम में ये नोट निकलेंगे। लोगों को बुधवार से नए पांच सौ के नोट के दर्शन हो सकेंगे। अधिकारियों का मानना है कि अब लगातार करंसी को लेकर हो रही मारामारी कम होती जाएगी।
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बीज-खाद के लिए किसानों की परेशानी ज्यों की त्यों
गेहूं की बिजाई के सीजन में किसानों को बीज और खाद के लिए नोट बंदी से पैदा हुई परेशानी ज्यों की त्यों बरकरार है। किसान दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। सहकारी बिक्री केंद्रों पर नोट लेने से किसानों की परेशानी कम नहीं हो रही है। बता दें कि सरकार की ओर से किसानों को बीज व खाद उपलब्ध करवाने के लिए सहकारी बिक्री केंद्रों के तहत सुविधा दी जाती है। इन सभी केंद्रों पर 500 और 1000 के नोट किसानों से नहीं लिए जा रहे।