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भाषणों से भ्रमित करने को लेकर थेहड़वासियों में गुस्सा
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Wed, 01 Jun 2016 11:59 PM IST
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थेहड़ मोहल्ला
- फोटो : Desk
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बेघर होने के नजदीक पहुंच चुके थेहड़वासियों में नेताओं की ओर से लगातार उन्हें भ्रमित करने को लेकर काफी रोष है। मंगलवार को स्थानीय सिविल कोर्ट ने रजिस्ट्रीशुदा मकान मालिकों को राहत देते हुए उन्हें स्टे दिया था। ये मकान थेहड़ में अनाधिकृत निर्माण की जद से बाहर हैं। लेकिन कुछ नेताओं ने थेहड़ पर सभा करके उन्हें भ्रमित कर दिया कि अदालत ने 13 जून के नोटिस पर स्टे दे दिया है।
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बुधवार को सैकड़ों थेहड़वासी उपायुक्त कार्यालय व अदालत परिसर में पहुंचे और सच्चाई जानने पर उन्हें अहसास हुआ कि अदालत ने थेहड़ को लेकर किसी प्रकार का स्टे नहीं दिया। ऐसे में थेहड़ पर दिनभर इसी बात को लेकर चर्चा होती रही कि हर नेता गुमराह करने में लगा हुआ है और प्रशासन हाईकोर्ट के आदेशानुसार अपनी रणनीति तैयार करने में लगा है।
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जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अदालत की तरफ से कोई स्टे के आदेश उनके पास नहीं आए हैं। हाईकोर्ट के आदेशानुसार थेहड़वासियों को 13 जून तक नोटिस दिया गया है। वहीं, थेहड़ संघर्ष समिति पर भी थेहड़ के कुछ लोगों ने सवालिया निशान लगाए हैं। उपायुक्त कार्यालय पहुंचे थेहड़ पर रहने वाले परिवारों का आरोप है कि संघर्ष समिति की प्रधान संजू बाला ने हाईकोर्ट की डबल बेंच में याचिका दायर करने की एवज में थेहड़वासियों ने प्रति परिवार दो हजार रुपये लिए हैं लेकिन अब तक संघर्ष समिति की प्रधान ने हाईकोर्ट की डबल बेंच याचिका दायर नहीं की।
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हर तरफ से थेहड़वासियों को ठगा जा रहा है। थेहड़ पर हजारों गरीब परिवार रहते हैं,जो मजदूरी करते हैं। नगर परिषद ईओ अतर सिंह का कहना है कि हाईकोर्ट के फैसले के मुताबिक थेहड़वासियों को 13 जून तक का नोटिस दिया हुआ है। थेहड़ पर स्टे दिए जाने का किसी भी अदालत का फैसला उनके पास नहीं आया है। सिविल कोर्ट ने अनाधिकृत निर्माण की जद से बाहर रजिस्ट्रीशुदा तीन परिवार को स्टे दिया है। ये परिवार स्टे की कॉपी दिखाएंगे तो कानून का पालन किया जाएगा।
ओछे हथकंडे अपना बंद करें नेता
राजनीति गलियारों में मंगलवार को थेहड़ पर हुई एक पार्टी की नुक्कड़ सभा को लेकर जिलेभर में चर्चा होती रही। इनेलो जिलाध्यक्ष पदम जैन ने एक पूर्व मंत्री नेता का नाम लेते हुए कहा कि उनको इस प्रकार की घटिया राजनीति शोभा नहीं देती। जो लोग सरकार के हलफनामे के कारण बेघर होने के कगार पर हो उन्हें गुमराह करना ठीक नहीं। इनेलो विधायक मक्खन सिंह व सांसद ने सीएम को पत्र लिखकर थेहड़वासियों बेघर होने से बचाने की अपील की है। तीन दिन बाद इनेलो का प्रतिनिधि मंडल चंडीगढ़ में राज्यपाल से मुलाकात करके उन्हें ज्ञापन सौंपेगा। सरकार को चाहिए की 25 हजार थेहड़ वासियों को बेघर होने से बचाए। वहीं, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व ब्लॉक कांग्रेस शहरी प्रधान भूपेश मेहता का कहना है कि थेहड़ पर गरीब लोग रहते हैं। उन्हें राजनीति फायदे के लिए गुमराह करना किसी रूप में इंसानियत नहीं है। सरकार को चाहिए कि थेहड़वासियों के बारे में गंभीरता से फैसला लेकर उन्हें उजडने से बचाए। सरकार थेहड़वासियों को जमींन देती है तो शहर वासी मकान बनाने में उनकी हर संभव सहायता करने को तैयार हैं। कुछ नेता भ्रमित करने का काम करके घटिया राजनीति का परिचय दे रहे हैं।
पूर्व सीएम मिलेंगे थेहड़ वासियों से
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व प्रदेश प्रवक्ता होशिकारी लाल शर्मा का कहना है कि कांग्रेस हर स्थिति में थेहड़वासियों के साथ चट्टान की भांति खड़ी रहेगी। गुमाराह करने वाली राजनीति को जनता ज्यादा दिनों तक स्वीकार नहीं करती। किसी भी सूरत में थेहड़वासियों को उजड़ने नहीं दिया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा शीघ्र ही सिरसा का आने वाले हैं। वे स्वयं थेहड़ वासियों से मिलकर उनमें भरोसा जगाएंगे कि उन्हें बेघर होने नहीं दिया जाएगा।
आरोप बेबुनियाद : संजूबाला
थेहड़ संघर्ष समिति की प्रधान एडवोकेट संजूबाला का कहना है कि थेहड़वासियों के लिए पूर्व मंत्री रुपये देने में कसर नहीं छोड़ते। हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की एवज में रुपये एकत्रित करने का आरोप बेबुनियाद है।
स्टे का कोई आदेश नहीं आया
थेहड़ मामले को लेकर ओवरआल स्टे के कोई आदेश किसी भी न्यायालय की तरफ से मेरे पास नहीं आए हैं। प्रशासन की तरफ से 13 जून का नोटिस दिया हुआ है।
-शरणदीप कौर बराड़, उपायुक्त सिरसा।