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नियमों से बंधा प्रशासन, चेयरमैन चुनाव के लिए कॉल कर सकता है बैठक
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Sat, 16 Jul 2016 01:20 AM IST
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- फोटो : Desk
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चेयरमैन तथा उप चेयरमैन चुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने अभी कोई चेहरा मैदान में नहीं उतारा है। लेकिन प्रशासन ने भीतर ही भीतर अपनी तैयारियां शुरू की दी हैं। शपथ ग्रहण समारोह के एक माह के भीतर चेयरमैन पद के लिए बैठक बुलाई जाना चाहिए तो यह माना जा रहा है कि अगले हफ्ते पार्षदों की बैठक बुलाई जा सकती है।
गुटबाजी के बावजूद कांग्रेस मजबूत, इनेलो-भाजपा समर्थन पर टिकी निगाहें
बहुमत कांग्रेस के पास है, लेकिन पार्षदों में गुटबाजी की आशंका प्रबल है। कांग्रेसी नेता केवी सिंह फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। 21 जून को शपथ ग्रहण समारोह के बाद वे दिखाई नहीं दिए हैं। डबवाली से पूर्णतया दूरी बनाए रखी है। हालांकि वे कांग्रेस के सभी दस पार्षदों को एक प्लेटफार्म पर लाने में कामयाब हुए हैं। यहां तक की कांग्रेस पार्षद एक शपथपत्र के रूप में यह भी लिख चुके हैं कि जिसे कांग्रेस आलाकमान चाहेगा, उसे चेयरमैन तथा वाइस चेयरमैन बना दे। उन्हें आपत्ति नहीं होगी। वहीं इनेलो के पास सात, भाजपा के पास दो पार्षद हैं। कांग्रेस को हराने के लिए दोनों राजनीतिक दल हाथ मिला सकते हैं, यह चर्चा काफी समय से चल रही है। यहां तक की दोनों दलों के नेता भी हामी भर चुके हैं। यदि ऐसा होता है, तो नए समीकरण बन सकते हैं। वहीं भाजपा प्रदेश तथा देश में सत्ता के दबाव तले वार्ड में विकास की बात कहकर कांग्रेस समर्थित पार्षदों पर डोरे डाल रही है। दूसरी ओर इनेलो भी पीछे नहीं है।
भाजपा के लिए सिरदर्द बने बबलू
वार्ड नं. 15 से भाजपा के समर्थन से जीत हासिल करने वाला आजाद पार्षद रविंद्र उर्फ बबलू भी सुर्खियों में हैं। अब तक भाजपा नेताओं के सुर में सुर मिलाने की बात करने वाला यह पार्षद सार्वजनिक मंचों पर कांग्रेस नेताओं के साथ गलजफियां डालता हुआ नजर आता है। पिछले दिनों कांग्रेस नेता तथा राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा के कार्यक्रम में बबलू उनके साथ बैठे नजर आए थे। कांग्रेस नेता केवी सिंह तो उन्हें कांग्रेस पार्टी का समर्थित पार्षद तक घोषित कर चुके हैं।
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कांग्रेस खेल सकती है बबलू पर दांव
वार्ड नबर. 15 में डबवाली हलके से डॉ. अशोक तंवर के सबसे नजदीकियों में से एक माने जाने वाले पवन उदानियां को हराकर नगर परिषद पहुंचे बबलू पर कांग्रेस दांव खेल सकती है। कमोबेश यही स्थिति भाजपा तथा इनेलो की भी है। ऐसे में बबलू के दोनों हाथ में लड्डू है। चर्चा का विषय तो यह है कि बबलू किसका साथ देंगे। गुटों में बिखरी कांग्रेस का या फिर भाजपा-इनेलो गठबंधन का।
नियमानुसार चुनाव के एक माह की अवधि तक शपथग्रहण, शपथग्रहण के बाद एक माह की अवधि तक चेयरमैन तथा उप चेयरमैन चुनाव के लिए एक बैठक होनी जरूरी है। उपायुक्त को पत्र लिखकर तारीख मांगी गई है। 21 जुलाई तक बैठक हो सकती है।
जयवीर डुडी, एमई, नगर परिषद, डबवाली
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गुटबाजी के बावजूद कांग्रेस मजबूत, इनेलो-भाजपा समर्थन पर टिकी निगाहें
बहुमत कांग्रेस के पास है, लेकिन पार्षदों में गुटबाजी की आशंका प्रबल है। कांग्रेसी नेता केवी सिंह फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। 21 जून को शपथ ग्रहण समारोह के बाद वे दिखाई नहीं दिए हैं। डबवाली से पूर्णतया दूरी बनाए रखी है। हालांकि वे कांग्रेस के सभी दस पार्षदों को एक प्लेटफार्म पर लाने में कामयाब हुए हैं। यहां तक की कांग्रेस पार्षद एक शपथपत्र के रूप में यह भी लिख चुके हैं कि जिसे कांग्रेस आलाकमान चाहेगा, उसे चेयरमैन तथा वाइस चेयरमैन बना दे। उन्हें आपत्ति नहीं होगी। वहीं इनेलो के पास सात, भाजपा के पास दो पार्षद हैं। कांग्रेस को हराने के लिए दोनों राजनीतिक दल हाथ मिला सकते हैं, यह चर्चा काफी समय से चल रही है। यहां तक की दोनों दलों के नेता भी हामी भर चुके हैं। यदि ऐसा होता है, तो नए समीकरण बन सकते हैं। वहीं भाजपा प्रदेश तथा देश में सत्ता के दबाव तले वार्ड में विकास की बात कहकर कांग्रेस समर्थित पार्षदों पर डोरे डाल रही है। दूसरी ओर इनेलो भी पीछे नहीं है।
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भाजपा के लिए सिरदर्द बने बबलू
वार्ड नं. 15 से भाजपा के समर्थन से जीत हासिल करने वाला आजाद पार्षद रविंद्र उर्फ बबलू भी सुर्खियों में हैं। अब तक भाजपा नेताओं के सुर में सुर मिलाने की बात करने वाला यह पार्षद सार्वजनिक मंचों पर कांग्रेस नेताओं के साथ गलजफियां डालता हुआ नजर आता है। पिछले दिनों कांग्रेस नेता तथा राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा के कार्यक्रम में बबलू उनके साथ बैठे नजर आए थे। कांग्रेस नेता केवी सिंह तो उन्हें कांग्रेस पार्टी का समर्थित पार्षद तक घोषित कर चुके हैं।
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कांग्रेस खेल सकती है बबलू पर दांव
वार्ड नबर. 15 में डबवाली हलके से डॉ. अशोक तंवर के सबसे नजदीकियों में से एक माने जाने वाले पवन उदानियां को हराकर नगर परिषद पहुंचे बबलू पर कांग्रेस दांव खेल सकती है। कमोबेश यही स्थिति भाजपा तथा इनेलो की भी है। ऐसे में बबलू के दोनों हाथ में लड्डू है। चर्चा का विषय तो यह है कि बबलू किसका साथ देंगे। गुटों में बिखरी कांग्रेस का या फिर भाजपा-इनेलो गठबंधन का।
नियमानुसार चुनाव के एक माह की अवधि तक शपथग्रहण, शपथग्रहण के बाद एक माह की अवधि तक चेयरमैन तथा उप चेयरमैन चुनाव के लिए एक बैठक होनी जरूरी है। उपायुक्त को पत्र लिखकर तारीख मांगी गई है। 21 जुलाई तक बैठक हो सकती है।
जयवीर डुडी, एमई, नगर परिषद, डबवाली