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कोख में बेटी मारने पर होगा सामाजिक बहिष्कार
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Sun, 17 Jul 2016 12:40 AM IST
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- फोटो : Desk
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गांव कालूआना की पंचायत ने गर्भ में बेटियों को मारने वाले परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला लिया है। शनिवार को गांव में बने आरोही मॉडल विद्यालय में पंचायत सदस्यों की बैठक में यह प्रस्ताव पारित हुआ। पंचायत ने कहा कि यह कदम गांव में कुंवारों की बढ़ती संख्या को देखकर उठाया गया है। एमए पास युवकों को बहू नहीं मिल रही। लगातार कम होता लिंगानुपात इसकी वजह है। डीडीपीओ के अनुसार पंचायत सामाजिक कुरीति के खिलाफ ऐसा कदम उठाने में सक्षम है।
पुरुष ने करवाई नलबंदी तो मिलेंगे 5100 रुपये
ग्राम पंचायत की बैठक सरपंच गीता देवी की अध्यक्षता में हुई। पंचायत सदस्यों ने गिरते लिंगानुपात पर चिंता जाहिर की। बेटियों को बचाने के लिए पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने पर सहमति बनी। प्रस्ताव पारित किया गया कि जागरूक करने के बावजूद अगर कोई कन्या भ्रूण हत्या करता है तो उस परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गांव की प्रत्येक बेटी को पंचायत स्कूल तक लेकर आएगी। बेटियों को बचाने के लिए पंचायत ने अपने स्तर पर ईनाम देने की घोषणा की है। यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि गांव की ऐसी कोई महिला, जिसके बेटा न हो, वह दो बेटियों के बाद नसबंदी करवाती है तो उसे 11 हजार रुपये मिलेंगे, साथ में पंचायत उसे सम्मानित भी करेगी। कन्या भ्रूण हत्या पर नकेल कसने के लिए पंचायत सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि कोई व्यक्ति इसकी सूचना देता है तो उसे भी 11 हजार रुपये ईनाम स्वरूप दिए जाएंगे।
उसकी पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी। गांव की बढ़ती जनसंख्या तथा सीमित संसाधनों को देखते हुए पंचायत ने प्रस्ताव पारित किया है कि गांव का कोई भी पुरुष नसबंदी करवाता है तो उसे पंचायत की ओर से 5100 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इस मौके पर विद्यालय की प्रिंसिपल नीता नागपाल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल राजेंद्र जाखड़, ब्लाक समिति सदस्य वीरेंद्र जाखड़, कालूआना वेलफेयर शिक्षा समिति के अध्यक्ष जगदेव सहारण, पंचायत सचिव जगदीश लाल, पंचायत सदस्य प्रदीप कुमार, राकेश, दौलत राम, रणवीर, सुमन देवी, सरोज, शकुंतला, उग्रसेन, अमनदीप कौर, रामस्वरूप, सविता रानी, ललिता शर्मा, सुनीता रानी, अमलेश सहित समिति सदस्य गुरदेव सिंह, डॉ. हरिंद्र, नरेश कुमार, डॉ. ललित बेरी, गोशाला प्रबंधक कमेटी के प्रधान ओमप्रकाश, पूर्व सरपंच दया राम गोदारा, एडवोकेट अनिल परिहार, शारदा सहारण मौजूद थे।
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गली-गली चस्पा होगा फैसला
ग्राम पंचायत सामाजिक बहिष्कार के प्रस्ताव को गांव के मुख्य चौक तथा गलियों में चस्पा करवाएगी। इसके अतिरिक्त गांव में सार्वजनिक तौर पर मुनादी होगी। ताकि प्रत्येक ग्रामीण तक यह बात पहुंच जाए। हालांकि जैसे ही प्रस्ताव पारित हुए पंचायत ने आरोही मॉडल स्कूल की छत्राओं तक यह बात पहुंचा दी। बेटियों को अपने माता-पिता तक फरमान पहुंचाने के लिए प्रेरित किया है।
गांव में कुंवारों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। बीए, एमए पास युवकों को भी बहू नहीं मिल रही। बेटे 30 वर्ष पार कर चुके हैं। कुछ दूसरे राज्यों में बहू खरीदकर ला रहे हैं। बेटियों की कम होती संख्या के चलते ऐसे परिणाम सामने आ रहे हैं। इसलिए शुरूआत अपने गांव से की है। उपरोक्त सभी प्रस्तावों को सरकार तक भेजा जाएगा।
-गीता देवी, सरपंच, गांव कालूआना
कन्या भ्रूण हत्या सामाजिक बुराई है। इसे रोकने के लिए पंचायत आगे आई है तो यह दूसरों के लिए मिसाल है। पंचायत खुद कंपीटेंट ऑथोरिटी है, वह निर्णय लेने में सक्षम है। सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए सामाजिक बहिष्कार का निर्णय लिया जा सकता है। अभी प्रस्ताव मेरे पास नहीं आया है।
प्रीतपाल, डीडीपीओ, सिरसा
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पुरुष ने करवाई नलबंदी तो मिलेंगे 5100 रुपये
ग्राम पंचायत की बैठक सरपंच गीता देवी की अध्यक्षता में हुई। पंचायत सदस्यों ने गिरते लिंगानुपात पर चिंता जाहिर की। बेटियों को बचाने के लिए पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने पर सहमति बनी। प्रस्ताव पारित किया गया कि जागरूक करने के बावजूद अगर कोई कन्या भ्रूण हत्या करता है तो उस परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गांव की प्रत्येक बेटी को पंचायत स्कूल तक लेकर आएगी। बेटियों को बचाने के लिए पंचायत ने अपने स्तर पर ईनाम देने की घोषणा की है। यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि गांव की ऐसी कोई महिला, जिसके बेटा न हो, वह दो बेटियों के बाद नसबंदी करवाती है तो उसे 11 हजार रुपये मिलेंगे, साथ में पंचायत उसे सम्मानित भी करेगी। कन्या भ्रूण हत्या पर नकेल कसने के लिए पंचायत सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि कोई व्यक्ति इसकी सूचना देता है तो उसे भी 11 हजार रुपये ईनाम स्वरूप दिए जाएंगे।
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उसकी पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी। गांव की बढ़ती जनसंख्या तथा सीमित संसाधनों को देखते हुए पंचायत ने प्रस्ताव पारित किया है कि गांव का कोई भी पुरुष नसबंदी करवाता है तो उसे पंचायत की ओर से 5100 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इस मौके पर विद्यालय की प्रिंसिपल नीता नागपाल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल राजेंद्र जाखड़, ब्लाक समिति सदस्य वीरेंद्र जाखड़, कालूआना वेलफेयर शिक्षा समिति के अध्यक्ष जगदेव सहारण, पंचायत सचिव जगदीश लाल, पंचायत सदस्य प्रदीप कुमार, राकेश, दौलत राम, रणवीर, सुमन देवी, सरोज, शकुंतला, उग्रसेन, अमनदीप कौर, रामस्वरूप, सविता रानी, ललिता शर्मा, सुनीता रानी, अमलेश सहित समिति सदस्य गुरदेव सिंह, डॉ. हरिंद्र, नरेश कुमार, डॉ. ललित बेरी, गोशाला प्रबंधक कमेटी के प्रधान ओमप्रकाश, पूर्व सरपंच दया राम गोदारा, एडवोकेट अनिल परिहार, शारदा सहारण मौजूद थे।
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गली-गली चस्पा होगा फैसला
ग्राम पंचायत सामाजिक बहिष्कार के प्रस्ताव को गांव के मुख्य चौक तथा गलियों में चस्पा करवाएगी। इसके अतिरिक्त गांव में सार्वजनिक तौर पर मुनादी होगी। ताकि प्रत्येक ग्रामीण तक यह बात पहुंच जाए। हालांकि जैसे ही प्रस्ताव पारित हुए पंचायत ने आरोही मॉडल स्कूल की छत्राओं तक यह बात पहुंचा दी। बेटियों को अपने माता-पिता तक फरमान पहुंचाने के लिए प्रेरित किया है।
गांव में कुंवारों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। बीए, एमए पास युवकों को भी बहू नहीं मिल रही। बेटे 30 वर्ष पार कर चुके हैं। कुछ दूसरे राज्यों में बहू खरीदकर ला रहे हैं। बेटियों की कम होती संख्या के चलते ऐसे परिणाम सामने आ रहे हैं। इसलिए शुरूआत अपने गांव से की है। उपरोक्त सभी प्रस्तावों को सरकार तक भेजा जाएगा।
-गीता देवी, सरपंच, गांव कालूआना
कन्या भ्रूण हत्या सामाजिक बुराई है। इसे रोकने के लिए पंचायत आगे आई है तो यह दूसरों के लिए मिसाल है। पंचायत खुद कंपीटेंट ऑथोरिटी है, वह निर्णय लेने में सक्षम है। सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए सामाजिक बहिष्कार का निर्णय लिया जा सकता है। अभी प्रस्ताव मेरे पास नहीं आया है।
प्रीतपाल, डीडीपीओ, सिरसा