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आरोप लगाने के बजाए आर के आनंद को आयोग में दायर करनी चाहिए याचिका : हुड्डा
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Mon, 13 Jun 2016 01:09 AM IST
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हुड्डा
- फोटो : bureau
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पूर्व मुख्यमंत्री चौ.भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्यसभा चुनाव में वोटिंग को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस षड्यंत्र में भाजपा सरकार और चुनाव में लगी मशीनरी शामिल हो सकती है इसके लिए पेन की फोरेसिंक जांच करवाई जाए साथ ही फैक्ट फाइडिंग कमेटी इसकी जांच करे। निर्दलीय प्रत्याशी आरके आनंद को आरोप लगाने के बजाय चुनाव आयोग में याचिका दायर करनी चाहिए, कांग्रेस भी ऐसा ही करने जा रही है।
पूर्व सीएम रविवार को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता होशियारी लाल शर्मा की पुत्रवधू के निधन पर शोक व्यक्त करने आए थे। बाद में पूर्व सांसद चौ. रणजीत सिंह के आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 14 वोट रद हुए पर इनमें से 12 वोटिंग तो आरके आनंद के पक्ष में हुई है। विधायकों के पेन और मोबाइल फोन बाहर रखवा लिए गए थे। अंदर रखे पेन का ही सभी ने प्रयोग किया और कांग्रेस के विधायकों ने अपने एजेंट बीके हरिप्रसाद को दिखाकर ही वोट किया था। इस मामले में कांग्रेस चुनाव आयोग के समक्ष सोमवार को विरोध करने जा रही है। जब आर के आनंद सोनिया गांधी से समर्थन मांगने गए थे तो वहां आनंद ने कहा था कि वे कांग्रेस का साथ देंगे। ऐसे में उनके इस बयान से नाराज होकर इनेलो ने ऐसा किया हो इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा इस प्रकार से तो प्रजातंत्र को खत्म कर रही है। जब उनसे पूछा गया कि आर के आनंद का आरोप है कि हुड्डा का वोट खाली रहा तो उन्होंने कहा कि ब्लैंक वोट का झगड़ा नहीं है, किसका वोट खाली रहा और इसका पता भी नहीं लगाया जा सकता हां आनंद को पीटिशन दायर जरूर करनी चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते तो लगेगा कि वे भी षड्यंत्र में शामिल हैं।
सरकार पर फोड़ा आंदोलन का ठीकरा
जाट आरक्षण आंदोलन में हुई हिंसा के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रकाश सिंह की रिपोर्ट सबके सामने आ गई है सरकार ने अपने आप को बचाने के लिए अधिकारियों को बलि का बकरा बनाया है। हिंसा के लिए भाजपा सरकार दोषी है उसे इसके लिए माफी मांगनी चाहिए और इस्तीफा भी देना चाहिए। थेहड़ मामले में उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है ऐसेे में उसे कदम उठाना चाहिए। एसवाईएल मामले में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपना राजधर्म नहीं निभा रही है जो उसे निभाना चाहिए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने भाजपा सरकार को नाम बदलू, जेब काटू, और फीता काटू सरकार कहा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 154 वादे किए थे और आज तक एक भी पूरा नहीं किया। बाबा रामदेव के कालाधन वापस लाने के बाद चुप्पी साधने पर उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव उनके मित्र है इसलिए ज्यादा बोलना ठीक नहंी हैं।
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कांग्रेस में गुटबाजी से किया इनकार
हुड्डा ने कहा कि कुलदीप बिश्नोई के कांग्रेस में आने पर क्या कांग्रेस मजबूत हुई है के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी के आने से परिवार बढ़ता है, हां यह जरूर है कि कांग्रेस में आने से कुलदीप को फायदा होगा। पार्टी में गुटबाजी से उन्होंने साफ इंकार करते हुए कहा कि कांग्रेस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी ही नेता है बाकी सब पदाधिकारी है तो बदलते रहते हैं। इस मौके पर पूर्व सीपीएस प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा और अन्य मौजूद थे।
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पूर्व सीएम रविवार को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता होशियारी लाल शर्मा की पुत्रवधू के निधन पर शोक व्यक्त करने आए थे। बाद में पूर्व सांसद चौ. रणजीत सिंह के आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 14 वोट रद हुए पर इनमें से 12 वोटिंग तो आरके आनंद के पक्ष में हुई है। विधायकों के पेन और मोबाइल फोन बाहर रखवा लिए गए थे। अंदर रखे पेन का ही सभी ने प्रयोग किया और कांग्रेस के विधायकों ने अपने एजेंट बीके हरिप्रसाद को दिखाकर ही वोट किया था। इस मामले में कांग्रेस चुनाव आयोग के समक्ष सोमवार को विरोध करने जा रही है। जब आर के आनंद सोनिया गांधी से समर्थन मांगने गए थे तो वहां आनंद ने कहा था कि वे कांग्रेस का साथ देंगे। ऐसे में उनके इस बयान से नाराज होकर इनेलो ने ऐसा किया हो इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा इस प्रकार से तो प्रजातंत्र को खत्म कर रही है। जब उनसे पूछा गया कि आर के आनंद का आरोप है कि हुड्डा का वोट खाली रहा तो उन्होंने कहा कि ब्लैंक वोट का झगड़ा नहीं है, किसका वोट खाली रहा और इसका पता भी नहीं लगाया जा सकता हां आनंद को पीटिशन दायर जरूर करनी चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते तो लगेगा कि वे भी षड्यंत्र में शामिल हैं।
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सरकार पर फोड़ा आंदोलन का ठीकरा
जाट आरक्षण आंदोलन में हुई हिंसा के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रकाश सिंह की रिपोर्ट सबके सामने आ गई है सरकार ने अपने आप को बचाने के लिए अधिकारियों को बलि का बकरा बनाया है। हिंसा के लिए भाजपा सरकार दोषी है उसे इसके लिए माफी मांगनी चाहिए और इस्तीफा भी देना चाहिए। थेहड़ मामले में उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है ऐसेे में उसे कदम उठाना चाहिए। एसवाईएल मामले में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपना राजधर्म नहीं निभा रही है जो उसे निभाना चाहिए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने भाजपा सरकार को नाम बदलू, जेब काटू, और फीता काटू सरकार कहा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 154 वादे किए थे और आज तक एक भी पूरा नहीं किया। बाबा रामदेव के कालाधन वापस लाने के बाद चुप्पी साधने पर उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव उनके मित्र है इसलिए ज्यादा बोलना ठीक नहंी हैं।
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कांग्रेस में गुटबाजी से किया इनकार
हुड्डा ने कहा कि कुलदीप बिश्नोई के कांग्रेस में आने पर क्या कांग्रेस मजबूत हुई है के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी के आने से परिवार बढ़ता है, हां यह जरूर है कि कांग्रेस में आने से कुलदीप को फायदा होगा। पार्टी में गुटबाजी से उन्होंने साफ इंकार करते हुए कहा कि कांग्रेस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी ही नेता है बाकी सब पदाधिकारी है तो बदलते रहते हैं। इस मौके पर पूर्व सीपीएस प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा और अन्य मौजूद थे।