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अब भी जैसे गूंज रही घायलों की चीखपुकार

Thu, 15 Sep 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा Updated Thu, 15 Sep 2016 12:06 AM IST
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दर्दनाक सड़क हादसे में 7 लोगों की मौत, जबकि 53 लोग घायल - फोटो : Amar ujala
दो दिन पहले नेशनल हाइवे पर हुए सड़क हादसे में घायलों की चीखपुकार जैसे अब भी अस्पताल में गूंज रही है। एक साथ इतने घायलों को देखकर हम भी घबरा गए। घटना की जानकारी मिलते ही आनन-फानन में सभी डॉक्टरों को बुलाया गया और सभी घायलों का इलाज शुरू हुआ। अस्पताल में बड़ों की संख्या भी कम पड़ गई। यह कहना है डॉ. सुहाषिनी का। उन्होंने बताया कि ज्यादातर घायलों को परिजन ले जा चुके हैं। जो हैं उनका इलाज किया जा रहा है। एक घायल व्यक्ति की हालात गंभीर बनी हुई है। जिसे डीएमसी लुधियाना ले जाया गया। डॉ. सुहाषिनी ने बताया कि सिरसा अस्पताल द्वारा सभी घायलों के सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्सरे नि:शुल्क करवाए गए।
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दोनों चालकों के खिलाफ केस दर्ज
बड़ागुढ़ा थाना क्षेत्र के गांव पन्नीवाला मोटा से छतरियां ईंट-भट्ठे के पास हुए हादसे में बड़ागुढा पुलिस ने दोनों वाहन चालकों कलहेडी निवासी जस्सा सिंह व सुभाष निवासी जटिया फाजिल्का पंजाब के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं पुलिस ने हादसे मेें मारे गए सातों लोगों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया था। उधर इस हादसे के  बाद शव जैसे ही गंाव बटेड़ी पहुंचे तो वहां हर तरफ मातम पसर गया और हर कोई मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधा रहा था।
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आखिर कब जागेगा प्रशासन
पंजाब और हिमाचल प्रदेश की से श्री सालासर और गोगामेड़ी जाने वाले श्रद्धालु कैंटर और ट्रकों में सवार होकर जाते हैं, जिनमे ंश्रद्धालुओं को ठूंस-ठूंस कर बैठाया जाता है। जब भी सत्संग या कोई कार्यक्रम होता है तो पंजाब की ओर से श्रद्धालु इसी प्रकार से आते है। एक एक कैंटर या ट्रक में पट्टे लगाकर प्रथम तल बना लिया जाता है। यानि जितने लोग कैंटर के अंदर होते हैं उतने ही प्रथम तल पर होते हैं। ऐेसे मे ओवर लेाडेड वाहनों पर चालक नियंत्रण नहीं रख पाता और हादसे का शिकार हो जाते हैं। ऐेसे हादसे पहले कई बार हुए हैं पर प्रशासन ऐसे वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहंी करता अगर यातायात पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करे तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है। प्रशासन हर हादसे के बाद जागता है और निर्देश जारी कर फिर सो जाता है।
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