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सिरसा: मरम्मत व समय पर सर्विस न होने से बीच रास्ते में दम तोड़ रहीं रोडवेज बसें

Sat, 18 Feb 2023 06:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sat, 18 Feb 2023 06:16 PM IST
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Roadways buses dying midway due to lack of repair and timely service.
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। रोडवेज वर्कशॉप कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। मरम्मत व समय पर सर्विस न होने से रोडवेज बसें बीच रास्ते में दम तोड़ रही हैं। कार्यशाला में इस समय 190 कर्मचारियों की आवश्यकता है लेकिन 55 कर्मचारी ही कार्यरत है। 60 अप्रेंटिस के सहारे ही रोडवेज बसों की मरम्मत की जा रही है।
रोडवेज कार्यशाला में सन 1993 के बाद विभाग ने भर्ती नहीं की है। सिरसा रोडवेज के पास खुद की 107 बसें हैं, जबकि किलोमीटर स्कीम के तहत 32 बसों का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में रोडवेज की बसों की मरम्मत करने के लिए नाम मात्र ही कर्मचारी वर्कशाप में तैनात हैं। टायरमैन, डीजल मैकेनिक, वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, स्टोर मैन सहित 135 पद लंबे समय से खाली पड़ी हैं। कर्मचारियों की कमी होने के कारण बसों की समय पर मरम्मत नहीं हो पाती। देखरेख और मरम्मत न होने के कारण कई बसें बीच रास्ते में ही दम तोड़ रही है। इसका नुकसान बस में सवार यात्रियों को उठाना पड़ता है। चालकों की ओर से बसों को साइड में लगाकर अन्य बसों में यात्रियों को सवार करने पर मजबूर होना पड़ता है।
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नए मॉडल की बसों की मरम्मत करने के लिए नहीं कोई कर्मचारी
विभाग की ओर से यूरो फॉर व यूरो सिक्स गाड़ियों की खरीदारी की गई है। इसकी जांच ऑनलाइन लैपटॉप के माध्यम से की जाती है। सिरसा वर्कशाप में ऐसा एक भी कर्मचारी नहीं है जो यूरो फॉर की गाड़ियों की ऑनलाइन प्रक्रिया से जांच कर सके। ऐसे में चालकों की ओर से खुद के स्तर पर ही बाहर के कर्मचारियों को बुलाकर इनकी जांच करवानी पड़ती है। इसका खर्चा भी चालकों को खुद की जेब से देना पड़ता है।
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बीच रास्ते में ही ब्रेक डाउन हो रही है बसें
रोडवेज बसों की ए सर्विस और बी सर्विस समय पर करना आवश्यक है। वहीं दो से तीन दिन के बाद बस का फिल्टर भी साफ करना आवश्यक है। कर्मचारी न होने के कारण सर्विस ए और बी समय पर हो पाती है। इसके कारण बीच रास्ते में ही बसें खड़ी हो जाती हैं और उन्हें क्रेन के माध्यम से बस स्टैंड तक पहुंचाना पड़ता है। वहीं, फिल्टर समय पर साफ न होने के कारण बसों की एवरेज भी पहले के मुकाबले कम आ रही है।

खुद के स्तर पर ठीक करवाने पड़ी कई बसें : चमन लाल
रोडवेज कर्मचारी यूनियन के सदस्य चमनलाल स्वामी का कहना है वर्कशॉप में कर्मचारियों की कमी के कारण बस के कई पार्टों को ऑटो मार्केट में ठीक करवाना पड़ता है या फिर वहां का मैकेनिक बस स्टैंड पर खुद के खर्च पर बुलाना पड़ता है। सरकार को खाली पड़े पदों को जल्द ही भरना चाहिए । वहीं, रोडवेज कर्मचारी यूनियन के सदस्य रामकुमार चुरनिया का कहा कि वर्कशॉप में 190 कर्मचारियों की आवश्यकता है। इसमें से केवल 55 कर्मचारी तैनात हैं। लंबे समय से वर्कशाप में मैकेनिकों की भर्ती नहीं हो पाई है। अप्रेंटिस के सहारे ही काम चलाया जा रहा है। समय पर बसों की मरम्मत भी नहीं हो पा रही है।


वर्जन
रोडवेज में कर्मचारियों की कमी को लेकर मुख्यालय रिपोर्ट भेजी जाती है। मुख्यालय की ओर से ही कर्मचारियों की तैनाती की जानी है। - केआर कौशल, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा डिपो ।
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