रामरहीम को फरलो: डेरामुखी ने पहले ही चिट्ठी में कर दिया था बाहर आने का इशारा, जानिए क्या लिखा था
चिट्ठी में लिखा था कि परमपिता परमात्मा ने चाहा तो हम जल्द ही आपके दर्शन करेंगे। अब 28 फरवरी को डेरे में गुरु गद्दी दिवस पर बड़ा आयोजन हो सकता है। फरलो मिलने के साथ ही पड़ोसी राज्यों में भी चुनावी हलचल बढ़ी है। डेरे में एक दिन पहले भी भाजपा के 8 उम्मीदवारों ने आकर हाजिरी लगाई थी।
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डेरामुखी गुरमीत सिंह को 21 दिन की फरलो मिल गई है। इसी के साथ ही सिरसा के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों पंजाब और यूपी में भी हलचल तेज हो गई है। सिरसा स्थित डेरे में डेरामुखी के स्वागत की तैयारियां जोरों से शुरू हो गई है। डेरामुखी ने 25 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम के लिए जो चिट्ठी लिखी थी, उसमें पहले ही स्पष्ट इशारा कर दिया था कि छुट्टी मिल सकती है। सोमवार को सिरसा डेरा से परिवार के सदस्य गुरुग्राम के लिए रवाना हो गए हैं।
सोमवार सुबह करीब 11 बजे सूचना आई कि डेरामुखी को 21 दिन की फरलो मिल गई है। इस सूचना के साथ ही डेरे में हलचल एकदम तेज हो गई। श्रद्धालुओं में खुशी थी और एकत्र भी होने लगे। तुरंत ही डेरा प्रबंधन को श्रद्धालुओं के लिए संदेश जारी करना पड़ा। सूचना आने के बाद डेरा मुखी के परिवार के सदस्य गुरुग्राम के लिए रवाना हो गए।
डेरा में चल रही नाम चर्चा। फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इनमें डेरा प्रमुख की पुत्रियां चरणप्रीत और अमरप्रीत के अलावा मुहंबोली बेटी हनीप्रीत शामिल थी। इसके अलावा बेटे जसमीत पहले ही गुरुग्राम जा चुके थे। डेरा सूत्र बताते हैं कि इसके अलावा परिवार के अन्य सदस्य भी रवाना हो गए हैं।
25 जनवरी के कार्यक्रम की चिट्ठी में दिया था इशारा, अब 28 फरवरी को कार्यक्रम की उम्मीद
डेरे में 25 जनवरी को बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान डेरामुखी ने जेल से श्रद्धालुओं के लिए चिट्ठी भेजी थी। जिसे कार्यक्रम में पढ़कर सुनाया गया था। इस चिट्ठी के अंत में डेरामुखी ने स्पष्ट तौर पर लिखा था कि परमपिता परमात्मा ने चाहा तो जल्द ही आपके दर्शन करेंगे। इस संदेश से इशारा किया था कि फरलो मिल सकती है। अब डेरे में 28 फरवरी को संत शाह सतनाम महाराज का गुरु गद्दी दिवस पर कार्यक्रम हो सकता है। ये हर वर्ष होता है, लेकिन इस बार उम्मीद है कि इसमें डेरामुखी श्रद्धालुओं से रू-ब-रू हो सकते हैं।
पंजाब और यूपी चुनाव की हलचल शुरू, आशीर्वाद के लिए आ रहे हैं उम्मीदवार
पंजाब और यूपी में डेरे का खासा प्रभाव है। बताया जा रहा है कि पंजाब के 23 जिलों में 300 बड़े डेरे हैं। इनका सीधा प्रभाव राजनीति में है। सूत्र बताते हैं कि डेरे का पंजाब के मालवा क्षेत्र की करीब 69 सीटों पर अच्छा प्रभाव है। इससे पहले डेरे की वर्ष 2007, 2012, 2017 के पंजाब चुनावों में सीधी भागीदारी रही थी।
2014 के लोकसभा चुनाव में भी प्रधानमंत्री ने स्वच्छता मिशन को लेकर समर्थन दिया थ। अभी एक दिन पहले ही डेरे मे पंजाब से 6 उम्मीदवार आए थे और अपनी हाजिरी लगाई थी। इसी प्रकार यूपी की राजनीति में भी डेरे का सीधा हस्तक्षेप है।