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Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Rain water from the grain market - water

बारिश से अनाज मंडी पानी-पानी

Sat, 17 May 2014 11:47 PM IST
sirsa
sirsa Updated Sat, 17 May 2014 11:47 PM IST
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क्षेत्र में शनिवार सुबह हुई जमकर बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। अनाज मंडी में पड़ा गेहूं जमकर भीगा। रही सही कसर बंद हुए सीवरेज ने पूरी कर दी। ओवरफ्लो होने से सीवरेज के गंदे पानी में हजारों बैग गेहूं डूब गया। अनाज मंडी के टूटे शेड से आए पानी ने हालात ओर भी खस्ता कर दिए।

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मजदूरों ने आढ़तियों पर बेगार करवाने का आरोप लगाते हुए कार्य बंद कर दिया। कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के सचिव ने इसके लिए हैफेड को जिम्मेदार ठहराया है। उधर, सीवरेज के गंदे पानी में गेहूं डूबने के मामले से पीछा छुड़वाने के लिए दो विभागों के कर्मचारी एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। शनिवार अल सुबह हुई बरसात से अनाज मंडी तथा बाहर सड़क पर पड़ा हजारों बैग गेहूं भीग गया।
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अनाज मंडी की सीवरेज व्यवस्था फेल होने से सीवरेज भी बरसाती पानी में डूब गए। सीवरेज ओवरफ्लो होने से गंदा पानी अनाज मंडी में फैल गया, जिससे हजारों बैग गेहूं सीवरेज के गंदे पानी में डूब गया। मंडी मजदूर दर्शन कुमार, खेमचंद, दीपा बागड़ी ने बताया कि कुछ दिन पहले बारिश आई थी। उस समय गेहूं के बैग भीगे थे। आढ़तियों के कहने पर उन्होंने बैग को उल्टा करके खड़ा किया। इस कार्य के बदले आढ़तियों ने उन्हें मजदूरी नहीं दी। अब दोबारा बारिश आई है। हजारों बैग गेहूं सीवरेज के गंदे पानी में डूब गया है। अब पुन: आढ़ती उनसे गंदे पानी में से माल उठवाने के लिए कह रहे हैं। लेकिन इस कार्य के बदले एक पाई भी नहीं दे रहे। मजबूरन उन्हें काम बंद करना पड़ा है।
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हैफेड जिम्मेदार : सचिव
कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के सचिव प्रेम गोयल ने बताया कि आढ़ती और मजदूरों में विवाद का कारण खरीद एजेंसी हैफेड है। असल में अब जो गेहूं मंडी में उठान की इंतजार में पड़ा है, वह गेहूं खरीद शुरू होने के समय का है। हैफेड की लापरवाही के चलते उठान न होने की सूरत में बार-बार भीग रहा है। इससे गेहूं की गुणवत्ता पर असर पड़ा लाजिमी है। उठान न होने से आढ़तियों को पेमेंट नहीं हो रही। उठान के बाद भी पेमेंट के चेक लिए हैफेड कर्मचारियों की जेबे गर्म करनी पड़ रही हैं। प्रशासन के पास सुनवाई न होने के कारण आढ़तियों की आवाज दब रही है।


आरोप निराधार : हैफेड
हैफेड प्रभारी छबील दास ने उपरोक्त आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि गीला हुआ गेहूं एकदम से नहीं उठाया जा सकता। सूखने के बाद ही इसका उठान किया जाएगा। उधर, मार्केट कमेटी सचिव सुभाष अरोड़ा ने बताया कि जन स्वास्थ्य विभाग डबवाली के डिस्पोजल ने पानी नहीं खींचा, जिसके कारण अनाज मंडी का पानी नहीं निकल पाया। कार्य बंद करके मजदूर आए थे। आढ़तियों और मजदूरों में सुलह के लिए बैठक कॉल की गई है। दूसरी ओर जन स्वास्थ्य विभाग के जेई सतपाल रोज ने बताया कि अनाज मंडी चौटाला रोड पर बने नए डिस्पोजल से जुड़ी हुई है। डिस्पोजल में कोई दिक्कत नहीं थी। अनाज मंडी के मेन हॉल पाइप की सफाई न होने की वजह से दिक्कत आई होगी। इसमें जन स्वास्थ्य विभाग का कोई कसूर नहीं। न ही अनाज मंडी की सीवरेज व्यवस्था विभाग के अधीन है।


फोटो विवरण:17एसआईआरपी23:24:25: डबवाली अनाजमंडी में बारिश से भीगा गेहूं।
फोटो विवरण:17एसआईआरपी26: डबवाली अनाजमंडी में ओवर फ्लो हुआ सीवर।

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