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राजस्थान नहर पार खेतों में जाने के लिए रेलिंग बनी सहारा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Aug 2021 11:21 PM IST
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Railing became a support to go across the Rajasthan canal to the fields
टूटे पुल पर धरना देते हुए ग्रामीण । - फोटो : Sirsa
गोरीवाला। गांव जंडवाला बिश्नोइयां के पास से गुजर रही राजस्थान कैनाल के पुल के निर्माण कार्य को लेकर पास के गांव के लोगों के लिए मुश्किलें पैदा कर रहा है। इसी को लेकर पास के गांव के लोगों ने नहर के पुल पर जाकर सांकेतिक धरना दिया। वहीं संबंधित अधिकारियों का कहना है कि पुल की सामग्री आने में अभी एक महीने का समय ओर लगेगा।
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ग्रामीण सुभाष थापन, विष्णुदत, राकेश परिहार, पंच कमलेश, विजयपाल, सीताराम, शेषकरण, ने बताया कि पिछले 40 दिनों से खंडित जंडवाला बिश्नोइयां राजस्थान कैनाल का पुल का निर्माण कार्य राजस्थान सरकार द्वारा करवाया जा रहा है। जिसमें पुल के पांच हिस्सों में से दो हिस्सों को उखाड़ा गया है। पुल उखाड़ने के 40 दिन उपरांत भी पुल के निर्माण कार्य में कोई तेजी नहीं लाई गई, जबकि जंडवाला बिश्नोइयां के साथ लगते गांव का आवागमन इसी पुल के रास्ते से होता है। वहीं नहर के पुल पर सांकेतिक धरना देते हुए ग्रामीणों ने बताया कि अगर इस पुल का सप्ताह भर में कोई समाधान नहीं किया गया तो वह रोड जाम करेंगे, जिसका प्रशासन जिम्मेदार होगा।
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खतरे के बावजूद भी पुल की रेलिंग के ऊपर से गुजरते है बच्चे
स्कूली बच्चे इसी नहर पुल के ऊपर से होकर गंगा गांव में पढ़ने के लिए जाते हैं। जिस दिन से पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। उस दिन से लेकर बच्चों को लगभग 15 किलोमीटर का रास्ता तय कर विद्यालय में पहुंचना पड़ रहा है। वहीं कई बार बच्चे जान जोखिम में डालकर पुल की रेलिंग के ऊपर से होकर गुजरते हैं। नहर के पानी का बहाव काफी ज्यादा है ग्रामीण व बच्चें जान जोखिम में डालकर इस रेलिंग के ऊपर से एक दिशा से दूसरी दिशा में आते-जाते रहते हैं।
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खेत जाने के लिए तय करनी पड़ती है अधिक दूरी
ग्रामीणों ने बताया कि उनके खेत नहर के पुल के पार हैं। जिस कारण उन्हें अपने खेतों में जाने के लिए 15 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। पशुओं के लिए चारा लाने में उन्हें काफी परेशानी होती है। साथ ही नहर के उस पार खेत में कोई सामान लेकर जाना हो तो करीब 15 किलोमीटर की दूरी तय कर दूसरी ओर जाना पड़ता है।

जिस आयरन सामग्री से पुल का निर्माण किया जाना था उस आयरन को जयपुर से मंगवाया गया है। जैसे ही सामग्री पहुंच जाएगी निर्माण कार्य को शुरू करवा दिया जाएगा। इसके लिए भी कम से कम महीने भर का समय लग सकता है।
-सुनील काजला, एसडीओ वाटर रिसोर्स नोर्थ डिवीजन गंगानगर।

पुल की रेलिंग से गुजरते हुए ग्रामीण । संवाद

पुल की रेलिंग से गुजरते हुए ग्रामीण । संवाद- फोटो : Sirsa

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