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Sirsa News: पैतृक गांव जाने पर पंजीकृत श्रमिकों को दिया जा रहा है रेल किराया
Tue, 24 Feb 2026 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 24 Feb 2026 11:38 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हरियाणा सरकार की ओर से श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए श्रम विभाग के माध्यम से अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। विभाग की ओर से पंजीकृत श्रमिकों को अपने पैतृक गांव जाने पर वास्तविक रेल किराये की प्रतिपूर्ति प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों को राहत देना और उन्हें अपने घर जाने में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
योजना के अनुसार, यदि किसी पंजीकृत श्रमिक का परिवार अपने गांव की यात्रा करता है, तो अधिकतम पांच सदस्यों तक के लिए वास्तविक किराये की भरपाई श्रम कल्याण बोर्ड की ओर से की जाती है। यह सुविधा रेल (द्वितीय श्रेणी)/ बस (साधारण) के वास्तविक किराये की भरपाई प्रतिपूर्ति बोर्ड द्वारा की जाती है।
इससे प्रवासी और दूर-दराज क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को विशेष लाभ मिलता है, जो त्योहारों या पारिवारिक आवश्यकताओं के दौरान अपने घर जाना चाहते हैं। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। श्रमिक का बोर्ड में कम से कम दो वर्ष का नियमित पंजीकरण होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, श्रमिक को अपना क्लेम फार्म विशेष 1 के साथ मूल यात्रा टिकट संलग्र करना आवश्यक है। बिना वैध टिकट और पहचान दस्तावेजों के प्रतिपूर्ति का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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संबंधित दस्तावेज की जांच उपरांत वास्तविक किराये की राशि श्रमिक के खाते में प्रदान की जाती है। यह योजना श्रमिकों के सामाजिक और पारिवारिक जीवन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सराहनीय पहल मानी जा रही है। इस प्रकार की योजनाएं न केवल श्रमिकों को आर्थिक सहारा देती हैं, बल्कि सरकार और श्रमिक वर्ग के बीच विश्वास को भी मजबूत करती हैं।
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सिरसा। हरियाणा सरकार की ओर से श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए श्रम विभाग के माध्यम से अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। विभाग की ओर से पंजीकृत श्रमिकों को अपने पैतृक गांव जाने पर वास्तविक रेल किराये की प्रतिपूर्ति प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों को राहत देना और उन्हें अपने घर जाने में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
योजना के अनुसार, यदि किसी पंजीकृत श्रमिक का परिवार अपने गांव की यात्रा करता है, तो अधिकतम पांच सदस्यों तक के लिए वास्तविक किराये की भरपाई श्रम कल्याण बोर्ड की ओर से की जाती है। यह सुविधा रेल (द्वितीय श्रेणी)/ बस (साधारण) के वास्तविक किराये की भरपाई प्रतिपूर्ति बोर्ड द्वारा की जाती है।
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इससे प्रवासी और दूर-दराज क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को विशेष लाभ मिलता है, जो त्योहारों या पारिवारिक आवश्यकताओं के दौरान अपने घर जाना चाहते हैं। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। श्रमिक का बोर्ड में कम से कम दो वर्ष का नियमित पंजीकरण होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, श्रमिक को अपना क्लेम फार्म विशेष 1 के साथ मूल यात्रा टिकट संलग्र करना आवश्यक है। बिना वैध टिकट और पहचान दस्तावेजों के प्रतिपूर्ति का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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संबंधित दस्तावेज की जांच उपरांत वास्तविक किराये की राशि श्रमिक के खाते में प्रदान की जाती है। यह योजना श्रमिकों के सामाजिक और पारिवारिक जीवन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सराहनीय पहल मानी जा रही है। इस प्रकार की योजनाएं न केवल श्रमिकों को आर्थिक सहारा देती हैं, बल्कि सरकार और श्रमिक वर्ग के बीच विश्वास को भी मजबूत करती हैं।