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गोवंश की दुर्दशा देख भड़के गोभक्त

Tue, 16 Sep 2014 12:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा Updated Tue, 16 Sep 2014 12:28 AM IST
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Raging see the plight of progeny Gobkt

हिंदपुत्र गोरक्षा दल की ओर से सरकारी जमीन पर बनाए बेसहारा गोवंश उपचार केंद्र में पशुओं की हालत देखकर सोमवार को संत गोपालदास और गो भक्तों का गुस्सा भड़क उठा।

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आक्रोशित गोपालदास ने उपचार केंद्र संचालकों से कहा कि इस जगह का क्या हाल बना रखा है। बता दें कि आश्रम में चारों तरफ पानी भरा हुआ था और बीमार पशु पानी के बीच में खड़े थे। यह देख गोपालदास और गो रक्षक भड़क गए।
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दरअसल संत गोपालदास सिरसा के लघु सचिवालय हिंदपुत्र गोरक्षा दल की ओर से बेसहारा पशुओं को सड़क से उठवाने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे 21 सदस्यों से मिलने आए थे और डीसी से मिलकर समस्या का ज्ञापन के माध्यम से समाधान चाहते थे।
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परंतु प्रशासन की ओर से जबरन उपचार केंद्र में से पशुओं को उठाने की खबर से सभी 21 सदस्य और गोपालदास और उनके समर्थक बेगू रोड स्थित बेसहारा उपचार केंद्र पहुंच गए।

मौके पर पहुंचे तहसीलदार

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपचार केंद्र में पहुंचे तहसीलदार एस बिशभनोई ने गोपालदास और उनके समर्थकों से बात की और कहा कि प्रशासन जबरन इन पशुओं को नहीं उठवा रहा है।

जो पशु बीमार है उनकों यहां से निकाला जा रहा है ताकि उनका इलाज हो सके। प्रशासन की ओर से इन पशुओं को गोशाला में शिफ्ट करवाकर इनका इलाज करवाया जाएगा। इस पर गोपालदास सहमत हो गए।

हाईटेक अस्पताल की मांग
संत गोपालदास ने सरकार से हर जिले में गोवंश के लिए हाईटेक असपताल की मांग की है। गोपालदास ने कहा कि जब मनुष्य के लिए हाईटेक अस्पताल खुल सकते हैं तो पशुओं के लिए क्यों नहीं।

पशु बेजबान होते हैं वे अपनी तकलीफ नहीं बता सकते। गायों ने सदियों से ही मनुष्यों की पीढ़ियों को अपने दूध से सींचा है। इस लिए यह सिर्फ मेरा कर्तव्य ही नहीं बल्कि सारे मनुष्यों का फर्ज बनता है कि वे गोवंश को बचाने के लिए आगे आए।


सरकार को प्रत्येक जिले में गोवंश के लिए हाईटेक अस्पताल खोलना चाहिए। इसके लिए वे संघर्ष करेंगे। पशुओं के लिए उस अस्पताल में मनुष्यों की तरह इमरजेंसी वार्ड हो और हर पशु का बकायदा पंजीकरण भी अस्पताल में होना चाहिए।

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