{"_id":"7018dee878889221562f1e01ebfffbf3","slug":"radium-coolar-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब, राजस्थान में पहुंची आवारा पशुओं को रेडियम कॉलर पहनाने की मुहिम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब, राजस्थान में पहुंची आवारा पशुओं को रेडियम कॉलर पहनाने की मुहिम
ब्यूराो/अमर उजला/सिरसा
Updated Sun, 13 Dec 2015 11:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आवारा पशुओं से हो रहे हादसों को रोकने के लिए पिछले तीन माह से प्रयास कर रहे एनजीओ अपने की मुहिम पंजाब तथा राजस्थान तक पहुंच गई है। एनजीओ ने घोषणा किया है कि जब तक आवारा पशुओं का स्थायी हल नहीं ढूंढ लिया जाता, तब तक प्रयास जारी रहेगा। हरियाणा, पंजाब तथा राजस्थान के त्रिवेणी इलाके डबवाली में आवारा पशुओं से हादसों में वृद्धि को देखते हुए करीब तीन माह पूर्व एनजीओ अपने ने अनोखी मुहिम शुरू की थी। एनजीओ सदस्यों ने आवारा पशुओं के सींगों पर रिफ्लेक्टर लगाने शुरू किए।
पशुओं ने अपनी हिंसक प्रवृत्ति के चलते रिफ्लेक्टर उतार दिए। दूसरे चरण में आवारा पशुओं के गलों में रिफ्लेक्टर कॉलर पहनाए गए। जिसका खासा प्रभाव दिख रहा है। कॉलर वाहन की मामूली सी रोशनी पड़ने पर चमक उठता है। ऐसे में वाहन चालक सतर्क हो जाता है, जिससे हादसे रुक जाते हैं।
शहर डबवाली में औसतन प्रतिदिन तीन से चार हादसे आवारा पशुओं के कारण होते थे। जब से अभियान चला है, हादसे ना के बराबर हो गए हैं। एनजीओ अपने के सहयोग से इस मुहिम को पंजाब के अबोहर, फिरोजपुर, जैतो मंडी, मलोट में भी चलाया जा रहा है। राजस्थान के भरतपुर तथा जिला हनुमानगढ़ की सामाजिक संस्थाएं एनजीओ के सहयोग से इस अभियान को गति दे रही हैं। डबवाली में इस अभियान की कमान एनजीओ अपने के सक्रिय सदस्य अंग्रेज सिंह सग्गू, इंद्र शर्मा, मनीराम शर्मा, खुशी मोहम्मद, सतपाल रोज, मनमोहन सिंह तथा संदीप कुमार संभाले हुए हैं। त्रिवेणी शहर के साथ लगते पंजाब की मंडी किलियांवाली में प्रत्येक रविवार को लगने वाली पशु मंडी अभियान में आड़े बनी हुई है। हर रविवार को आवारा पशु शहर में घुस जाते हैं।
विज्ञापन
ठंड में भी जोश
आवारा पशुओं के चलते हादसे में मारे गए हरियाणा पुलिस के जाबांज इंस्पेक्टर अनिल कुंडू तथा अन्य लोगों के बाद एनजीओ अपने ने इस मुहीम की शुरूआत की थी। कंपकंपाती ठंड में रात को एनजीओ सदस्य आवारा पशुओं को रेडियम कॉलर पहना रहे हैं। सदस्यों का जोश ठंड को फीका कर रहा है। अब तक सदस्य 500 से ज्यादा पशुओं को रेडियम कॉलर पहना चुके हैं।
प्रशासनिक अधिकारी थपथपा चुके हैं पीठ
जिला पुलिस कप्तान अश्विन शैणवी, डीएसपी डबवाली सत्यपाल तथा पूर्व एसडीएम सुरेश कस्वां अनोखी मुहिम चलाने के लिए एनजीओ अपने की पीठ थपथपा चुके हैं।
बिना सरकारी मदद चल रहा अभियान
एनजीओ अपने के अध्यक्ष मथरा दास चलाना ने बताया कि आवारा पशुओं को रिफ्लेक्टर लगाने का अभियान बिना सरकारी मदद के चल रहा है। पूरा खर्च एनजीओ सदस्य उठा रहे हैं। जब तक प्रशासन या सरकार आवारा पशुओं का स्थायी हल नहीं निकाल लेती, तब तक हादसे रोकने के लिए अस्थायी रूप से एनजीओ अपने का प्रयास जारी रहेगा।
धुंध को लेकर सड़क सुरक्षा की तैयारियां शुरू
भीषण सर्दी के चलते पड़ने वाली धुंध ने सड़क हादसों इजाफा कर दिया है। ऐसे में इससे बचने के लिए प्रशासन ने प्रशासन ने कमर कसनी शुरू कर दी है। शिक्षण संस्थानों में रोड सुरक्षा को लेकर प्रतियोगिताएं करवाई जा रही हैं। समाज सेवी संस्थाओं के सहयोग से आवारा सांड़ों के सींगों पर रेडियम टेप लगाई जा रही है। नेशनल हाइवे पर 16 दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान की गई हैं जहां पर साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। पुलिस के अलावा प्रशासन व समाज सेवी संस्थाएं अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने में जुटीं हैं।
हर वर्ष सर्दी में धुंध के चलते होने वाले सड़क हादसों से सबक लेकर प्रशासन ने सड़क सुरक्षा समिति के बैनर तले हादसों पर रोक लगाने के तमाम प्रकार के प्रयास शुरू कर दिए हैं। सभी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर 31 दिसंबर से पूर्व साइन बोर्ड लग जाएंगे ताकि वाहन चालकों को सचेत किया जा सके। नेशनल हाईवे के अलावा चार अन्य स्थानों की पहचान की गई है जहां पर दुर्घटनाएं अधिक होती हैं। इस कड़ी में सड़कों के बीच बने गड्ढों की मरम्मत की जाएगी। लाइटों को ठीक करवाने का काम शुरू हो गया है ताकि अंधेरे के कारण हादसों की संभावना न रहे। इसी कड़ी में पुलिस विभाग द्वारा विभिन्न शिक्षण संस्थानों में गोष्ठी आयोजित कर यातायात के नियमों का पाठ पढ़ाया जा रहा है। सभी स्कूलों में यातायात नियमों को लेकर प्रतियोगिताएं करवाई जा रही हैं ताकि जागरूकता बढ़ सके। एसडीएम परमजीत सिंह चहल ने बताया कि धुंध के चलते दृश्यता में कमी आ जाती है।
ऐसे में सावधान रहने की जरूरत है। हादसों में कमी लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा समिति में शामिल विभिन्न विभागों के अलावा रोड शेफ्टी संगठन भी इस कार्य में जुटा हुआ है। आवारा पशुओं के सींगों पर रेडियम टेप लगाई जा रही है ताकि रात को वाहन की लाइट पड़ने पर चालक को पहले से ही पता चल जाए कि आगे आवारा पशु खड़ा है। बता दें कि रात के अंधेरे में आवारा पशु दिखाई नहीं देते जिस कारण काफी हादसे होते हैं।
जिले में आवारा पशुओं से हुए हादसों में 40 से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं। शहर में अब तक डेढ़ सौ से अधिक आवारा पशुओं के सींगों पर रेडियम टेप लगाई जा चुकी है। इस कार्य में खासकर नगर परिषद के कर्मचारी अपना विशेष योगदान दे रहे हैं। इसी प्रकार डबवाली में भी समाज सेवी संस्था द्वारा आवारा पशुओं के सींगों पर रेडियम टेप लगाई जा रही है। डीएसपी मुख्यालय जगदीश काजला भी विभिन्न कार्यक्रमों में जाकर लोगों को यातायात नियमों की पलना करने का आह्वान कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन के अलावा सड़क सुरक्षा समिति भी इस कार्य में बढ़-चढ़कर भाग ले रही है।
समिति में संबंधित 18 विभागों को शामिल किया गया है ताकि वे अपने-अपने विभाग की ओर से सडक सुरक्षा को लेकर उचित कदम उठा सकें। मौसम के जानकारों के अनुसार एक सप्ताह बाद धुंध शुरू हो जाएगी जो जनवरी माह के अंत तक जारी रहेगी। इसी के मद्देनजर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है ताकि धुंध के कारण हादसे न हों। बता दें कि हर वर्ष धुंध में जागरूकता की कमी या लापरवाही के कारण अनेक हादसे हो जाते हैं जिसमें लोगों को अपनी जान से हाथ धोने पड़ते हैं।
विज्ञापन
पशुओं ने अपनी हिंसक प्रवृत्ति के चलते रिफ्लेक्टर उतार दिए। दूसरे चरण में आवारा पशुओं के गलों में रिफ्लेक्टर कॉलर पहनाए गए। जिसका खासा प्रभाव दिख रहा है। कॉलर वाहन की मामूली सी रोशनी पड़ने पर चमक उठता है। ऐसे में वाहन चालक सतर्क हो जाता है, जिससे हादसे रुक जाते हैं।
विज्ञापन
शहर डबवाली में औसतन प्रतिदिन तीन से चार हादसे आवारा पशुओं के कारण होते थे। जब से अभियान चला है, हादसे ना के बराबर हो गए हैं। एनजीओ अपने के सहयोग से इस मुहिम को पंजाब के अबोहर, फिरोजपुर, जैतो मंडी, मलोट में भी चलाया जा रहा है। राजस्थान के भरतपुर तथा जिला हनुमानगढ़ की सामाजिक संस्थाएं एनजीओ के सहयोग से इस अभियान को गति दे रही हैं। डबवाली में इस अभियान की कमान एनजीओ अपने के सक्रिय सदस्य अंग्रेज सिंह सग्गू, इंद्र शर्मा, मनीराम शर्मा, खुशी मोहम्मद, सतपाल रोज, मनमोहन सिंह तथा संदीप कुमार संभाले हुए हैं। त्रिवेणी शहर के साथ लगते पंजाब की मंडी किलियांवाली में प्रत्येक रविवार को लगने वाली पशु मंडी अभियान में आड़े बनी हुई है। हर रविवार को आवारा पशु शहर में घुस जाते हैं।
विज्ञापन
ठंड में भी जोश
आवारा पशुओं के चलते हादसे में मारे गए हरियाणा पुलिस के जाबांज इंस्पेक्टर अनिल कुंडू तथा अन्य लोगों के बाद एनजीओ अपने ने इस मुहीम की शुरूआत की थी। कंपकंपाती ठंड में रात को एनजीओ सदस्य आवारा पशुओं को रेडियम कॉलर पहना रहे हैं। सदस्यों का जोश ठंड को फीका कर रहा है। अब तक सदस्य 500 से ज्यादा पशुओं को रेडियम कॉलर पहना चुके हैं।
प्रशासनिक अधिकारी थपथपा चुके हैं पीठ
जिला पुलिस कप्तान अश्विन शैणवी, डीएसपी डबवाली सत्यपाल तथा पूर्व एसडीएम सुरेश कस्वां अनोखी मुहिम चलाने के लिए एनजीओ अपने की पीठ थपथपा चुके हैं।
बिना सरकारी मदद चल रहा अभियान
एनजीओ अपने के अध्यक्ष मथरा दास चलाना ने बताया कि आवारा पशुओं को रिफ्लेक्टर लगाने का अभियान बिना सरकारी मदद के चल रहा है। पूरा खर्च एनजीओ सदस्य उठा रहे हैं। जब तक प्रशासन या सरकार आवारा पशुओं का स्थायी हल नहीं निकाल लेती, तब तक हादसे रोकने के लिए अस्थायी रूप से एनजीओ अपने का प्रयास जारी रहेगा।
धुंध को लेकर सड़क सुरक्षा की तैयारियां शुरू
भीषण सर्दी के चलते पड़ने वाली धुंध ने सड़क हादसों इजाफा कर दिया है। ऐसे में इससे बचने के लिए प्रशासन ने प्रशासन ने कमर कसनी शुरू कर दी है। शिक्षण संस्थानों में रोड सुरक्षा को लेकर प्रतियोगिताएं करवाई जा रही हैं। समाज सेवी संस्थाओं के सहयोग से आवारा सांड़ों के सींगों पर रेडियम टेप लगाई जा रही है। नेशनल हाइवे पर 16 दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान की गई हैं जहां पर साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। पुलिस के अलावा प्रशासन व समाज सेवी संस्थाएं अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने में जुटीं हैं।
हर वर्ष सर्दी में धुंध के चलते होने वाले सड़क हादसों से सबक लेकर प्रशासन ने सड़क सुरक्षा समिति के बैनर तले हादसों पर रोक लगाने के तमाम प्रकार के प्रयास शुरू कर दिए हैं। सभी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर 31 दिसंबर से पूर्व साइन बोर्ड लग जाएंगे ताकि वाहन चालकों को सचेत किया जा सके। नेशनल हाईवे के अलावा चार अन्य स्थानों की पहचान की गई है जहां पर दुर्घटनाएं अधिक होती हैं। इस कड़ी में सड़कों के बीच बने गड्ढों की मरम्मत की जाएगी। लाइटों को ठीक करवाने का काम शुरू हो गया है ताकि अंधेरे के कारण हादसों की संभावना न रहे। इसी कड़ी में पुलिस विभाग द्वारा विभिन्न शिक्षण संस्थानों में गोष्ठी आयोजित कर यातायात के नियमों का पाठ पढ़ाया जा रहा है। सभी स्कूलों में यातायात नियमों को लेकर प्रतियोगिताएं करवाई जा रही हैं ताकि जागरूकता बढ़ सके। एसडीएम परमजीत सिंह चहल ने बताया कि धुंध के चलते दृश्यता में कमी आ जाती है।
ऐसे में सावधान रहने की जरूरत है। हादसों में कमी लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा समिति में शामिल विभिन्न विभागों के अलावा रोड शेफ्टी संगठन भी इस कार्य में जुटा हुआ है। आवारा पशुओं के सींगों पर रेडियम टेप लगाई जा रही है ताकि रात को वाहन की लाइट पड़ने पर चालक को पहले से ही पता चल जाए कि आगे आवारा पशु खड़ा है। बता दें कि रात के अंधेरे में आवारा पशु दिखाई नहीं देते जिस कारण काफी हादसे होते हैं।
जिले में आवारा पशुओं से हुए हादसों में 40 से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं। शहर में अब तक डेढ़ सौ से अधिक आवारा पशुओं के सींगों पर रेडियम टेप लगाई जा चुकी है। इस कार्य में खासकर नगर परिषद के कर्मचारी अपना विशेष योगदान दे रहे हैं। इसी प्रकार डबवाली में भी समाज सेवी संस्था द्वारा आवारा पशुओं के सींगों पर रेडियम टेप लगाई जा रही है। डीएसपी मुख्यालय जगदीश काजला भी विभिन्न कार्यक्रमों में जाकर लोगों को यातायात नियमों की पलना करने का आह्वान कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन के अलावा सड़क सुरक्षा समिति भी इस कार्य में बढ़-चढ़कर भाग ले रही है।
समिति में संबंधित 18 विभागों को शामिल किया गया है ताकि वे अपने-अपने विभाग की ओर से सडक सुरक्षा को लेकर उचित कदम उठा सकें। मौसम के जानकारों के अनुसार एक सप्ताह बाद धुंध शुरू हो जाएगी जो जनवरी माह के अंत तक जारी रहेगी। इसी के मद्देनजर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है ताकि धुंध के कारण हादसे न हों। बता दें कि हर वर्ष धुंध में जागरूकता की कमी या लापरवाही के कारण अनेक हादसे हो जाते हैं जिसमें लोगों को अपनी जान से हाथ धोने पड़ते हैं।